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44 साल बाद ये हुआ रथयात्रा के साथ
नीरज कुमार /अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 26 Mar 2014 12:50 PM IST
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रामनवी के अवसर पर चैतन्य गौड़ीय मठ की ओर से आयोजित होनेवाला रथयात्रा की तिथि बढ़ा दी गई है। यह चुनाव को लेकर तिथि बढ़ाई गई है। अब रथयात्रा नौ अप्रैल की जगह पर 14 अप्रैल को होगी। यह 44 वीं रथयात्रा है। पहली बार तिथि बढ़ाई गई है।
सुरक्षा कारणों के कारण प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। बाकी सभी कार्यक्रम पहले तय समय के अनुसार ही होंगे। मठ प्रबंधन और प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया है।
मठ के प्रवक्ता जय प्रकाश ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्णय हुआ है। सुरक्षा को लेकर यह निर्णय लिया गया है। 44 वर्षों में पहली बार रथयात्रा का समय बदला गया है।
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रामनवमी उत्सव पर इस बार भगवान एयरकंडीशन रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान भक्तों और भगवान पर हो रही विमान से पुष्प वर्षा आकर्षण का केंद्र होगी।
यह आयोजन श्री चैतन्य गौड़ीय मठ की ओर से किया जा रहा है। धार्मिक समारोह 2 अप्रैल से शुरू होगा। रथयात्रा में भारी संख्या में भक्त उपस्थित होंगे। रथयात्र 14 अप्रैल को सेक्टर-20 के श्री चैतन्य गौड़ीय मठ से शुरू होगी।
भगवान के लिए रथ में विशेष केबिन बनाया जाएगा। भगवान के सिंहासन को पांच फुट तक के ग्लास से कवर किया जाएगा। यह पारदर्शी होगा। दो से तीन अप्रैल तक छोटे बच्चों द्वारा भगवान की विविध लीलाएं प्रस्तुत की जाएंगी। चार से आठ अप्रैल वैष्णव संतों द्वारा संकीर्तन और प्रवचनों की अमृतवर्षा होगी।
छह अप्रैल को श्री विग्रहों का महाभिषेक होगा। आठ अप्रैल को रामनवमी उत्सव का आयोजन होगा और 14 अप्रैल को रथयात्रा का आयोजन होगा। लाइट एंड साउंड कार्यक्रम में कई धार्मिक सीन प्रदर्शित किए जाएंगे।
इसके लिए मठ की महिला संकीर्तन मंडल की संयोजक रूबी गुप्ता और गीता क्वात्रा प्रशिक्षण दे रही हैं। इस उत्सव में भारत के विभिन्न स्थानों से अनेक संन्यासी, ब्रह्मïचारी व गृहस्थ भक्त पहुंचेंगे।
रथयात्रा के रूट
भक्तों के नृत्य संकीर्तन और बैंड पार्टी के साथ भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु एवं श्री राधामाधव विशाल रथ में सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। मठ मंदिर से शुरू होकर सेक्टर-21, 17-16, 16-19, 19-27 व 20-30 के चौक से होते हुए मठ मंदिर में संपन्न हो जाएगा।
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सुरक्षा कारणों के कारण प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। बाकी सभी कार्यक्रम पहले तय समय के अनुसार ही होंगे। मठ प्रबंधन और प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया है।
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मठ के प्रवक्ता जय प्रकाश ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्णय हुआ है। सुरक्षा को लेकर यह निर्णय लिया गया है। 44 वर्षों में पहली बार रथयात्रा का समय बदला गया है।
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रामनवमी उत्सव पर इस बार भगवान एयरकंडीशन रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान भक्तों और भगवान पर हो रही विमान से पुष्प वर्षा आकर्षण का केंद्र होगी।
यह आयोजन श्री चैतन्य गौड़ीय मठ की ओर से किया जा रहा है। धार्मिक समारोह 2 अप्रैल से शुरू होगा। रथयात्रा में भारी संख्या में भक्त उपस्थित होंगे। रथयात्र 14 अप्रैल को सेक्टर-20 के श्री चैतन्य गौड़ीय मठ से शुरू होगी।
भगवान के लिए रथ में विशेष केबिन बनाया जाएगा। भगवान के सिंहासन को पांच फुट तक के ग्लास से कवर किया जाएगा। यह पारदर्शी होगा। दो से तीन अप्रैल तक छोटे बच्चों द्वारा भगवान की विविध लीलाएं प्रस्तुत की जाएंगी। चार से आठ अप्रैल वैष्णव संतों द्वारा संकीर्तन और प्रवचनों की अमृतवर्षा होगी।
छह अप्रैल को श्री विग्रहों का महाभिषेक होगा। आठ अप्रैल को रामनवमी उत्सव का आयोजन होगा और 14 अप्रैल को रथयात्रा का आयोजन होगा। लाइट एंड साउंड कार्यक्रम में कई धार्मिक सीन प्रदर्शित किए जाएंगे।
इसके लिए मठ की महिला संकीर्तन मंडल की संयोजक रूबी गुप्ता और गीता क्वात्रा प्रशिक्षण दे रही हैं। इस उत्सव में भारत के विभिन्न स्थानों से अनेक संन्यासी, ब्रह्मïचारी व गृहस्थ भक्त पहुंचेंगे।
रथयात्रा के रूट
भक्तों के नृत्य संकीर्तन और बैंड पार्टी के साथ भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु एवं श्री राधामाधव विशाल रथ में सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। मठ मंदिर से शुरू होकर सेक्टर-21, 17-16, 16-19, 19-27 व 20-30 के चौक से होते हुए मठ मंदिर में संपन्न हो जाएगा।