हरियाणा: जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक खत्म, 20 अप्रैल से होंगी शुरू, विदेश से लौटे 339 लोग भूमिगत
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हरियाणा में कोरोना महामारी के कारण जमीनों की रजिस्ट्री पर लगाई गई रोक सरकार ने हटा ली है। 20 अप्रैल से जमीनों की रजिस्ट्री करा सकेंगे। बंद के दौरान रजिस्ट्रेशन की मंजूरी से जहां जनता को बड़ी राहत मिली है, वहीं वित्तीय संकट से जूझ रही सरकार को राजस्व भी मिलेगा। कोरोना से बंद के पहले तक ई-अपॉइंटमेंट के जरिये रोजाना 60 रजिस्ट्री की मंजूरी थी, जिसे कम कर 30 कर दिया गया है।
इसमें से पचास फीसदी रजिस्ट्री की अनुमति ऑनलाइन ई-अपॉइंटमेंट मिलने पर होंगी और पचास प्रतिशत तहसील, सब तहसील कार्यालय से समय मिलने पर की जाएंगी। किसी भी ब्लॉक में 10 मिनट में 5 से ज्यादा ई-अपॉइंटमेंट नहीं मिलेगी। पुरानी सभी अपॉइंटमेंट रद्द कर दी गई हैं। रजिस्ट्री कराने वालों को नए सिरे से अपॉइंटमेंट के लिए आवेदन करना होगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों व डीसी को निर्देश जारी कर दिए हैं। तहसील व सब तहसील में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। तहसील व सब तहसील पर पुलिस के उचित प्रबंध होंगे। एक समय पर एक ही रजिस्ट्री से संबंधित लोग मौजूद रहेंगे। जमीनों के इंतकाल भी हो सकेंगे। मकान के लिए एससी-बीसी के सर्टिफिकेट बनाने व शपथ पत्र जारी करने की भी मंजूरी रहेगी।
सभी विभागों में काम करेगा 33 फीसदी स्टाफ
वित्तायुक्त के नाते राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी पब्लिक डीलिंग वाले विभागों को 33 फीसदी स्टाफ के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। ए, बी श्रेणी के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे। कर्मचारियों से रोटेशन आधार पर काम लिया जाएगा। इन निर्देशों के बाद कई विभागों ने पहले चरण के लिए 33 फीसदी स्टाफ की सूची तय कर सूचना संबंधित कर्मियों को भेज दी है।
विदेश से लौटे 339 लोग भूमिगत, पुलिस को भी नहीं मिल रहे
कोरोना से जंग के बीच 339 लोग विदेश से लौटने के बाद हरियाणा में भूमिगत हो गए हैं। पुलिस अभी तक इनका सुराग लगाने में नाकाम रही है। इसे देखते हुए गृह मंत्री अनिल विज ने अब एसपी को हर हाल में इन्हें ढूंढने के निर्देश दिए हैं। सरकार को यह भी आशंका है कि इनमें से कुछ ने हरियाणा से फर्जी पासपोर्ट बनाए हों।
पहले यह सूचना थी कि 200 लोग भूमिगत हुए हैं। मगर जिला वार डाटा सामने आने पर इनका आंकड़ा 339 तक जा पहुंचा है। सबसे ज्यादा 185 लोग पानीपत जिले के भूमिगत हैं। इनके न मिलने पर सरकार ने केंद्र सरकार को भी सूचित कर दिया है। गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि विदेश से लौटकर छिपे हुए लोगों का पता लगा रहे हैं। कुछ ने गलत पते पर पासपोर्ट बनाए हैं। सबको ढूंढने का काम चल रहा है।