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राम रहीम का पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह पहुंचा हाईकोर्ट, ये हत्याकांड बना वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:38 PM IST
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राम रहीम और खट्टा सिंह
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साध्वी रेप केस में सजा काट रहे राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वजह है रणजीत सिंह मर्डर केस। पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत द्वारा अपील खारिज कर दिए जाने के बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
उन्होंने डेरामुखी के खिलाफ जारी हत्या के दो मामलों में तब तक सीबीआई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने पर रोक लगाने की मांग की है, जब तक उनको दोबारा गवाही के लिए नहीं बुलाया जाता। खट्टा सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट में तीन अक्तूबर को सुनवाई होगी।
याचिका में खट्टा सिंह ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को गलत ठहराते हुए कहा है कि डेरामुखी द्वारा रेप का शिकार हुई साध्वी के भाई रणजीत सिंह की हत्या और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामलों में उसने सीबीआई कोर्ट को पहले पूरे तथ्य दिए थे, लेकिन गवाही के समय वह डर और दबाव के कारण बयान से मुकर गया था।
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याचिका में कहा गया है कि मौजूदा केस में ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार है कि वह किसी भी गवाह को दोबारा गवाही के लिए बुला सकता है। खट्टा सिंह ने गुजरात दंगों समेत कई मामलों का हवाला भी दिया है जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों को फिर से गवाही के लिए तलब किया था। याचिका में इसे आधार बनाते हुए मांग की गई है कि उन्हें रणजीत सिंह हत्या मामले में दोबारा गवाही देने का अवसर दिया जाए।
सीबीआई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
सीबीआई कोर्ट गत 25 सितंबर को खट्टा सिंह की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उनका कहना था कि उन्होंने डेरामुखी से जुड़े मामलों में पहले दबाव और डर के चलते 2012 में गवाही के दौरान बयान से मुकर गया था, लेकिन चूंकि अब डेरामुखी को जेल की सजा हो चुकी है और वह अब किसी दबाव या डर में नहीं है, इसलिए उसे गवाही के लिए दोबारा मौका दिया जाए।
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उन्होंने डेरामुखी के खिलाफ जारी हत्या के दो मामलों में तब तक सीबीआई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने पर रोक लगाने की मांग की है, जब तक उनको दोबारा गवाही के लिए नहीं बुलाया जाता। खट्टा सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट में तीन अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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याचिका में खट्टा सिंह ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को गलत ठहराते हुए कहा है कि डेरामुखी द्वारा रेप का शिकार हुई साध्वी के भाई रणजीत सिंह की हत्या और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामलों में उसने सीबीआई कोर्ट को पहले पूरे तथ्य दिए थे, लेकिन गवाही के समय वह डर और दबाव के कारण बयान से मुकर गया था।
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याचिका में कहा गया है कि मौजूदा केस में ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार है कि वह किसी भी गवाह को दोबारा गवाही के लिए बुला सकता है। खट्टा सिंह ने गुजरात दंगों समेत कई मामलों का हवाला भी दिया है जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों को फिर से गवाही के लिए तलब किया था। याचिका में इसे आधार बनाते हुए मांग की गई है कि उन्हें रणजीत सिंह हत्या मामले में दोबारा गवाही देने का अवसर दिया जाए।
सीबीआई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
सीबीआई कोर्ट गत 25 सितंबर को खट्टा सिंह की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उनका कहना था कि उन्होंने डेरामुखी से जुड़े मामलों में पहले दबाव और डर के चलते 2012 में गवाही के दौरान बयान से मुकर गया था, लेकिन चूंकि अब डेरामुखी को जेल की सजा हो चुकी है और वह अब किसी दबाव या डर में नहीं है, इसलिए उसे गवाही के लिए दोबारा मौका दिया जाए।