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शिअद में बगावत के आसार, नया अकाली दल गठित होने के समीकरण बन रहे हैं

Fri, 05 May 2017 03:14 PM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 05 May 2017 03:14 PM IST
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rebellion in shiromani akali dal, problem may be for parkash singh badal and sukhbir badal
CM Parkash singh badal & Sukhbir singh badal - फोटो : File Photo
पंजाब चुनाव में हारी शिअद में बगावत के आसार नजर आ रहे हैं, वहीं नया अकाली दल गठित होने की रणनीति पर भी काम हो रहा है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की ओर से पार्टी संगठन के पुनर्गठन का एलान करते हुए वर्तमान ढांचे को भंग कर दिया है। हालांकि सुखबीर का अपने इस फैसले के बारे में कहना है कि वे पार्टी को और मजबूत बनाने और पार्टी के मेहनती नेताओं-वर्करों को अधिक जिम्मेवारी देने के उद्देश्य से पार्टी संगठन का पुनर्गठन कर रहे हैं।
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दूसरी ओर, संकेत मिले हैं कि शिअद के कई असंतुष्ट नेता पंथक नेताओं के साथ मिलकर अलग से नया अकाली दल गठित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। असंतुष्ट नेता अपनी रणनीति में कामयाब रहे तो शिअद संगठन के लिए चुनावी हार के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा झटका होगा। पंजाब में 10 साल तक सत्ता सुख भोग चुके अकाली दल में सत्ता से बाहर होने के मात्र दो माह में ही बेचैनी फैलने लगी है।
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पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जहां सूबे की नई सरकार के कार्यकलाप पर नजर रखकर रणनीति बनाने में व्यस्त है, वहीं पार्टी के भीतर कई नेता बगावत की तैयारी करने लगे हैं। माना जा रहा है कि सत्ता पर काबिज रहते हुए यह असंतुष्ट नेता बादल पिता-पुत्र के फैसलों पर खामोशी साधे रहे, लेकिन अब वे पार्टी नेतृत्व में बदलाव या पार्टी से अलग अपना अकाली दल बनाने की तैयारी में हैं।
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संगठन ढांचे को भंग करने के एलान ने अटकलों को तेज कर दिया

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पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार, बीते सप्ताह शिअद के असंतुष्ट नेताओं की गरम ख्याली पंथक नेताओं के साथ बैठक हुई, जिसमें नया अकाली दल गठित करने और पंथक नीतियों को आगे लाने पर विचार किया गया। हालांकि बैठक में शामिल नेता अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। वीरवार को सुखबीर बादल की ओर से अचानक पार्टी संगठन ढांचे को भंग करने के एलान ने इस अटकलों को तेज कर दिया है कि शिअद नेतृत्व पार्टी में किसी भी तरह की बगावत से निपटने के लिए लामबंद हो रहा है।

वीरवार को पार्टी संगठन के पुनर्गठन संबंधी बयान जारी करते हुए शिअद सचिव एवं प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने साफ कर दिया है कि पार्टी के ऐसे किसी भी नेता को संगठन में स्थान नहीं मिलेगा जिसने किसी भी स्तर पर पार्टी का विरोध किया हो। जिन नेताओं के खिलाफ पार्टी के विरोध के गंभीर दोष साबित होंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुखबीर ने सीनियर नेताओं को सौंपा जिलों में संपर्क का जिम्मा

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लंबी के गांव रानीवाला में बादल का दौरा - फोटो : अमर उजाला
वीरवार को जारी बयान में शिअद सचिव व प्रवक्ता डा. चीमा ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद विभिन्न स्तरों पर सुखबीर बादल ने विचार-विमर्श किया। इसके बाद पार्टी के प्रधान ने यह महसूस किया है कि आने वाले समय में पार्टी को और मजबूत करने के लिए निचले स्तर से ऊपरी स्तर तक नए सिरे से जिम्मेवारियों का बंटवारा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन ढांचे के बदलाव में इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा कि जहां पार्टी के पुराने टकसाली और मेहनती वर्करों को अधिक सम्मान मिले।

वहीं, उन युवाओं, औरतों और विभिन्न वर्गों के नेताओं (जिन्होंने पार्टी की हर मुहिम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है) को भी पार्टी में बेहतर स्थान दिया जाए। उन्होंने बताया कि पार्टी प्रधान द्वारा कुछ सीनियर नेताओं की जोन बनाकर ड्यूटी लगाई जा रही, जो एक माह में सूबे के सभी जिलों में जाकर बैठकें कर पार्टी के लिए अच्छा काम करने वाले नेताओं की सूचियां तैयार करेंगे। इसके साथ ही डॉ. चीमा ने कहा कि सुखबीर बादल ने जिन सीनियर नेताओं की जोन वाइज ड्यूटी लगाई है, उनमें जत्थेदार तोता सिंह को जिला लुधियाना शहरी व देहाती और कपूरथला, अजीत सिंह कोहाड़ को अमृतसर शहरी व देहाती और तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट, डा. दलजीत सिंह चीमा को जालंधर, होशियारपुर और नवांशहर, शरणजीत सिंह ढिल्लों को रोपड़, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और मोगा, गुलजार सिंह रणिके को बठिंडा और श्री मुक्तसर साहिब, सिकंदर सिंह मलूका को संगरूर और बरनाला, परमिंदर सिंह ढींढसा को पटियाला व मानसा, प्रो. विरसा सिंह वल्टोहा को फिरोजपुर, फरीदकोट व फाजिल्का में ड्यूटी लगाई गई है।
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