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पुलिस कंपलेंट अथॉरिटी का पुनर्गठन

Sat, 09 Nov 2013 04:15 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 09 Nov 2013 04:15 PM IST
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Reconstitution of Police complaint authority
पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर विवादों में रही पुलिस कंपलेंट अथॉरिटी (पीसीए) का पुनर्गठन कर दिया गया है।
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प्रशासक शिवराज पाटिल की मंजूरी के बाद यूटी प्रशासन ने पूर्व प्रशासक के सलाहकार और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी प्रदीप मेहरा को चेयरमैन नियुक्त किया है।

इस संबंध में शुक्रवार को प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर दी। उनके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व डीजीजी व रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव और जोया आर शर्मा को पीसीए का सदस्य नियुक्त किया है। शर्मा समाज सेविका हैं।
 
पीसीए का तीन साल का कार्यकाल 29 सितंबर को खत्म हो गया था। प्रशासन पीसीए को पुनर्गठित करने में विलंब कर रहा था।

हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 9 अक्तूबर को प्रशासन को एक माह में नए सदस्य नियुक्त करने या या पूर्व सदस्यों के कार्यकाल में बढ़ोतरी करने के आदेश दिए थे।
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हाईकोर्ट द्वारा दी गई एक महीने की समय सीमा शनिवार को खत्म हो रही है। प्रशासन ने इस सीमा के खत्म होने से एक दिन पहले नई पीसीए का गठन कर दिया।

तीन साल पहले गठित हुए पीसीए के चेयरमैन न्यायमूर्ति एनके अग्रवाल थे जबकि रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी कंवलजीत सिंह और जॉयश्री लोबो पीसीए के सदस्य थे।

अधिकार से बाहर जाकर काम करने का लगा था आरोप
चंडीगढ़ में पुलिस कंपलेंट अथॉरिटी का गठन 23 जून, 2010 को जारी अधिसूचना के तहत हुआ था। इन तीन सालों में पीसीए के पास पुलिस कर्मियों के खिलाफ आम लोगों की कई शिकायतें पहुंचीं थीं जिनका पीसीए ने निपटारा भी किया है।
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पीसीए के सदस्य सप्ताह में तीन दिन सेक्टर-9 स्थित कार्यालय में बैठते हैं। इस साल मई तक 25 पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। सितंबर, 2010 से दिसंबर 2012 तक पीसीए ने लगभग 100 पुलिस कर्मियों को निलंबित करने, तबादला करने या चेतावनी देने की सिफारिश की थी।


पीसीए के फैसलों पर प्रशासन के अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। प्रशासन के अधिकारियों का मानना था कि पीसीए अपने अधिकारों से बाहर जाकर काम कर रही है।

हाल ही में प्रशासन ने एमएचए को पत्र भेजकर पूछा था कि पीसीए को किस तरह से कामकाज करना है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में पीसीए के गठन के संबंध में एसएलपी दायर करने की मंजूरी भी मांगी थी।

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