{"_id":"64457595e0a4e31983031865","slug":"read-the-complete-events-before-amritpal-singh-arrest-2023-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amritpal Singh: यह गिरफ्तारी नहीं शुरुआत है....शिकंजे में आने से पहले अमृतपाल लाउडस्पीकर से क्या-क्या बोला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amritpal Singh: यह गिरफ्तारी नहीं शुरुआत है....शिकंजे में आने से पहले अमृतपाल लाउडस्पीकर से क्या-क्या बोला
Mon, 24 Apr 2023 10:09 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 24 Apr 2023 10:09 AM IST
सार
रोडे गांव के गुरुद्वारे में अमृतपाल द्वारा रविवार सुबह गिरफ्तारी से पहले जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर के सामने बैठकर की गई अरदास को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सिख धर्म की परंपराओं और मर्यादाओं के अनुसार गुरु के सिख केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब और 10 गुरुओं के समक्ष ही नतमस्तक होते हैं।
विज्ञापन
Amritpal Singh News:
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खालिस्तान समर्थक और अजनाला थाने पर हमले के आरोपी अमृतपाल सिंह को 36 दिन बाद पंजाब पुलिस ने रविवार सुबह करीब पौने सात बजे मोगा में जरनैल सिंह भिंडरांवाले के गांव रोडे से गिरफ्तार कर लिया। वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल 18 मार्च से फरार था। उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) समेत आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। अब वह असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में बंद है।
विज्ञापन
रात को ही गुरुद्वारे में पहुंचा था अमृतपाल
रोडे गांव के गुरुद्वारे के ग्रंथी ने पुलिस को बताया कि अमृतपाल रात को वहां पहुंचा था। उसने बताया था कि वह गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद पुलिस के समक्ष सरेंडर कर देगा। सुबह वह पांच ककार के साथ तैयार हुआ और जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर के आगे बैठकर अरदास की। बाद में अमृतपाल ने गुरुद्वारे के लाउडस्पीकर से संगत को संबोधित किया और कहा कि वह गिरफ्तारी दे रहा है लेकिन यह गिरफ्तारी नहीं है बल्कि शुरुआत है।
विज्ञापन
बड़े गुरुद्वारे में सरेंडर करने का प्लान हुआ फेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस के बचते फिर रहे अमृतपाल की योजना थी कि वह सूबे के किसी बड़े गुरुद्वारे अथवा तख्त साहिब में संगत की भारी मौजूदगी में आत्मसमर्पण करे लेकिन उसे किसी भी गुरुद्वारे में शरण नहीं मिली और इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी उसे कोई सहयोग नहीं दिया।
विज्ञापन
आखिरकार अमृतपाल ने रोडे गांव के गुरुद्वारा साहिब को चुना, जहां आत्मसमर्पण के लिए उसने भिंडरावाला के भतीजे जसबीर सिंह रोडे की मदद से योजना बनाई थी। इस योजना के तहत भी रविवार दोपहर को समर्थकों की भारी तदाद के बीच अमृतपाल, भिंडरांवाले जैसे लिबास में आत्मसमर्पण करना चाहता था लेकिन पुलिस ने उसे सुबह ही गिरफ्तार कर लिया।
भिंडरांवाले के चित्र के सामने अरदास से उठा सवाल
रोडे गांव के गुरुद्वारे में अमृतपाल द्वारा रविवार सुबह गिरफ्तारी से पहले जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर के सामने बैठकर की गई अरदास को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सिख धर्म की परंपराओं और मर्यादाओं के अनुसार गुरु के सिख केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब और 10 गुरुओं के समक्ष ही नतमस्तक होते हैं और उन्हीं के सामने अरदास करते हैं। कुछ सिख विद्वानों का कहना है कि गुरुद्वारा जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रकाशमान हैं, वहां पवित्र ग्रंथ को छोड़कर किसी के सामने अरदास में बैठना सही नहीं है।