Haryana News: राम रहीम का चाल-चलन सही तो 60 दिन की सजा होगी माफ, गणतंत्र दिवस पर मिल सकती राहत
गणतंत्र दिवस पर राम रहीम को बड़ी राहत मिल सकती है। उसकी 60 दिन की सजा कम हो सकती है। दरअसल, उम्रकैद की सजा पाने वाले कैदियों का अगर चाल चलन सही है तो उनकी 60 दिन की सजा कम होगी। हरियाणा सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। बता दें कि अभी राम रहीम 50 दिन के पैरोल पर यूपी के बरनावा आश्रम में है।
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हरियाणा सरकार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कैदियों को विशेष छूट दी है। नए आदेश के मुताबिक जिन अपराधियों को आजीवन कारावास, 10 वर्ष या इससे अधिक की अवधि की सजा सुनाई गई है, उन्हें 60 दिन और जिन अपराधियों को पांच वर्ष, पांच वर्ष से ऊपर व 10 वर्ष से कम की सजा सुनाई गई है, उन्हें 45 दिन की सजा में छूट प्रदान की जाएगी।
वहीं, जिन अपराधियों को पांच वर्ष से कम की सजा सुनाई गई है, उनकी 30 दिन की सजा कम होगी। इस छूट का डेरा प्रमुख राम रहीम को भी फायदा मिलेगा। दरअसल, राम रहीम को दो अलग-अलग हत्याओं के मामले में आजीवन कारावास और दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा मिली हुई है। इस लिहाज से सजा में विशेष छूट का फायदा उसे भी मिलेगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी, 2024 को कारागार से पैरोल और फरलो पर आए सभी अपराधियों को भी यह छूट दी जाएगी, बशर्ते वे अपने निर्धारित समय पर संबंधित कारागार में आत्म समर्पण करते हैं तो उस स्थिति में कारावास के बचे हुए समय में यह छूट दी जाएगी। वहीं, जिन अपराधियों पर जुर्माना भुगतान न करने पर सजा हुई है, उन्हें यह छूट नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन अपराधियों को हरियाणा में आपराधिक न्याय क्षेत्र के न्यायालयों द्वारा दोषी ठहराया गया है लेकिन हरियाणा के बाहर जेलों में अपनी सजा काट रहे हैं, वे भी छूट प्राप्त करने के हकदार होंगे। उन्होंने बताया कि जो अपराधी जमानत पर हैं, उन्हें यह छूट नहीं दी जाएगी।
इन अपराध श्रेणी के आरोपियों को नहीं दी जाएगी छूट
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों की हत्या व अपहरण, बलात्कार के साथ हत्या, डकैती और लूटपाट, एसिड अटैक, टेरॉरिस्ट एंड डिसरेप्टिव एक्टिविटीज (प्रीवेंशन) अधिनियम-1987, कार्यालय गोपनीय अधिनियम-1923, विदेशी अधिनियम-1948, पासपोर्ट अधिनियम-1967, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम-1961 की धारा 2 और 3, भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 121 से 130, फिरौती के लिए किडनैपिंग, पॉक्सो अधिनियम 2012 के तहत कोई अपराध, एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत धारा 32ए के तहत सजा काट रहे अपराधियों को छूट नहीं दी जाएगी।
इसके अलावा किसी भी वर्ग के बंदी, पाकिस्तान नेशनल, अपराध दंड संहिता 1973 की धारा 107/109/110 की धाराओं के साथ-साथ शांति बनाए रखने के मामले में सुरक्षा देने में असफल होने वाले आपराधिक व्यक्ति, पिछले दो वर्षों के दौरान किसी भी बड़े जेल अपराध में संलिप्त अपराधियों के मामले में सजा काट रहे अपराधियों को कोई छूट नहीं मिलेगी।