रामपाल को नहीं मिली कोर्ट से राहत, अंतरिम जमानत से इंकार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सतलोक आश्रम के प्रमुख कथित संत रामपाल को तत्काल अंतरिम जमानत का लाभ देने से इनकार कर दिया है। रामपाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अर्जी की कॉपी हरियाणा सरकार को मुहैया करवाते हुए 21 नवंबर को ही याचिका पर आगे सुनवाई करने का फैसला लिया है।
रामपाल ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा था कि उसकी मां की मृत्यु 9 नवंबर को हो गई थी और अंतिम क्रिया की रस्में 21 से 23 नवंबर के बीच हैं। इनमें शामिल होने के लिए उन्हें अंतरिम जमानत का लाभ दिया जाए।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने रामपाल की अंतरिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अर्जी दाखिल कर कहा कि सरकार को इसकी कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई गई।
तत्काल अंतरिम जमानत लाभ से किया इनकार
साथ ही जब उनकी मां की मृत्यु हुई थी तो उस समय पुलिस की सुरक्षा में उन्हें मां के अंतिम संस्कार पर जाने की छूट दी गई थी, परंतु पुलिस की सुरक्षा में अंतिम संस्कार के लिए जाने से रामपाल ने इनकार कर दिया था।
रामपाल ने तब लिखित में कहा था कि वे अंतिम क्रिया के लिए अब अंतरिम जमानत के लिए आवेदन करेंगे। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अंतिम संस्कार की रस्में 21 नवंबर से शुरू होनी हैं ऐसे में रामपाल की अर्जी पर अब 21 नवंबर सुबह दस बजे ही सुनवाई कर इसका निपटारा कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने इस अर्जी पर 21 नवंबर को सुबह दस बजे सुनवाई करने के निर्देश देते हुए रामपाल को उनकी अर्जी की कॉपी हरियाणा के सरकारी वकील को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।