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कचरे से पटी पटियाला की राव नदी, बारिश से पुल के ऊपर आया पानी
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चंडीगढ़। मानसून नजदीक है। अफसर पिछले साल की बाढ़ से भी सबक नहीं ले सके हैं। पटियाला की राव नदी अभी भी कचरे से पटी है। लोगों ने बताया कि सफाई न होने से रविवार सुबह आई बारिश से पानी पुल के ऊपर तक आ गया था। वहीं अफसरों का दावा है कि नदी की सफाई करा दी गई है। प्रशासन की लापरवाही के कारण ही पिछली बार खुड्डा लाहौरा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया था। इससे 60 से ज्यादा घरों में पानी भर गया। इस वजह से लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। सूखी झाड़ियां पाइप लाइन के मुंह पर फंसने के कारण पानी गांव में घुस गया।
पटियाला की राव नदी में चंडीगढ़ के क्षेत्र में सिल्ट, घास और कचरा पड़ा हुआ है। वहीं बोटेनिकल गार्डन के लिए बनाए गए कॉजवे के नीचे डाली गईं पाइपों में भी कचरा भरा रहता है जिससे पानी रुकने की आशंका है। पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण यहीं से पानी बैक मारकर खुड्डा लाहौरा गांव में घुसता है। पंजाब में समय से सफाई होने के कारण नयागांव क्षेत्र में कभी बाढ़ नहीं आती है। निगम व प्रशासन केअधिकारियों ने खुड्डा लाहौरा में बाढ़ आने के अगले दिन निरीक्षण किया और बाढ़ से बचाव के लिए योजना भी बनाई, लेकिन यह योजना केवल कागजों में रह गई।
सीवर पाइप लाइन का काम पूरा, स्टोर्म वाटर लाइन का काम अधूरा
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा था कि निगम की ओर से स्टॉर्म वॉटर लाइन नदी में ऊपर से सीधे डाल दी गई है। इन स्टॉर्म पाइप को गहराई में बिछाकर ही नदी में डाला जाए। इससे बरसाती पानी कॉलोनी में बैक नहीं मारेगा। वहीं निगम ने सीवर पाइप लाइन बदलने की भी योजना बनाई थी। निगम व प्रशासन ने इन बिन्दुओं पर योजना भी बनाई थी। निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है। वित्तीय समस्या के कारण स्टोर्म वाटर लाइन बदलने का काम शुरू नहीं हो सका है जो इस सीजन में पूरा होना संभव नहीं है।
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समस्या होने पर फोन भी नहीं उठाते अधिकारी
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल रात को लगभग ढाई बजे गांव में पानी घुस गया था। अफसरों व कर्मचारियों को काफी फोन लगाए, लेकिन किसी ने नहीं उठाया। उस समय ऐसा लगा जैसे जान पर बना आई थी। अगले दिन बाढ़ की भयावहता अधिकारियों ने अपनी आंखों से भी देखी, लेकिन फिर भी गंभीरता नहीं दिखाई।
कोट
सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर दिया है। स्टोर्म वाटर लाइन बिछाने का इस सीजन में नहीं हो सकेगा, क्योंकि इसकेटेंडर प्रक्रिया में समय लगेगा। वित्तीय समस्या के कारण टेंडर प्रक्रिया में देरी हो गई है।
-शैलेंद्र सिंह, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
15 दिन पहले से सफाई का काम शुरू करा दिया था। काफी जगह सफाई हो चुकी है। बारिश के कारण कुछ समस्या आई थी, उसे तत्काल दुरुस्त करा दिया था। अलग-अलग पॉइंट पर कर्मचारियों को तैनात किया है ताकि पिछली बार तरह कोई समस्या न हो।
-सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, प्रशासन
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पटियाला की राव नदी में चंडीगढ़ के क्षेत्र में सिल्ट, घास और कचरा पड़ा हुआ है। वहीं बोटेनिकल गार्डन के लिए बनाए गए कॉजवे के नीचे डाली गईं पाइपों में भी कचरा भरा रहता है जिससे पानी रुकने की आशंका है। पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण यहीं से पानी बैक मारकर खुड्डा लाहौरा गांव में घुसता है। पंजाब में समय से सफाई होने के कारण नयागांव क्षेत्र में कभी बाढ़ नहीं आती है। निगम व प्रशासन केअधिकारियों ने खुड्डा लाहौरा में बाढ़ आने के अगले दिन निरीक्षण किया और बाढ़ से बचाव के लिए योजना भी बनाई, लेकिन यह योजना केवल कागजों में रह गई।
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सीवर पाइप लाइन का काम पूरा, स्टोर्म वाटर लाइन का काम अधूरा
प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा था कि निगम की ओर से स्टॉर्म वॉटर लाइन नदी में ऊपर से सीधे डाल दी गई है। इन स्टॉर्म पाइप को गहराई में बिछाकर ही नदी में डाला जाए। इससे बरसाती पानी कॉलोनी में बैक नहीं मारेगा। वहीं निगम ने सीवर पाइप लाइन बदलने की भी योजना बनाई थी। निगम व प्रशासन ने इन बिन्दुओं पर योजना भी बनाई थी। निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है। वित्तीय समस्या के कारण स्टोर्म वाटर लाइन बदलने का काम शुरू नहीं हो सका है जो इस सीजन में पूरा होना संभव नहीं है।
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समस्या होने पर फोन भी नहीं उठाते अधिकारी
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल रात को लगभग ढाई बजे गांव में पानी घुस गया था। अफसरों व कर्मचारियों को काफी फोन लगाए, लेकिन किसी ने नहीं उठाया। उस समय ऐसा लगा जैसे जान पर बना आई थी। अगले दिन बाढ़ की भयावहता अधिकारियों ने अपनी आंखों से भी देखी, लेकिन फिर भी गंभीरता नहीं दिखाई।
कोट
सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर दिया है। स्टोर्म वाटर लाइन बिछाने का इस सीजन में नहीं हो सकेगा, क्योंकि इसकेटेंडर प्रक्रिया में समय लगेगा। वित्तीय समस्या के कारण टेंडर प्रक्रिया में देरी हो गई है।
-शैलेंद्र सिंह, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
15 दिन पहले से सफाई का काम शुरू करा दिया था। काफी जगह सफाई हो चुकी है। बारिश के कारण कुछ समस्या आई थी, उसे तत्काल दुरुस्त करा दिया था। अलग-अलग पॉइंट पर कर्मचारियों को तैनात किया है ताकि पिछली बार तरह कोई समस्या न हो।
-सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, प्रशासन