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आखिर क्यों राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में तलाशे जाएंगे नरकंकाल, दो कारण?
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:17 AM IST
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Ram Rahim
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राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में तलाशी के दौरान नरकंकाल मिल सकते हैं और सबसे पहले इन्हें ही तलाश जाएगा। वहीं गुफा के भी कई राज सामने आ सकते हैं। ऐसे में अगर कुछ मिल गया तो राम रहीम और डेरे की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दरअसल, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाने की हरी झंडी सरकार को दे दी।
हाईकोर्ट ने इसके लिए सेवानिवृत न्यायाधीश केएस पंवार को कमिश्नर नियुक्त किया है, इन्हीं की देखरेख में सर्च ऑपरेशन चलेगा। ऑपरेशन के तहत डेरे में सबसे पहले उन नरकंकालों के लिए सर्च आपरेशन चलाएगी, जिनके बारे में मीडिया में डेरे के पूर्व अनुयायियों ने बयान दिए हैं। पूर्व समर्थकों ने यह आरोप लगाए हैं कि डेरे में नाफरमानी करने वाले लोगों को वहीं मार कर दफन कर दिया जाता था।
हनीप्रीत और आदित्य इंसां को दबोचना होगा पहले
इस काम के लिए पुलिस को सबसे पहले हनीप्रीत और आदित्य इंसा को गिरफ्तार करना होगा। पुलिस का दावा है कि इन्हीं की निशानदेही पर डेरे के अंदर सर्च आपरेशन चलाया जाएगा। यही लोग बताएंगे कि कौन का जुर्म कहां पर दफन है। पुलिस के मुताबिक डेरे में कई राज मौजूद हैं। जिनके बारे में हनीप्रीत और आदित्य इंसा को ही मालूम है। सूत्रों के मुताबिक अगले तीन से चार दिन में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिल जाएगी। दोनों की तलाश में छापेमारी का काम जारी है।
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बाबा की निशानदेही पर संभव नहीं होगी बरामदगी
डेरे की गतिविधियों पर लग रहे तरह-तरह के आरापों के बीच पुलिस के लिए हनीप्रीत और आदित्य इंसा को इसलिए गिरफ्तार करना जरूरी हो गया है, क्योंकि रोज-रोज निशानदेही के लिए बाबा को जेल से निकाल पाना संभव नहीं है। हां पूछताछ में बाबा से जो भी पता चलेगा उसकी सर्च की जाएगी।
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हाईकोर्ट ने इसके लिए सेवानिवृत न्यायाधीश केएस पंवार को कमिश्नर नियुक्त किया है, इन्हीं की देखरेख में सर्च ऑपरेशन चलेगा। ऑपरेशन के तहत डेरे में सबसे पहले उन नरकंकालों के लिए सर्च आपरेशन चलाएगी, जिनके बारे में मीडिया में डेरे के पूर्व अनुयायियों ने बयान दिए हैं। पूर्व समर्थकों ने यह आरोप लगाए हैं कि डेरे में नाफरमानी करने वाले लोगों को वहीं मार कर दफन कर दिया जाता था।
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हनीप्रीत और आदित्य इंसां को दबोचना होगा पहले
इस काम के लिए पुलिस को सबसे पहले हनीप्रीत और आदित्य इंसा को गिरफ्तार करना होगा। पुलिस का दावा है कि इन्हीं की निशानदेही पर डेरे के अंदर सर्च आपरेशन चलाया जाएगा। यही लोग बताएंगे कि कौन का जुर्म कहां पर दफन है। पुलिस के मुताबिक डेरे में कई राज मौजूद हैं। जिनके बारे में हनीप्रीत और आदित्य इंसा को ही मालूम है। सूत्रों के मुताबिक अगले तीन से चार दिन में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिल जाएगी। दोनों की तलाश में छापेमारी का काम जारी है।
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बाबा की निशानदेही पर संभव नहीं होगी बरामदगी
डेरे की गतिविधियों पर लग रहे तरह-तरह के आरापों के बीच पुलिस के लिए हनीप्रीत और आदित्य इंसा को इसलिए गिरफ्तार करना जरूरी हो गया है, क्योंकि रोज-रोज निशानदेही के लिए बाबा को जेल से निकाल पाना संभव नहीं है। हां पूछताछ में बाबा से जो भी पता चलेगा उसकी सर्च की जाएगी।
खुल सकते हैं कई राज
राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा
डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय का क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि शायद ही कोई ऐसा बाहरी शख्स हो जो डेरा के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हो। डेरा मुख्यालय करीब 700 एकड़ में फैला हुआ है। बताया जाता है कि डेरा जितना बड़ा बाहर से नजर आता है उतना ही अंडर ग्राउंड है। डेरा के वफादार पुराने सेवादारों के अलावा कोई भी शख्स अंडर ग्राउंड एरिए में नहीं जाता था।
