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राणा केपी सिंह बने पंजाब विधानसभा के स्पीकर, सीएम कैप्टन ने रखा था प्रस्ताव
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Mar 2017 09:28 AM IST
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राणा केपी सिंह बने पंजाब विधानसभा के स्पीकर
- फोटो : अमर उजाला
प्रोटेम स्पीकर राणा कंवर पाल सिंह को सर्वसम्मति से पंजाब विधानसभा का स्पीकर चुन लिया गया। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा तो ब्रह्म मोहिंद्रा ने इसका समर्थन किया। फिर कैप्टन, ब्रह्म मोहिंद्रा, शिअद विधायक दल के उपनेता अजीत सिंह कोहाड़ और भाजपा के दिनेश सिंह बब्बू ने स्पीकर की कुर्सी के पास जाकर राणा केपी सिंह को पदभार गृहण कराया। हालांकि आम आदमी पार्टी ने इसका बायकॉट किया।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि स्पीकर को सर्वसम्मति से चुनने की परंपरा है। आप ने उसमें विघ्न डाला, जो अफसोसजनक है। स्पीकर राणा केपी सिंह का परिचय देते हुए कैप्टन ने बताया कि उन्होंने देहरादून से बीए, एलएलबी की। फिर लंबे समय तक रोपड़ में वकालत की। सरपंची से सियासत में आए, यूथ कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस में पदाधिकारी रहे। साल 2002 और 2007 में विधायक बने, पिछली कांग्रेस सरकार में पीपीसीबी के चेयरमैन और सीपीएस रहे। कोहड़ ने कहा कि वह सदन की कार्यवाही अच्छे ढंग से चलाएंगे। सोमप्रकाश ने कहा कि भाजपा पूरा सहयोग देगी, विपक्ष को विश्वास में लें, पूरा समय दें।
स्पीकर को बधाई देने पहुंचे विधायक
स्पीकर राणा केपी सिंह ने बाद में अपने चेंबर में कार्यभार संभाला। उस समय सभी मंत्री और बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक उन्हें बधाई देने पहुंचे। उनका मुंह मीठा कराया। इस मौके पर हाईकमान की तरफ से सह प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद थे। इसके बाद अकाली और भाजपा विधायक तथा बड़ी संख्या में राणा केपी के समर्थक भी बधाई देने पहुंचे।
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि स्पीकर को सर्वसम्मति से चुनने की परंपरा है। आप ने उसमें विघ्न डाला, जो अफसोसजनक है। स्पीकर राणा केपी सिंह का परिचय देते हुए कैप्टन ने बताया कि उन्होंने देहरादून से बीए, एलएलबी की। फिर लंबे समय तक रोपड़ में वकालत की। सरपंची से सियासत में आए, यूथ कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस में पदाधिकारी रहे। साल 2002 और 2007 में विधायक बने, पिछली कांग्रेस सरकार में पीपीसीबी के चेयरमैन और सीपीएस रहे। कोहड़ ने कहा कि वह सदन की कार्यवाही अच्छे ढंग से चलाएंगे। सोमप्रकाश ने कहा कि भाजपा पूरा सहयोग देगी, विपक्ष को विश्वास में लें, पूरा समय दें।
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स्पीकर को बधाई देने पहुंचे विधायक
स्पीकर राणा केपी सिंह ने बाद में अपने चेंबर में कार्यभार संभाला। उस समय सभी मंत्री और बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक उन्हें बधाई देने पहुंचे। उनका मुंह मीठा कराया। इस मौके पर हाईकमान की तरफ से सह प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद थे। इसके बाद अकाली और भाजपा विधायक तथा बड़ी संख्या में राणा केपी के समर्थक भी बधाई देने पहुंचे।
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सिद्धू ने शायराना अंदाज से जमाया रंग
राणा केपी सिंह बने पंजाब विधानसभा के स्पीकर
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धू ने शायराना अंदाज से जमाया रंग
मनप्रीत बादल और नवजोत सिद्धू ने अपने भाषणों व शेर-शायरी के जरिये रंग जमाया। मनप्रीत ने कहा कि इस नियुक्ति के लिए सदन को बधाई है। राणा केपी से पहले भी कई नामवर शख्सियतें इस पद पर रही हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले 70 वर्षों के दौरान बहस के स्तर में गिरावट आई है। साथ ही नए विधायकों की ट्रेनिंग पर भी जोर दिया। विधायिका का रुतबा बहाल करने की जरूरत है।
सदन में सत्ताधारियों से ज्यादा समय विपत्र को दिया जाए, यही लोकतंत्र का तकाजा है। चरनजीत सिंह चन्नी ने आप के रवैये पर चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब के लोग जल्द इनको समझ गए। इनको चाहिए था कि सरकार का सहयोग करके पंजाब को आगे ले जाते। नवजोत सिद्धू ने कहा कि उत्तरदायित्व कोई भी हो योग्यता और शक्ति से ही चलता है। आप को निशाना बनाते हुए बोले कि पहले ये कहते थे केजरीवाल, सारा पंजाब तेरे नाल।
अब लोग कहते हैं केजरीवाल, क्या हुआ तेरा हाल। बहस करें, हम ठोंक कर जवाब देंगे, पहले सरकार को काम तो करने दें। अंत में स्पीकर राणा केपी ने सीएम, मंत्रियों और दोनों पक्षों के विधायकों का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि वह सबकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का भी नाम लिए बगैर आभार जताया। नए विधायकों को सलाह दी कि वे पुरानी बहस पढ़ें।
मनप्रीत बादल और नवजोत सिद्धू ने अपने भाषणों व शेर-शायरी के जरिये रंग जमाया। मनप्रीत ने कहा कि इस नियुक्ति के लिए सदन को बधाई है। राणा केपी से पहले भी कई नामवर शख्सियतें इस पद पर रही हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले 70 वर्षों के दौरान बहस के स्तर में गिरावट आई है। साथ ही नए विधायकों की ट्रेनिंग पर भी जोर दिया। विधायिका का रुतबा बहाल करने की जरूरत है।
सदन में सत्ताधारियों से ज्यादा समय विपत्र को दिया जाए, यही लोकतंत्र का तकाजा है। चरनजीत सिंह चन्नी ने आप के रवैये पर चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब के लोग जल्द इनको समझ गए। इनको चाहिए था कि सरकार का सहयोग करके पंजाब को आगे ले जाते। नवजोत सिद्धू ने कहा कि उत्तरदायित्व कोई भी हो योग्यता और शक्ति से ही चलता है। आप को निशाना बनाते हुए बोले कि पहले ये कहते थे केजरीवाल, सारा पंजाब तेरे नाल।
अब लोग कहते हैं केजरीवाल, क्या हुआ तेरा हाल। बहस करें, हम ठोंक कर जवाब देंगे, पहले सरकार को काम तो करने दें। अंत में स्पीकर राणा केपी ने सीएम, मंत्रियों और दोनों पक्षों के विधायकों का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि वह सबकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का भी नाम लिए बगैर आभार जताया। नए विधायकों को सलाह दी कि वे पुरानी बहस पढ़ें।