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6 करोड़ की धोखाधड़ी में रामलाल गिरफ्तार, चार दिन के रिमांड पर

Sat, 08 Jan 2022 02:03 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 08 Jan 2022 02:03 AM IST
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Ramlal arrested for cheating of 6 crores, get four days remand
चंडीगढ़। पंचकूला के पूर्व जिला राजस्व अधिकारी के साथ 6 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने फाइनेंसर रामलाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लिया है। बता दें कि रामलाल चौधरी ने जिला अदालत में एक मामले में सरेंडर करने के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। वहीं, पुलिस ने शुक्रवार को ही गुरुग्राम निवासी अतुल्य शर्मा के साथ 5 करोड़ की धोखाधड़ी में 8400 पेजों का अदालत में चालान पेश किया है। एसएसपी को दी शिकायत में नरेश कुमार ने बताया था कि फरवरी 2015 में विजिलेंस हरियाणा को 250 करोड़ रुपये के गबन की शिकायत मिली थी। शिकायत में जिला क्षेत्रीय दफ्तर के सरकारी खाते में गबन की बात कही गई थी। उस समय वह जिला क्षेत्रीय अधिकारी के पद पर तैनात थे। विजिलेंस ने जांच में पाया कि 250 करोड़ का गबन हुआ है। इसके बाद नरेश कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया गया। बाद में विजिलेंस ने नरेश कुमार का नाम भी एफआईआर में दर्ज करने को कहा था।
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नरेश कुमार ने बताया कि उसकी तैनाती हरियाणा में अलग-अलग जगहों पर नायब तहसीलदार, तहसीलदार और जिला राजस्व अधिकारी के तौर थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात रेवाड़ी में वकील सतीश यादव से हुई थी। मामले में फंसने के बाद उसने सतीश से बात की तो उसने कहा कि उसके दोस्त भूप सिंह का चंडीगढ़ में किसी रामलाल चौधरी के साथ लिंक है। जिसके नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध हैं। वर्ष 2015 मई में नरेश कुमार अपने दोस्त सतीश यादव के साथ पहले भूप सिंह से मिला। उसने रामलाल चौधरी से फोन पर पूरी बात बताई। इसके ठीक 10 दिन बाद उन्हें अपने चंडीगढ़ के सेक्टर-46 ए के मकान नंबर के-403 में बुलाया। रामलाल ने उन्हें कहा कि उसकी अधिकारियों से बात हो गई है। इस केस से बाहर निकालने के लिए छह करोड़ रुपये लगेंगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने रामलाल को छह करोड़ रुपये देने के लिए गुरुग्राम स्थित गांव सैनी खेड़ा में दो कनाल का एक प्लॉट बेचा, जो उसकी मां सावित्री देवी के नाम था। प्लॉट व अन्य जगह से रुपयों का इंतजाम कर नरेश ने रामलाल को पहली किस्त के तौर पर तीन करोड़ रुपये दिए। यह रुपये भूप सिंह और सतीश की मौजूदगी में दिए गए।
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तीन करोड़ देने के बाद भी हो गई एफआईआर दर्ज
नरेश ने शिकायत में बताया कि रामलाल चौधरी को पहली किस्त के तौर पर तीन करोड़ रुपये देने के बावजूद विजिलेंस ने उसका नाम एफआईआर में दर्ज कर लिया। इसके बाद नरेश कुमार फिर रामलाल से मिला। रामलाल ने उसे विश्वास में लेकर उसका नाम एफआईआर से हटवाने के लिए तीन करोड़ रुपये और मांगे। इस दौरान नरेश ने गुरुग्राम स्थित डीएलएफ 2 में 215 स्क्वायर यार्ड का प्लॉट बेचा। यह प्लॉट उसकी पत्नी के नाम पर था। रुपये लेने के बाद रामलाल ने उससे कहा कि उसका काम हो जाएगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उसका काम नहीं हुआ।
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