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जेल से लापता होने के बाद इस जगह पर भी दिखी थी हनीप्रीत, नया सच आया सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
Updated Fri, 15 Sep 2017 09:29 AM IST
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प्रियंका तनेजा ऐसे बनी राम रहीम की हनीप्रीत
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जेल से लापता होने के बाद राम रहीम की 'दुलारी' हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं है, लेकिन रोहतक के बाद एक और जगह पर वो गई थी और वहां उसे देखा भी गया था। बताया जा रही है कि हरियाणा सरकार और पुलिस के लिए सिरदर्द बनी डेरामुखी की गोद ली बेटी हनीप्रीत राम रहीम को रोहतक जेल में छोड़कर दो दिन तक सिरसा डेरे में छिपी थी।
उस दौरान इसके बारे में न तो सिरसा प्रशासन को भनक लगी न पुलिस को। जब हनीप्रीत की पुलिस ने सरगर्मी से तलाश शुरू की तो वह सभी को चकमा देते हुए चंपत हो गई। दरअसल, 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया था।
सुनवाई के दौरान डेरामुखी के साथ उसकी कथित बेटी हनीप्रीत भी थी। डेरामुखी को हेलीकाप्टर से रोहतक सुनारिया जेल लाया गया था। हनीप्रीत भी उसके साथ आई थी। डेरामुखी के जेल में जाने के बाद हनीप्रीत अपने तीन साथियों के साथ कार में बैठकर चली गई। इसके बाद से हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं है।
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उस दौरान इसके बारे में न तो सिरसा प्रशासन को भनक लगी न पुलिस को। जब हनीप्रीत की पुलिस ने सरगर्मी से तलाश शुरू की तो वह सभी को चकमा देते हुए चंपत हो गई। दरअसल, 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया था।
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सुनवाई के दौरान डेरामुखी के साथ उसकी कथित बेटी हनीप्रीत भी थी। डेरामुखी को हेलीकाप्टर से रोहतक सुनारिया जेल लाया गया था। हनीप्रीत भी उसके साथ आई थी। डेरामुखी के जेल में जाने के बाद हनीप्रीत अपने तीन साथियों के साथ कार में बैठकर चली गई। इसके बाद से हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं है।
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आईपीएस अधिकारी ने किया खुलासा
Ram Rahim With Honeypreet Insan
- फोटो : File Photo
एक आईपीएस अधिकारी ने बताया कि हनीप्रीत अपने साथियों के साथ पहले रोहतक में करीब दो घंटे तक एक डेराप्रेमी के घर रुकी। इसके बाद वह सिरसा स्थित डेरे में पहुंची। डेरे में हनीप्रीत दो दिन तक रही। जब उसके खिलाफ पंचकूला में केस दर्ज कर लिया गया तो वह फरार हो गई। बता दें कि डेरा प्रमुख को दोषी करार देने के बाद गनमैन उसे कोर्ट से भगाकर ले जाना चाहते थे। इसकी साजिश हनीप्रीत ने रची थी। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
बिना बाधा डेरे तक पहुंची हनीप्रीत
रोहतक से हिसार और सिरसा तक पुलिस और पैरा मिलिट्री के कड़े पहरे के बावजूद हनीप्रीत बेरोक-टोक सिरसा डेरे तक पहुंची। तब हनीप्रीत के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया था। इस कारण हनीप्रीत को रास्ते में पूछताछ के लिए रोका नहीं गया। बताया जा रहा है कि हनीप्रीत के साथ रोहतक का एक डेराप्रेमी पहुंचा था। पुलिस उसकी रोहतक में तलाश कर रही थी, लेकिन वह सिरसा डेरे में था। दो दिन तक डेरे की गतिविधियां हनीप्रीत की देखरेख में हुईं। बताया जा रहा है कि इस बीच डेरे में सबूतों को नष्ट किया गया।
