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फंगल इंफेक्शन क्यों और कैसे? जानने के लिए ये पढ़िए
ब्यूरो/अमर उजाला-पंचकूला
Updated Sun, 09 Feb 2014 12:50 PM IST
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बरसात के मौसम में होने वाला टीनिया (फंगल इनफेक्शन) इस बार सर्दियों में भी लोगों को बेचैन कर रहा है। इसके मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी डॉक्टरों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।
आंकड़ों पर अगर गौर करें तो पंचकूला के सामान्य अस्पताल में टीनिया से पीड़ित 30-35 मरीज इलाज के लिए रोजाना पहुंच रहे हैं।
पीजीआई के स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार इस बीमारी का पता लगाने के लिए माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर जुटे हैं। स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार कई दवाएं इस बीमारी पर असर नहीं कर रही हैं। यह डॉक्टरों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
एंटी फंगल मेडिसीन कारगर नहीं
टीनिया (फंगल इनफेक्शन) पर एंटी फंगल मेडिसीन पूरी तरह से कारगर नहीं हो रही हैं। पीजीआई के डॉक्टरों के अनुसार, इस इनफेक्शन से पीड़ित 50 प्रतिशत मरीजों पर एंटी फंगल मेडिसीन का असर नहीं हो रहा है।
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उनके अनुसार, इस इनफेक्शन से पीड़ित मरीज करीब एक सप्ताह में ठीक हो जाते थे। लेकिन, अब मरीजों को ठीक होने में महीनों लग रहा है।
टीनिया से बचाव के उपाय
टीनिया एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। गीले कपड़े पहनने से बचें, यदि घर में किसी भी व्यक्ति को हुआ है तो उसके उपयोग किए हुए कपड़े, चप्पल, कंघी, उसके स्नान करने के बाद बाथरूम को वास करके ही स्नान करें, कपड़े सूखे पहने।
फंगल इनफेक्शन के लक्षण
शरीर के उपर लाल रंग का रिंग की तरह रैस उभर आना, सिर पर होने पर सिर के बाल उड़ने लगते है, पैर और हाथ पर होने पर स्किन के ऊपर सफेद परत बन जाना, नाखून काला पड़ जाना, मरीज को खुजली होना।
सर्दी के मौसम में टीनिया फंगल इनफेक्शन के मरीजों की तादात बढ़ी है। यह गंभीर चिंता का विषय है। पीजीआई में स्किन स्पेशलिस्ट के साथ माईक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट इसके कारण पता लगाने के लिए रिसर्च कर रहा है। अनुमान के अनुसार एंटी फंगल मेडिसिन इस इनफेक्शन पर कारगर नहीं हो पा रही है।
डॉ. सुनील डोगरा, स्किन स्पेशलिस्ट, पीजीआई, चंडीगढ़
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आंकड़ों पर अगर गौर करें तो पंचकूला के सामान्य अस्पताल में टीनिया से पीड़ित 30-35 मरीज इलाज के लिए रोजाना पहुंच रहे हैं।
पीजीआई के स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार इस बीमारी का पता लगाने के लिए माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर जुटे हैं। स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार कई दवाएं इस बीमारी पर असर नहीं कर रही हैं। यह डॉक्टरों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
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एंटी फंगल मेडिसीन कारगर नहीं
टीनिया (फंगल इनफेक्शन) पर एंटी फंगल मेडिसीन पूरी तरह से कारगर नहीं हो रही हैं। पीजीआई के डॉक्टरों के अनुसार, इस इनफेक्शन से पीड़ित 50 प्रतिशत मरीजों पर एंटी फंगल मेडिसीन का असर नहीं हो रहा है।
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उनके अनुसार, इस इनफेक्शन से पीड़ित मरीज करीब एक सप्ताह में ठीक हो जाते थे। लेकिन, अब मरीजों को ठीक होने में महीनों लग रहा है।
टीनिया से बचाव के उपाय
टीनिया एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। गीले कपड़े पहनने से बचें, यदि घर में किसी भी व्यक्ति को हुआ है तो उसके उपयोग किए हुए कपड़े, चप्पल, कंघी, उसके स्नान करने के बाद बाथरूम को वास करके ही स्नान करें, कपड़े सूखे पहने।
फंगल इनफेक्शन के लक्षण
शरीर के उपर लाल रंग का रिंग की तरह रैस उभर आना, सिर पर होने पर सिर के बाल उड़ने लगते है, पैर और हाथ पर होने पर स्किन के ