{"_id":"59b246e44f1c1bf77f8b4fd1","slug":"ram-rahim-sentenced-in-sadhvi-rape-case-huge-loss-of-film-makers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राम रहीम के जेल जाने का सबसे बड़ा नुकसान इन्हें हुआ, लाखों करोड़ों का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम रहीम के जेल जाने का सबसे बड़ा नुकसान इन्हें हुआ, लाखों करोड़ों का
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Sep 2017 09:20 AM IST
विज्ञापन
Ram Rahim
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साध्वी रेप केस में 20 साल के लिए राम रहीम के जेल जाने का सबसे बड़ा नुकसान कई लोगों को हुआ, वो भी लाखों करोड़ों का। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की फिल्मों का निर्माण करने वाली कंपनी हकीकत एंटरटेनमेंट प्रा. लि. के तहत कार्य करने वाले केरल और तमिलनाडु के विभिन्न पदों पर कायर्रत लोगों का करीब 80 लाख रुपये का वेतन डेरा में अटक गया है।
ये लोग परिवार सहित डेरा में रह रहे थे। डेरा में अब काम ठप होने पर बेरोजगार हो गए हैं। इन लोगों ने श्रम कानून के नियमों का हवाला देते हुए वेतन दिलाने व स्थाई रोजगार दिलाने को लेकर श्रम विभाग से मांग की है। केरल और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से आकर डेरा सच्चा सौदा में रहने और फिल्म प्रोडक्शन का काम करने वाले टीम सदस्यों का करीब 80 लाख रुपये का वेतन डेरा में अटक गया है।
फिल्में बनाने पर बैन लगा दिए जाने के कारण अब उनके हाथ से रोजगार भी छिन गया है। वेतन दिलाने और उनका किसी अन्य कंपनी में समायोजन करवाने की मांग को लेकर वीरवार को टीम सदस्य श्रम विभाग के कार्यालय पहुंचे और लेबर इंस्पेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये लोग परिवार सहित डेरा में रह रहे थे। डेरा में अब काम ठप होने पर बेरोजगार हो गए हैं। इन लोगों ने श्रम कानून के नियमों का हवाला देते हुए वेतन दिलाने व स्थाई रोजगार दिलाने को लेकर श्रम विभाग से मांग की है। केरल और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से आकर डेरा सच्चा सौदा में रहने और फिल्म प्रोडक्शन का काम करने वाले टीम सदस्यों का करीब 80 लाख रुपये का वेतन डेरा में अटक गया है।
विज्ञापन
फिल्में बनाने पर बैन लगा दिए जाने के कारण अब उनके हाथ से रोजगार भी छिन गया है। वेतन दिलाने और उनका किसी अन्य कंपनी में समायोजन करवाने की मांग को लेकर वीरवार को टीम सदस्य श्रम विभाग के कार्यालय पहुंचे और लेबर इंस्पेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
ज्ञापन देने वालों ने ये सभी शामिल रहे
Ram Rahim
ज्ञापन देने वालों में प्रोडक्शन मैनेजर रविंद्र काप्से, असिस्टेंट सुपरवाइजर सुनील, सीनियर कंपोजिटर वर्दराज, मुरली, रोटो लीडर कुलदीप सिद्धू, रोटो आर्टिस्ट आकाश प्रताप व सिमांता, शैलेंद्र, संजय, सतपाल, विक्रम, शुभम, मनिंद्र, हरजीत, प्रदीप, जगमोहन, रोहित, कुलदीप ने बताया कि सभी केरल, तामिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र के निवासी हैं।
उन्होंने बताया कि उन सभी को फिल्म कंपनी में स्थाई रोजगार देने की बात कहकर डेरा में लाया गया था, पर गत माह ही कंपनी के निदेशक जितेंद्र खुराना ने उन्हें फोन किया और फिल्में न बनने की बात कहकर और कहीं नौकरी तलाश करने की बात कही, लेकिन अगस्त माह के वेतन के संबंध में कुछ नहीं कहा। उन्होंने कई बार उनसे फोन पर संपर्क करना चाहा, पर हर बार उनका मोबाइल बंद मिला। कुछ दिन पहले वे डेरे की चेयरपर्सन विपासना से मिले तो उन्होंने जल्द वेतन देने की बात कही, जो अभी तक नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि फिल्म प्रोडक्शन में कुल 147 सदस्य काम कर रहे हैं और इन सबका लगभग 80 लाख रुपये वेतन अटका पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थाई नौकरी सोचकर ही उन्होंने डेरा में रोजगार शुरू किया था, लेकिन अब बिना किसी पूर्व नोटिस के ही उन्हें बेरोजगार कर दिया गया है। ऊपर से वेतन भी नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ पड़ा है। उन्होंने श्रम कानून के नियमों का हवाला देते हुए वेतन दिलाने व स्थाई रोजगार दिलाने की श्रम विभाग से मांग की।
उन्होंने बताया कि उन सभी को फिल्म कंपनी में स्थाई रोजगार देने की बात कहकर डेरा में लाया गया था, पर गत माह ही कंपनी के निदेशक जितेंद्र खुराना ने उन्हें फोन किया और फिल्में न बनने की बात कहकर और कहीं नौकरी तलाश करने की बात कही, लेकिन अगस्त माह के वेतन के संबंध में कुछ नहीं कहा। उन्होंने कई बार उनसे फोन पर संपर्क करना चाहा, पर हर बार उनका मोबाइल बंद मिला। कुछ दिन पहले वे डेरे की चेयरपर्सन विपासना से मिले तो उन्होंने जल्द वेतन देने की बात कही, जो अभी तक नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि फिल्म प्रोडक्शन में कुल 147 सदस्य काम कर रहे हैं और इन सबका लगभग 80 लाख रुपये वेतन अटका पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थाई नौकरी सोचकर ही उन्होंने डेरा में रोजगार शुरू किया था, लेकिन अब बिना किसी पूर्व नोटिस के ही उन्हें बेरोजगार कर दिया गया है। ऊपर से वेतन भी नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ पड़ा है। उन्होंने श्रम कानून के नियमों का हवाला देते हुए वेतन दिलाने व स्थाई रोजगार दिलाने की श्रम विभाग से मांग की।