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राम रहीम को सलाखों के पीछे भेजने वाली 3 अहम कड़ियां, तीनों का कनेक्शन यहां से
अमित रूखाया/अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
Updated Thu, 31 Aug 2017 09:20 AM IST
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राम रहीम सजा
- फोटो : SELF
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के गुनाहों को दुनिया के सामने लाने वाली तीन बेहद अहम कड़ियां हैं और तीनों का कनेक्शन इस जगह से है। राम रहीम के लिए हरियाणा का फतेहाबाद जिला मुसीबतों का अंबार बन गया है। डेरामुखी पर यौन शोषण के आरोप लगाकर प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखने वाली साध्वी फतेहाबाद की ही थी।
हालांकि डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के बाद भी वह साध्वी सामने नहीं आई है। इस मामले में सजा के ऐलान के बाद बाबा राम रहीम के सामने आ रहे तीन मुख्य केसों में से दो मामलों में फतेहाबाद एक बार फिर बाबा राम रहीम के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
दरअसल यौन शोषण के मामले में सजा के बाद डेरामुखी बाबा राम रहीम के सामने तीन मुख्य मुकदमे हैं जिसमें दो मुकदमों में फतेहाबाद जिले का सीधा कनेक्शन है। ऐसे में पूरी आशंका है कि इन दोनों मामलों में सुनवाई के दौरान फतेहाबाद जिले में तनाव फैल जाए, इसके लिए जिला प्रशासन को पहले से ही अलर्ट रहना होगा। हंसराज हकीकी इस समय चंडीगढ़ में गए हुए हैं।
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हालांकि डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के बाद भी वह साध्वी सामने नहीं आई है। इस मामले में सजा के ऐलान के बाद बाबा राम रहीम के सामने आ रहे तीन मुख्य केसों में से दो मामलों में फतेहाबाद एक बार फिर बाबा राम रहीम के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
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दरअसल यौन शोषण के मामले में सजा के बाद डेरामुखी बाबा राम रहीम के सामने तीन मुख्य मुकदमे हैं जिसमें दो मुकदमों में फतेहाबाद जिले का सीधा कनेक्शन है। ऐसे में पूरी आशंका है कि इन दोनों मामलों में सुनवाई के दौरान फतेहाबाद जिले में तनाव फैल जाए, इसके लिए जिला प्रशासन को पहले से ही अलर्ट रहना होगा। हंसराज हकीकी इस समय चंडीगढ़ में गए हुए हैं।
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छत्रपति हत्याकांड में सीबीआई के दो अहम गवाह फतेहाबाद के
राम रहीम
- फोटो : SELF
सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम आरोपी हैं और इस मामले में सीबीआई की ओर से दो अहम गवाह फतेहाबाद के ही रहने वाले हैं। सीबीआई जिन लोगों को अपने गवाह के तौर पर अदालत में पेश कर चुकी है, उनमें फतेहाबाद के आरके सेठी और मदन बंसल शामिल हैं। ये दोनों ही फतेहाबाद के स्थानीय पत्रकार हैं।
वैसे सीबीआई ने आरके सेठी और मदन बंसल के बयानों को कॉमन एविडेंस के तौर पर कोर्ट में रखा था। इसका मतलब ये था कि डेरामुखी के खिलाफ विभिन्न मुकदमों में उनके बयानों को सीबीआई के वकील इस्तेमाल कर सकते थे। मदन बंसल और आरके सेठी, दोनों ने ही साल 2012 में सीबीआई की अदालत में अपने बयान दर्ज करवाए थे। उस समय सीबीआई कोर्ट अंबाला में लगती थी। बाद में इस कोर्ट को पंचकूला शिफ्ट कर दिया गया था।
साधु को नपुंसक मामले में शिकायतकर्ता टोहाना का
टोहाना निवासी हंसराज हकीकी उर्फ हंसराज चौहान ने कई साल पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर करके डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे कि डेरा प्रमुख ने भगवान से मिलाने के नाम पर उनके और डेरे में रहने वाले तीन-चार सौ साधुओं को नपुंसक बना दिया था। डेरा प्रबंधन की ओर से लगातार हंसराज के आरोपों को खारिज किया जाता रहा, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर आखिरकार इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया और सीबीआई कोर्ट में ही इस मामले में सुनवाई चल रही है।