बिना बाधा डेरे तक पहुंची हनीप्रीत
रोहतक से हिसार और सिरसा तक पुलिस और पैरा मिलिट्री के कड़े पहरे के बावजूद हनीप्रीत बेरोक-टोक सिरसा डेरे तक पहुंची। तब हनीप्रीत के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया था। इस कारण हनीप्रीत को रास्ते में पूछताछ के लिए रोका नहीं गया। बताया जा रहा है कि हनीप्रीत के साथ रोहतक का एक डेराप्रेमी पहुंचा था। पुलिस उसकी रोहतक में तलाश कर रही थी, लेकिन वह सिरसा डेरे में था। दो दिन तक डेरे की गतिविधियां हनीप्रीत की देखरेख में हुईं। बताया जा रहा है कि इस बीच डेरे में सबूतों को नष्ट किया गया।
रोहतक जेल से चार लोगों के साथ गई थी
Honeypreet Insan
राम रहीम को रोहतक तक पहुंचाने के बाद हनीप्रीत गायब हो गई। डीजीपी ने बताया कि राम रहीम के जेल आने के बाद हनीप्रीत को जेल से वापस भेज दिया गया था। फिर चर्चा हुई थी कि जेल से आने के बाद हनीप्रीत आर्य नगर में एक डेरा प्रेमी के घर पर रुकी थी। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने हनीप्रीत के मोबाइल की लोकेशन भी खंगाली है। उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन दिल्ली के नजफगढ़ में मिली है। इसके बाद से ही उसका मोबाइल नंबर बंद है।
डीजीपी ने बताया कि पंचकूला से गुरमीत के साथ रोहतक की सुनारिया जेल पहुंची हनीप्रीत 25 अगस्त को रात लगभग दस बजे जेल से तीन डेरा प्रेमियों रोहतक के साथ गई थी। रोहतक के आर्य नगर निवासी संजय चावला, हिसार निवासी वेद प्रकाश और झज्जर से जितेंद्र कुमार अपनी जिम्मेवारी पर उसे साथ ले गए थे। हनीप्रीत ने लिखित में जेल प्रशासन को दिया था कि मै हनीप्रीत इसां पुत्री गुरमीत राम रहीम सही सलामत हूं और विकास निवासी 3/783 फतेहाबाद के साथ जा रही हूं।
डेरा प्रेमी संजय चावला, वेद प्रकाश और जितेंद्र ने भी उसी पत्र पर लिख कर दिया था कि हम उपरोक्त व्यक्ति बाबा राम रहीम की पुत्री हनीप्रीत इसां को अपने साथ सही सलामत अपनी जिम्मेवारी और हनीप्रीत की मर्जी से लेकर जा रहे हैं। उन्हें उनके घर पहुंचाने की जिम्मेवारी हमारी है। उसके बाद से हनीप्रीत कहां है, इसका भी कोई सुराग नहीं है। संजय चावला भी इस बारे में कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
डीजीपी ने बताया कि पंचकूला से गुरमीत के साथ रोहतक की सुनारिया जेल पहुंची हनीप्रीत 25 अगस्त को रात लगभग दस बजे जेल से तीन डेरा प्रेमियों रोहतक के साथ गई थी। रोहतक के आर्य नगर निवासी संजय चावला, हिसार निवासी वेद प्रकाश और झज्जर से जितेंद्र कुमार अपनी जिम्मेवारी पर उसे साथ ले गए थे। हनीप्रीत ने लिखित में जेल प्रशासन को दिया था कि मै हनीप्रीत इसां पुत्री गुरमीत राम रहीम सही सलामत हूं और विकास निवासी 3/783 फतेहाबाद के साथ जा रही हूं।
डेरा प्रेमी संजय चावला, वेद प्रकाश और जितेंद्र ने भी उसी पत्र पर लिख कर दिया था कि हम उपरोक्त व्यक्ति बाबा राम रहीम की पुत्री हनीप्रीत इसां को अपने साथ सही सलामत अपनी जिम्मेवारी और हनीप्रीत की मर्जी से लेकर जा रहे हैं। उन्हें उनके घर पहुंचाने की जिम्मेवारी हमारी है। उसके बाद से हनीप्रीत कहां है, इसका भी कोई सुराग नहीं है। संजय चावला भी इस बारे में कुछ बता नहीं पा रहे हैं।