चंडीगढ़ : टीकाकरण पर कोरोना वॉरियर्स बोले- हम सुरक्षित रहेंगे तभी रख सकेंगे पूरे शहर का ख्याल
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देशभर में कोरोना का टीका मुफ्त में लगाए जाने के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन के बयान का फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स ने स्वागत किया है। खास बात यह है कि पहले चरण में तीन करोड़ फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स का टीकाकरण किया जाएगा। इनमें स्वास्थ्य कर्मचारी, सफाईकर्मी और पुलिसकर्मी शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के एलान के बाद अमर उजाला ने शनिवार को शहर के फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स से बात कर सरकार के फैसले पर उनकी राय जानी। ज्यादातर कर्मचारियों ने कहा कि सरकार का यह फैसला फ्रंटलाइन वॉरियर्स के हौसले को और बढ़ाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स सुरक्षित रहेंगे तो उनके पीछे खड़े लोगों को भी सुरक्षा मिलेगी। किसी तरह की कोई समस्या होगी तो फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स उसे बेहतर तरीके से समझ सकेंगे इसलिए सरकार का यह निर्णय सराहनीय है।
टीकाकरण अभियान को मिलेगी रफ्तार
कोरोना टीकाकरण अभियान के पहले चरण में फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स के टीकाकरण का फैसला बिल्कुल सही है। टीकाकरण के दौरान अगर किसी तरह की कोई परेशानी आई तो उसे स्वास्थ्य कर्मचारी ज्यादा अच्छे से समझ पाएंगे, जबकि आम जनता के साथ ऐसा होना शायद संभव नहीं। इसके साथ ही यह सबसे जरूरी है कि फ्रंटलाइन हेल्थ केयर वर्कर्स ज्यादा सुरक्षित हों तभी सभी सुरक्षित रह पाएंगे। -डॉ. भारती जोशी, कोविड नोडल ऑफिसर स्त्री एवं प्रसूति रोग, पीजीआई।
अब दोगुनी ऊर्जा से करेंगे काम
स्वास्थ्य कर्मचारियों को पहले टीका लगाने के निर्णय से हम काफी खुश हैं। ऐसा होने पर स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना से सुरक्षित होने के बाद दोगुनी ऊर्जा से महामारी से मुकाबला करने के लिए आगे आएंगे। मेरा मानना है कि जब स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे तभी जनता को भी बचाने में मदद कर सकेंगे। अगर फ्रंटलाइन पर काम करने वाली टीम ही कमजोर पड़ गई तो फिर सफलता की उम्मीद कैसे की जाएगी। ऐसे में यह फैसला सराहनीय है। - कुमोद यादव, नर्सिंग ऑफिसर, जीएमसीएच-32।
सरकार की ओर से लगातार प्रोत्साहन मिला
शहर में सफाई व्यवस्था का काम देखना हमारी जिम्मेदारी है लेकिन कोरोना महामारी के दौरान फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स ने जो साहस दिखाया और सरकार की ओर से जो प्रोत्साहन मिला, वह हमारा जज्बा बढ़ाने वाला था। अब जब वैक्सीन की बारी आई तब भी सरकार ने फ्रंटलाइन कोरोना योद्धाओं को पहले चुना है। यह एक बेहतर फैसला है। - गोपाल सिंह रावत, सफाईकर्मी।
सरकार के इस फैसले से बढ़ गया है साहस
सरकार ने फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स को सबसे पहले नि:शुल्क वैक्सीन लगाने का फैसला लिया है। यह फैसला कर्मचारियों का साहस बढ़ा रहा है। काम करने का जज्बा और बढ़ता जा रहा है। डॉक्टर, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, आर्मी और अन्य फ्रंटलाइन वॉरियर्स सुरक्षित रहेंगे तभी यह मजबूत चेन कोरोना की चेन को तोड़ेगी। इस फैसले से देश के कर्मचारी और मजबूती के साथ काम करेंगे। - सरबजीत सिंह, सफाई कर्मचारी।
टीकाकरण से पुलिसकर्मियों का बढ़ेगा हौसला
कोरोना काल में पुलिसकर्मी रात-दिन ड्यूटी पर डटकर कई लोगों के लिए मसीहा बने रहे। टीकाकरण अभियान में फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स को सबसे पहले टीका लगाने के निर्णय से पुलिसकर्मियों का हौसला बुलंद होगा। फ्रंटलाइन वॉरियर्स के तहत सुरक्षाकर्मियों को वैक्सीन लगाने फैसला सराहनीय है। क्योंकि फ्रंट लाइन वॉरियर्स को पता है कि किसी समस्या से कैसे आसानी से निपटा जा सकता है। - मनोज कुमार मीणा, एसपी व कोविड नोडल ऑफिसर पुलिस विभाग।
फ्रंटलाइन के साथ उन्हें भी टीका लगे जो दिक्कत झेल रहे
नौ महीने पहले जो हालात थे, वह ऐसे थे जहां बिना किसी ट्रेनिंग के बस काम मे जुट जाना था। कई पुलिसकर्मी तो ऐसे थे जो दिन रात ड्यूटी पर डटे रहते थे। लोगों को जरूरत का सामान पहुंचाने से लेकर सामाजिक दूरी के नियम का पालन करवाने का सारा जिम्मा पुलिस पर ही था। टीकाकरण अभियान में फ्रंटलाइन पुलिसकर्मियों को सबसे पहले टीका लगाने का निर्णय बिल्कुल सही है। फ्रंटलाइन वॉरियर्स के साथ उन लोगों को भी टीका लगना चाहिए जो सबसे ज्यादा दिक्कत महसूस कर रहे हैं। - सरिता राय, उप निरीक्षक, यूटी पुलिस।