जितने भी डेरा अनुयायी डेरा में आते थे वो केवल सत्संग हॉल, मार्केट, स्टेडियम, लंगर हॉल, नामदान हॉल, होटल, खेत खलियान, बाग और कारखानों तक ही जा पाया करते थे। डेरा का काफी बड़ा इलाका ऐसा है जहां सामान्य डेरा प्रेमियों को जाने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में सर्च ऑपरेशन के दौरान डेरा के कई राज खुलकर बाहर आ सकते हैं।
जितने भी डेरा अनुयायी डेरा में आते थे वो केवल सत्संग हॉल, मार्केट, स्टेडियम, लंगर हॉल, नामदान हॉल, होटल, खेत खलियान, बाग और कारखानों तक ही जा पाया करते थे। डेरा का काफी बड़ा इलाका ऐसा है जहां सामान्य डेरा प्रेमियों को जाने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में सर्च ऑपरेशन के दौरान डेरा के कई राज खुलकर बाहर आ सकते हैं।
डेरा मुखी की गुफा को लेकर उत्सुकता
Ram Rahim
आम जनता से लेकर सुरक्षा बलों तक सभी ये जानने की उत्सुकता सबसे ज्यादा है कि डेरा सच्चा प्रमुख की गुफा अंदर से कैसी है। अभी तक इस गुफा के बारे में काल्पनिक बातें ही हो रही हैं। इसका मेन कारण यह है कि डेरा प्रमुख की चार एकड़ में फैली गुफा में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी।
डेरा प्रमुख के बेहद करीबी साधु और साध्वियों के अलावा कोई ऐसा नहीं जो गुफा में जा सकता हो। बताया जाता है कि गुफा दो भाग हैं। पहला भाग ऐसा है जहां डेरा प्रमुख मंत्रियों से मिला करते थे। डेरा प्रबंधन की डेरा प्रमुख के साथ बैठकें इस भाग में होती थी।
गुफा का दूसरा भाग बेहद गोपनीय और आलीशान है, यहां डेरा प्रमुख की अनुमति के बिना परिंदा तक भी नहीं फटक सकता। इसलिए लोगों में गुफा के राज को जानने की उत्सुकता बनी हुई है।
डेरा प्रमुख के बेहद करीबी साधु और साध्वियों के अलावा कोई ऐसा नहीं जो गुफा में जा सकता हो। बताया जाता है कि गुफा दो भाग हैं। पहला भाग ऐसा है जहां डेरा प्रमुख मंत्रियों से मिला करते थे। डेरा प्रबंधन की डेरा प्रमुख के साथ बैठकें इस भाग में होती थी।
गुफा का दूसरा भाग बेहद गोपनीय और आलीशान है, यहां डेरा प्रमुख की अनुमति के बिना परिंदा तक भी नहीं फटक सकता। इसलिए लोगों में गुफा के राज को जानने की उत्सुकता बनी हुई है।
साध्वियों के आश्रम का एक दरवाजा खुलता था गुफा की तरफ
Ram Rahim
डेरा के पूर्व साधुओं की मानें तो डेरा प्रमुख की गुफा का एक रास्ता सीधा साध्वियों के आश्रम की ओर जाता है। आश्रम का एक दरवाजा इस रास्ते की ओर खुलता है। पूर्व साधु दावा करते आ रहे हैं कि साध्वियों को इस रास्ते डेरा प्रमुख की गुफा में ले जाया जाता था। डेरा प्रमुख की सेवा में हर समय सौ से ज्यादा साध्वियां जुटी रहती थी। गुफा के अंदर पुरुष साधुओं को आने की अनुमति नहीं थी। गुफा की देखरेख साध्वियां ही करती हैं।
इस गुफा में डेरा प्रमुख महाराजाओं की भांति जीवन जीता था। जो काम राजा अपनी दासियों से लेते थे वहीं काम साध्वियां करती थीं। यौन शोषण की शिकार हुई पूर्व साध्वियां अपने बयान में ये बात कह चुकी है कि जिस जो डेरा प्रमुख को जो साध्वी पसंद आती थी, उसे वो अपने बैड रूम में बुला लिया करता। अधिकांश साध्वियां डेरा प्रमुख को अपना तन मन समर्पित कर देती थी। जो साध्वियां आनकानी करती उन्हें इसकी सजा दी जाती।
700 एकड़ की प्रापर्टी का एक एक कोना तलाशा जाएगा। हनीप्रीत और आदित्य इंसा को राउंड अप करना जरूरी है। उनकी गिरफ्तारी के बिना पूरी सर्च संभव नहीं है। लिहाजा पुलिस का फोकस उनकी गिरफ्तारी पर है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- बीएस संधू, डीजीपी हरियाणा
इस गुफा में डेरा प्रमुख महाराजाओं की भांति जीवन जीता था। जो काम राजा अपनी दासियों से लेते थे वहीं काम साध्वियां करती थीं। यौन शोषण की शिकार हुई पूर्व साध्वियां अपने बयान में ये बात कह चुकी है कि जिस जो डेरा प्रमुख को जो साध्वी पसंद आती थी, उसे वो अपने बैड रूम में बुला लिया करता। अधिकांश साध्वियां डेरा प्रमुख को अपना तन मन समर्पित कर देती थी। जो साध्वियां आनकानी करती उन्हें इसकी सजा दी जाती।
700 एकड़ की प्रापर्टी का एक एक कोना तलाशा जाएगा। हनीप्रीत और आदित्य इंसा को राउंड अप करना जरूरी है। उनकी गिरफ्तारी के बिना पूरी सर्च संभव नहीं है। लिहाजा पुलिस का फोकस उनकी गिरफ्तारी पर है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- बीएस संधू, डीजीपी हरियाणा