वैसे सीबीआई ने आरके सेठी और मदन बंसल के बयानों को कॉमन एविडेंस के तौर पर कोर्ट में रखा था। इसका मतलब ये था कि डेरामुखी के खिलाफ विभिन्न मुकदमों में उनके बयानों को सीबीआई के वकील इस्तेमाल कर सकते थे। मदन बंसल और आरके सेठी, दोनों ने ही साल 2012 में सीबीआई की अदालत में अपने बयान दर्ज करवाए थे। उस समय सीबीआई कोर्ट अंबाला में लगती थी। बाद में इस कोर्ट को पंचकूला शिफ्ट कर दिया गया था।
साधु को नपुंसक मामले में शिकायतकर्ता टोहाना का
टोहाना निवासी हंसराज हकीकी उर्फ हंसराज चौहान ने कई साल पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर करके डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे कि डेरा प्रमुख ने भगवान से मिलाने के नाम पर उनके और डेरे में रहने वाले तीन-चार सौ साधुओं को नपुंसक बना दिया था। डेरा प्रबंधन की ओर से लगातार हंसराज के आरोपों को खारिज किया जाता रहा, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर आखिरकार इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया और सीबीआई कोर्ट में ही इस मामले में सुनवाई चल रही है।
सेठी को फतेहाबाद और हंसराज को टोहाना में दी गई है सुरक्षा
राम रहीम
- फोटो : SELF
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम जैसे हाई प्रोफाइल मामले में सीबीआई के गवाह एवं शिकायतकर्ता होने के चलते आरके सेठी और हंसराज हकीकी को पुलिस ने सुरक्षा उपलब्ध करवाई है। हंसराज हकीकी के टोहाना स्थित निवास पर उन्हें छह पुलिसकर्मियों की सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। इसमें चार पुलिसकर्मी वर्दी एवं दो सादी वर्दी में होते हैं जबकि हाल ही में फतेहाबाद के पत्रकार आरके सेठी को भी फतेहाबाद पुलिस ने सुरक्षाकर्मी दिया है।
हंसराज हकीकी ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, मांगी और सुरक्षा
बाबा राम रहीम पर उसे नपुंसक बनाने के सनसनीखेज आरोप लगाने वाले टोहाना के हंसराज हकीकी ने खुद की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि उसका ये भी कहना है कि उसने 19-20 अगस्त को एसपी फतेहाबाद को फोन किया था जिसके बाद उसकी सुरक्षा बढ़ाई गई है। हंसराज का कहना है कि उसे लगता है कि और अधिक सुरक्षा की आवश्यकता है। हंसराज ने बताया कि उन्होंने इस संदर्भ में एसएचओ टोहाना को लिखित में आवेदन भी किया है।
बाबा राम रहीम को उनके किए गुनाह की सजा मिली है। न्यायालय ने गवाहों और सबूतों की रोशनी में ही उन्हें सजा दी है। सीबीआई कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले ने न्यायपालिका के प्रति आम आदमी के भरोसे को और मजबूत किया है।
- आरके सेठी, सीबीआई गवाह एवं पत्रकार, फतेहाबाद
सीबीआई कोर्ट के फैसले को सैल्यूट करता हूं कि इतने प्रेशर के बावजूद उन्होंने सटीक निर्णय दिया। लेकिन महज 20 साल की सजा मुझे कम लगी। जिस पर प्रकार का अपराध बाबा राम रहीम ने किया है, उसके अनुसार उन्हें उम्र कैद या फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए थी।
- हंसराज हकीकी, बाबा राम रहीम पर आरोप लगाने वाले
हंसराज हकीकी ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, मांगी और सुरक्षा
बाबा राम रहीम पर उसे नपुंसक बनाने के सनसनीखेज आरोप लगाने वाले टोहाना के हंसराज हकीकी ने खुद की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि उसका ये भी कहना है कि उसने 19-20 अगस्त को एसपी फतेहाबाद को फोन किया था जिसके बाद उसकी सुरक्षा बढ़ाई गई है। हंसराज का कहना है कि उसे लगता है कि और अधिक सुरक्षा की आवश्यकता है। हंसराज ने बताया कि उन्होंने इस संदर्भ में एसएचओ टोहाना को लिखित में आवेदन भी किया है।
बाबा राम रहीम को उनके किए गुनाह की सजा मिली है। न्यायालय ने गवाहों और सबूतों की रोशनी में ही उन्हें सजा दी है। सीबीआई कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले ने न्यायपालिका के प्रति आम आदमी के भरोसे को और मजबूत किया है।
- आरके सेठी, सीबीआई गवाह एवं पत्रकार, फतेहाबाद
सीबीआई कोर्ट के फैसले को सैल्यूट करता हूं कि इतने प्रेशर के बावजूद उन्होंने सटीक निर्णय दिया। लेकिन महज 20 साल की सजा मुझे कम लगी। जिस पर प्रकार का अपराध बाबा राम रहीम ने किया है, उसके अनुसार उन्हें उम्र कैद या फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए थी।
- हंसराज हकीकी, बाबा राम रहीम पर आरोप लगाने वाले