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Chandigarh: संघ ने किया शस्त्र पूजन और पथ संचलन, विश्वदीप बोले- रामायण और महाभारत हमारा इतिहास

Tue, 24 Oct 2023 01:03 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 24 Oct 2023 01:03 PM IST
सार

विश्वदीप ने कहा कि भगवान राम ने मानव रूप में बड़े कष्ट सहे। जिसे हम वानरी सेना कहते हैं वह वास्तव में वनों में रहने वाले वनवासी थे। राम ने समुद्र पार कर लंका पर विजय पाई। उन्होंने कहा कि राम काल्पनिक पात्र नहीं हैं। राम ने कष्ट सहा है। रामायण काव्य मिथ्या नहीं है।

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Rashtriya Swayamsevak Sangh performed shastra puja in Chandigarh
पथ संचलन करते स्वयंसेवक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामायण और महाभारत हमारा इतिहास है। पहले इतिहास काव्य में लिखा जाता था। जब अंग्रेज आए तो इन ग्रंथों को मिथ्या बताया। अंग्रेजों ने भ्रम फैलाया कि इतिहास काव्य में थोड़ न लिखा जाता है। भारत में हर चीज कविता में लिखने की परंपरा थी। यह विचार राम दरबार के कैक्टस पार्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस एवं विजयादशमी उत्सव पर चंडीगढ़ महानगर कार्यवाह विश्वदीप ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कही।

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राम दरबार के कैक्टस पार्क में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में दंड सहित कार्यक्रम में पहुंचे। इस मौके पर त्रिलोकी गोयल चंडीगढ़ विभाग सह संघ चालक उपस्थित रहे। चंडीगढ़ महानगर कार्यवाह विश्वदीप का बौद्धिक हुआ। बौद्धिक के उपरांत स्वयंसेवकों ने रामदरबार में पथ संचलन किया।
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विश्वदीप ने कहा कि भगवान राम ने मानव रूप में बड़े कष्ट सहे। जिसे हम वानरी सेना कहते हैं वह वास्तव में वनों में रहने वाले वनवासी थे। राम ने समुद्र पार कर लंका पर विजय पाई। उन्होंने कहा कि राम काल्पनिक पात्र नहीं हैं। राम ने कष्ट सहा है। रामायण काव्य मिथ्या नहीं है। शोध के बाद यह पता चला है कि राम सेतु काल्पनिक नहीं है। उस समय की विज्ञान कितनी उत्तम रही होगी। उस समय के इंजीनियरों ने समुद्र पर पुल बनाया।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने भी बड़े कष्ट सहे हैं। संघ के ऊपर तीन तीन बार प्रतिबंध लगाए गए। स्वयसेवकों के घर जलाए गए। शाखाओं पर हमले हुए। संघ ने बहुत कष्ट सहा है।


उन्होंने कहा कि संघ सरकार पर कभी भी दबाव नहीं देता। कनाडा के नाक में दम किया है। चीन को नाको चना चबवाया, इजराइल को मदद की बात होती है तो सब कहते हैं कि नागपुर से सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि संघ के संस्कारों के कारण आज स्वयंसेवक देश के उच्चतम पदों पर बैठे हैं। संघ 98 वर्षों में बढ़ी है। 2025 में संघ के 100 साल पूरा होंगे। पूरे देश में एक लाख शाखा खड़ी करेंगे।

यहां हुए पथ संचलन

राम दरबार के अलावा बापूधाम, सेक्टर 45, 40, कॉलोनी धनास, सेक्टर 32 और विकास नगर में कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।

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