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राजनीति में मिली पीएचडी, अब किसान और अर्थशास्त्र पर करूंगा शोध : पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी

Sun, 21 May 2023 02:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 21 May 2023 02:03 AM IST
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Received PhD in politics, will now do research on farmers and economics: Former Chief Minister Channi
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के 70वीं कन्वोकेशन के दौरान शनिवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पीएचडी की डिग्री से सम्मानित किया गया। कांग्रेस नेता चन्नी ने पीयू से राजनीति विज्ञान में एमए की थी और इसी विषय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर इमैनुअल नाहर के निर्देशन में पीएचडी पूरी की है। चन्नी ने कहा कि पीयू प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी है, यहां से पीएचडी की डिग्री लेना गौरव का पल है। पूर्व सीएम का पीएचडी के शोध कार्य का विषय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन, वर्ष 2004 से इलेक्टोरल स्ट्रैटेजी था। चन्नी ने कहा, ‘मुझे आज पीएचडी की डिग्री मिली है और शुक्रवार रात को ही मैंने अर्थशास्त्र की किताबें खरीदी हैं।’ उन्होंने कहा कि पंजाब में खेती आधारित आमदनी में कमी आ रही है। अब वह किसान और अर्थशास्त्र पर शोध करेंगे।
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मुख्यमंत्री रहते हुए पीएचडी पर काम करने के बारे में बताया कि लगन होनी चाहिए, समय निकल जाता है। पीएचडी के विषय पर बताया कि भारत लोकतांत्रिक देश है, लोकतंत्र में विपक्षी और रीजनल पार्टी का रहना जरूरी है। कांग्रेस का पतन देश के लिए अच्छे संकेत नहीं है। इसलिए मैंने इस विषय पर काम किया है ताकि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने पर काम किया जा सके। पीएचडी थिसिस में फाइंडिंग और सजेशन दोनों है। इसमें वर्ष 2004 से 2022 तक कांग्रेस की स्थिति के साथ, कांग्रेस के जन्म को भी शामिल किया गया है। कहां कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता से पीछे हटी, आज क्या स्थिति है, महिलाएं, युवाओं को लेकर क्या काम किया, क्या कमियां रही इत्यादि विषयों पर काम किया है। अपनी ही पार्टी पर शोध और डाटा एकत्रित करने में व्यक्तिगत काफी सीख रही, इसका समाज को फायदा होगा। राजनीति की बेहतरीन जानकारी मिली।
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पीएचडी के दौरान दोस्ती, फिर शादी और अब एक साथ ली डिग्री
पीयू के स्टैटिक्स विभाग से पीएचडी करने वाले जतेश कुमार और अंग्रेजी विभाग से पीएचडी करने वाली पत्नी अमनदीप कौर ने शनिवार को एक साथ पीएचडी की डिग्री हासिल की। जतेश ने वर्ष 2015 और अमनदीप ने वर्ष 2013 में पीयू में पीएचडी में एनरोलमेंट करवाई थी। दोनों के विभाग अलग थे, दोस्तों की मदद से एक-दूसरे के संपर्क में आए, दोस्ती हुई और वर्ष 2020 में पीएचडी के दौरान ही दोनों ने शादी करने का मन बनाया। अमनदीप सिख और जतेश हिंदू परिवार से आते हैं। दोनों ने एक-दूसरे के परिवार को मनाया, शुरुआती मुश्किलों के बाद शादी हुई। दोनों ने बताया कि हमने कोशिश एक साथ पीएचडी जमा हो जाए, इसके लिए खूब भागदौड़ की, क्योंकि हम एक साथ डिग्री लेना चाहते थे।
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शादी के बाद पती-पत्नी ने बनाया पीएचडी का मन और अब साथ ली डिग्री
पंजाब यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग से पीएचडी करने वाले असिम वशिष्ठ और कैमिस्ट्री विभाग से पीएचडी करने वाली देविका वशिष्ठ ने शादी के बाद पीएचडी करने का मन बनाया, अब दोनों पति-पत्नी ने एक साथ पीएचडी की डिग्री ली हैं। शादी के बाद असिम ने गेट के जरिए वर्ष 2016 में पीएचडी और देविका ने नेट के जरिए वर्ष 2017 में पीएचडी में दाखिला लिया। दोनों पति-पत्नी फिलहाल में चंडीगढ़ में ही नौकरी कर रहे हैं।

57 वर्षीय संजय ने पीएचडी के लिए 1,470 किमी का सफर किया तय
57 वर्षीय संजय येवले, पेशे से शिक्षक हैं। पीयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से शनिवार को पीएचडी की डिग्री हासिल की हैं। संजय येवले नासिक में नौकरी करते हैं। पीयू के तहत आने वाले निट्टर के पहले सिविल इंजीनियरिंग बैच वर्ष 2002 में सिविल इंजीनियरिंग में एमटेक की थी। इसके बाद वर्ष 2013 में 46 वर्ष की उम्र में सिविल में ही पीएचडी करने का मन बनाया। उन्होंने निट्टर के डॉ संजय शर्मा के निर्देशन में पीएचडी पूरी की। संजय येवले ने बताया कि छुट्टियों का सारा समय पीएचडी के कार्य को देते थे। इसके लिए नासिक से चंडीगढ़ 1470 किमी दूर काम के लिए सफर तय करते थे।


घरेलू हिंसा से जीती जंग, सिंगल मां रिचा ने पहले नौकरी हासिल की, अब पीएचडी डिग्री
पीयू के एसी जोशी लाइब्रेरी में कार्यरत डॉ. रिचा ने शनिवार को पीएचडी डिग्री हासिल की। रिचा शादी के बाद घरेलू हिंसा का शिकार हो गई थी और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था, उस दौरान उनका बच्चा एक साल का ही था। कठिन हालातों में वे अस्पताल में भी भर्ती रहीं। इसके बाद परिवार के सहयोग से उन्होंने नौकरी करने का सोचा और बच्चे की परवरिश हाथ में ली। लाइब्रेरी में नौकरी करते हुए उन्होंने आगे पढ़ने का मन बनाया और एमबीए ह्यूमन रिसोर्स की। इसके बाद लाइब्रेरी इंर्फोमेशन विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार के नेतृत्व में पीएचडी पूरी की। रिचा ने बताया कि मेहनत और बेहतर शिक्षा के जरिए ही अपनी समस्याओं को हम दूर कर सकते हैं।
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