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चुनाव नजदीक होने के चलते राम रहीम को जेल से बाहर लाया गया है: धामी
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कहा, राम रहीम के लिए कानून व हरियाणा के जेल मैनुअल में की गईं संशोधन
पटियाला जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआना से मिलने पहुंचे एसजीपीसी प्रधान व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के केस में फांसी की सजा काट रहे बलवंत सिंह राजोआना से मिलने के लिए मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी व श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह पटियाला की सेंट्रल जेल पहुंचे। वह राजोआना के लिए श्री हरमंदिर साहिब का प्रसाद व जल लेकर भी आए। बाहर निकलने पर मीडिया से बात करते धामी ने कहा कि वह परिवारिक तौर पर राजोआना के साथ मुलाकात करके आए हैं। बाबा राम रहीम को पैरोल मिलने के बारे में धामी ने कहा कि हरियाणा में अब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए राम रहीम को बाहर लाया गया है। एसजीपीसी प्रधान ने सवाल उठाते कहा कि जेलों में सजाएं भुगत रहे बंदी सिंहों को साल में एक बार बड़ी मुश्किल से पैरोल दी जाती है, जबकि दूसरी तरफ राम रहीम को साल में सात बार पैरोल मिल जाती है। इसके लिए कानून व हरियाणा के जेल मैनुअल में संशोधन किए गए। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, लेकिन सिखों से भेदभाव हो रहा है। राजोआना की फांसी की सजा माफी संबंधी याचिका पर अब तक कोई फैसला न होने संबंधी धामी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उन्हें सबसे बड़ा गिला-शिकवा है। एसजीपीसी कानूनी तौर पर बनी संस्था है, बावजूद इसके लगातार मांग के बावजूद उन्हें मिलने के लिए समय नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब है कि बलवंत सिंह राजोआना पिछले 28 साल से जेल में बंद है।
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पटियाला जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआना से मिलने पहुंचे एसजीपीसी प्रधान व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के केस में फांसी की सजा काट रहे बलवंत सिंह राजोआना से मिलने के लिए मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी व श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह पटियाला की सेंट्रल जेल पहुंचे। वह राजोआना के लिए श्री हरमंदिर साहिब का प्रसाद व जल लेकर भी आए। बाहर निकलने पर मीडिया से बात करते धामी ने कहा कि वह परिवारिक तौर पर राजोआना के साथ मुलाकात करके आए हैं। बाबा राम रहीम को पैरोल मिलने के बारे में धामी ने कहा कि हरियाणा में अब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए राम रहीम को बाहर लाया गया है। एसजीपीसी प्रधान ने सवाल उठाते कहा कि जेलों में सजाएं भुगत रहे बंदी सिंहों को साल में एक बार बड़ी मुश्किल से पैरोल दी जाती है, जबकि दूसरी तरफ राम रहीम को साल में सात बार पैरोल मिल जाती है। इसके लिए कानून व हरियाणा के जेल मैनुअल में संशोधन किए गए। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, लेकिन सिखों से भेदभाव हो रहा है। राजोआना की फांसी की सजा माफी संबंधी याचिका पर अब तक कोई फैसला न होने संबंधी धामी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उन्हें सबसे बड़ा गिला-शिकवा है। एसजीपीसी कानूनी तौर पर बनी संस्था है, बावजूद इसके लगातार मांग के बावजूद उन्हें मिलने के लिए समय नहीं दिया जा रहा है। गौरतलब है कि बलवंत सिंह राजोआना पिछले 28 साल से जेल में बंद है।