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Chandigarh News: सामुदायिक केंद्रों के रेट बढ़े, पार्षद साल में 20 बार कर सकेंगे मुफ्त बुकिंग की सिफारिश

Wed, 30 Jul 2025 12:10 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:10 AM IST
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Rates of community centers increased, councilors will be able to recommend free booking 20 times a year
चंडीगढ़। नगर निगम सदन ने सामुदायिक केंद्रों के किराए में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सदन में पारित प्रस्ताव के मुताबिक अब ए श्रेणी के सामुदायिक केंद्र का किराया तीन हजार, बी श्रेणी का दो हजार और सी श्रेणी का 1000 रुपये देना होगा। इसके साथ प्रस्ताव में यह भी तय हुआ कि मौजूदा और प्रस्तावित दरों में जो भी कम होगी, उसे लागू किया जाएगा। नए रेट चार अगस्त से लागू होंगे। शहर में कुल 51 सामुदायिक केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें से 11 ए, 24 बी और 16 सी श्रेणी में आते हैं। मंगलवार को सदन में 50 केंद्रों की बुकिंग दरें बढ़ाने और एक की दर घटाने का प्रस्ताव रखा गया।
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सदन में पार्षदों ने मुद्दा उठाया कि गरीब और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग निशुल्क नहीं मिल रही है जबकि इसे लागू किया जाना चाहिए। पार्षद तरुणा मेहता और सौरभ जोशी ने कहा कि मुफ्त बुकिंग केवल बीपीएल कार्ड धारकों को दी जा रही है जबकि चंडीगढ़ में इस श्रेणी के लोग बहुत कम हैं। लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग पार्षद की सिफारिश पर मुफ्त बुकिंग करा सकेंगे। एक पार्षद साल में 20 बार सामुदायिक केंद्र की मुफ्त बुकिंग की सिफारिश कर सकता है। पार्षद अपने स्थान पर एक अन्य व्यक्ति को अधिकृत कर सकता है, जिसके हस्ताक्षर से हॉल बुक किए जाएंगे। सामुदायिक केंद्र की बुकिंग तीन महीने पहले की जा सकती है।
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना के अंतर्गत आने वाले परिवार जिनकी वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये से कम है, उनके लिए भी सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग मुफ्त होगी। इसके अलावा शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के लिए भी सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग मुफ्त में होगी।
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1000 रुपये होगा सदस्यता शुल्क
सामुदायिक केंद्रों का वार्षिक सदस्यता शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। ए, बी और सी कैटेगरी के केंद्रों में सामान्य नागरिकों को 1000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों को 500 रुपये सालाना शुल्क देना होगा। वहीं, ईडब्ल्यूएस कॉलोनियों और गांवों में स्थित सामुदायिक केंद्रों के लिए सामान्य नागरिकों के लिए 500 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह शुल्क 250 रुपये तय किया गया है। अब सामुदायिक केंद्रों में पीपीपी मॉडल के तहत जिम का संचालन किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित वार्ड के पार्षद की सहमति अनिवार्य होगी। यदि कोई पार्षद आपत्ति करता है तो उस क्षेत्र के सामुदायिक केंद्र में जिम नहीं खोला जाएगा। जिम की फीस भी तय कर दी गई है। सदस्यों को तीन महीने के लिए 750 रुपये देने होंगे जबकि गैर-सदस्य को प्रतिमाह 750 रुपये का भुगतान करना होगा।

एनजीओ चलाएंगी गोशाला

सेक्टर-25 और सेक्टर-45 की गोशाला का संचालन एनजीओ को फ्री ऑफ कॉस्ट आधार पर सौंप दिया गया है। एनजीओ अपने खर्चे पर बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाओं का संचालन करेगी। वहीं, मलोया की गोशाला को प्रति पशु प्रतिदिन 50 रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने कहा कि एक अन्य संस्था इससे कम दर पर संचालन को तैयार है। नगर आयुक्त ने यह प्रस्ताव रद्द कर दिया। अभी सेक्टर-25 की गोशाला पर निगम हर महीने 8.88 लाख रुपये खर्च करता है। इससे निगम को सालाना 1.06 करोड़ रुपये की बचत होगी।

पार्कों व गार्डन में फव्वारों के रखरखाव के लिए एजेंसी नियुक्त होगी

नगर निगम की ओर से शहर के पार्कों, गार्डन और हरित पट्टियों में लगे फव्वारों के रखरखाव के लिए एजेंसी चयन के लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) आमंत्रित की जाएगी। इसके साथ ब्रांड विज्ञापन बोर्ड के माध्यम से राजस्व अर्जन की योजना भी बनाई गई है। इसमें 22 बड़े और 30 छोटे फव्वारे शामिल हैं। एजेंसी को प्रति फव्वारा 20,000 रुपये ईएमडी देनी होगी। अनुबंध दो वर्षों के लिए होगा, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। लाइसेंस फीस में हर साल 10% की वृद्धि की जाएगी।


अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी

- नगर निगम की इमारतों पर रेंट-ए-रूफ मॉडल के तहत सोलर पैनल लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

- सेक्टर-16 स्थित रोज क्लब के संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी चयन का प्रस्ताव पारित किया गया। पार्षद सौरभ जोशी के सुझाव के बाद इसमें संशोधन किया गया। चयनित कंपनी को 10 वर्षों के बाद 5 वर्षों का अतिरिक्त संचालन अवधि दी जाएगी।
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