पंजाब में BJP को बड़ा झटका: तीन पूर्व मंत्रियों समेत आठ नेता कांग्रेस में लौटे, डेढ़ साल में ही कर ली घर वापसी
2022 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज कुमार वेरका को भाजपा ने काफी महत्व दिया था। वहीं सूत्रों के मुताबिक वह फिर से कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। वेरका चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस में काम किया है।
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पंजाब में अपने बूते लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही पंजाब भाजपा को जोर का झटका लगा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए तीन पूर्व मंत्रियों समेत आठ वरिष्ठ नेताओं ने करीब डेढ़ साल के भीतर ही कांग्रेस में लौट आए हैं। ये सभी नेता पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खेमे के हैं। कैप्टन के भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब कांग्रेस से नेताओं का भाजपा में शामिल होने का सिलसिला शुरू हो गया था।
शुक्रवार सुबह सीनियर नेता डॉ. राजकुमार वेरका ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी की तो शाम को नई दिल्ली पहुंचे पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह कांगड़ समेत सात नेता भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौट आए। यह नेता हैं- पूर्व विधायक जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू, हंस राज जोसन, मोहिंदर कुमार रिणवा, कमलजीत सिंह ढिल्लों और करणवीर सिंह। इन सभी नेताओं ने पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में पार्टी ज्वॉइन की।
इस मौके पर पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी मौजूद रहे। अपनी पुरानी पार्टी में लौटने के बाद गुरप्रीत कांगड़ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमने अपने घर वापसी की है। ऐसा ही बयान राजकुमार वेरका ने भी दिया। बलबीर सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस उनकी पुरानी पार्टी है और उनसे जो गलती हुई थी, उसे आज सुधार लिया है।
वेरका बोले- भाजपा कट्टरवादी पार्टी, जात-पात हावी
पूर्व मंत्री व पंजाब इकाई के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका ने भाजपा को कट्टरवादी पार्टी करार देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है। डॉ. वेरका ने करीब एक साल बाद घर वापसी करते हुए फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। वेरका ने कहा कि भाजपा में जात-पात हावी है। अपने निवास पर पत्रकारों से भाजपा में शामिल होने को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल करार दिया। इसलिए वह अब घर वापसी कर रहे हैं।
वेरका ने मीडिया के सामने खुलासा किया कि उन्हें भाजपा में घुटन महसूस हो रही थी। उन्हें मान-सम्मान भी हासिल नहीं हुआ। पार्टी का उनके प्रति भेदभाव पूर्ण रवैया रहा है। भाजपा अपने सभी नेताओं को एक बराबर नहीं मानती है। भाजपा अपने नेताओं को एक निगाह से नहीं देखती है।
राजकुमार ने कहा कि भाजपा सभी को साथ लेकर नहीं चलती है, सबका साथ, सबका विकास झूठा नारा है। भाजपा दिखावा करने वाली पार्टी है। जबकि कांग्रेस सभी धर्मों सभी लोगो का बराबर सम्मान करती है। डॉ. राजकुमार ने माना कि उन्होंने दो अक्तूबर को कांग्रेस के पूर्व प्रधान राहुल गांधी के अमृतसर दौरे के बाद ही घर वापसी का फैसला लिया है। राजकुमार ने स्वीकारा कि इस संबंध में उनकी राहुल गांधी से भी बात हुई थी।
भाजपा के अमृतसर शहरी प्रधान पहुंचे मनाने
राजकुमार वेरका की ओर से अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस 11 बजे आयोजित की गई थी। इससे पहले भाजपा के अमृतसर शहरी प्रधान हरविंदर सिंह संधू राजकुमार को मनाने उनके घर पहुंचे लेकिन 15 मिनट हुई बातचीत के बाद भी वह नहीं माने।