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लगाई लगाम.. अब चंडीगढ़ में रेमडेसिवर दवा की दुकान से नहीं मिलेगी, अस्पताल मुहैया करवाएगा
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चंडीगढ़। शहर में कोई भी प्राइवेट डिस्ट्रीब्यूटर या दवा के दुकानदार अब रेमडेसिविर इंजेक्शन की बिक्री नहीं कर सकेंगे। इसे अस्पताल ही मुहैया करवाएगा। लगातार बढ़ रही शिकायतों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने यह फैसला लिया है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया है। इसके अंतर्गत सरकारी के साथ ही शहर के प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति करेगा। उन्होंने बताया कि किस अस्पताल को इंजेक्शन के कितने डोज दिए जाने हैं, इसका निर्णय स्वास्थ्य विभाग ही लेगा। वही इंजेक्शन लेने वाले सरकारी और निजी अस्पताल या नर्सिंग होम को उसे किस मरीज को दिया गया, कब दिया गया और कितनी डोज दी गई , इसका पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। इसके अलावा अस्पताल संचालक को मरीज का नाम, मरीज का आधार कार्ड नंबर या कोई अन्य आईडी प्रूफ, मरीज को अस्पताल में इलाज के लिए कब भर्ती किया गया और इंजेक्शन के लिए किस डॉक्टर ने प्रिसक्रिप्शन लिखा है, उसका नाम रिकॉर्ड में रखना होगा।
बॉक्स
इमरजेंसी के लिए सिर्फ 6 डोज
डॉक्टर कंग ने बताया कि नए दिशानिर्देश के अनुसार निजी अस्पतालों को इमरजेंसी के लिए सिर्फ 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज रखने की अनुमति होगी। अगर अस्पताल उस डोज का इस्तेमाल इमरजेंसी में करता है तो उसका रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। इंजेक्शन संबंधी जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग में नोडल ऑफिसर तय कर दिया गया है, जो इंजेक्शन की आपूर्ति से लेकर उसके इस्तेमाल तक की पूरी जानकारी रखेगा।
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया है। इसके अंतर्गत सरकारी के साथ ही शहर के प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति करेगा। उन्होंने बताया कि किस अस्पताल को इंजेक्शन के कितने डोज दिए जाने हैं, इसका निर्णय स्वास्थ्य विभाग ही लेगा। वही इंजेक्शन लेने वाले सरकारी और निजी अस्पताल या नर्सिंग होम को उसे किस मरीज को दिया गया, कब दिया गया और कितनी डोज दी गई , इसका पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। इसके अलावा अस्पताल संचालक को मरीज का नाम, मरीज का आधार कार्ड नंबर या कोई अन्य आईडी प्रूफ, मरीज को अस्पताल में इलाज के लिए कब भर्ती किया गया और इंजेक्शन के लिए किस डॉक्टर ने प्रिसक्रिप्शन लिखा है, उसका नाम रिकॉर्ड में रखना होगा।
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इमरजेंसी के लिए सिर्फ 6 डोज
डॉक्टर कंग ने बताया कि नए दिशानिर्देश के अनुसार निजी अस्पतालों को इमरजेंसी के लिए सिर्फ 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज रखने की अनुमति होगी। अगर अस्पताल उस डोज का इस्तेमाल इमरजेंसी में करता है तो उसका रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। इंजेक्शन संबंधी जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग में नोडल ऑफिसर तय कर दिया गया है, जो इंजेक्शन की आपूर्ति से लेकर उसके इस्तेमाल तक की पूरी जानकारी रखेगा।
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