राम रहीमः उम्रकैद की सजा सुनते ही घुटनों के बल बैठ गया राम रहीम, बैरक में रहा ऐसा रिएक्शन
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दो साध्वियों से दुष्कर्म की सजा काट रहे राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरुवार को वीसी से सजा सुनाई गई। दो पुलिसकर्मी और जेल अधिकारी गुरमीत को सुनारिया जेल की बैरक से कॉन्फ्रेंसिंग रूम में लेकर पहुंचे। उसकी सजा पर चली बहस के बाद जब शाम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई तो वह कॉन्फ्रेंसिंग रूप में ही घुटनों के बल बैठ गया।
इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने उसे उठाया, तभी चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य जांचा और उसे फिर बैरक में ले जाकर बंद कर दिया। सूत्रों की मानें तो बैरक में बंद होने के कुछ देर बैरक में घूमने के बाद वह बैठ गया। इस दौरान उस पर नजर रख रहे नंबरदारों और जेल स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया।
उसने किसी से भी बात नहीं की। इससे पूर्व राम रहीम के वकील संदीप कामरा दोपहर करीब 1:46 बजे रोहतक की सुनारिया जेल में पहुंचे। जेल के बाहर नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया था। पहचान पत्र देखने के बाद वकील और उसके सहयोगियों को अंदर जाने दिया गया।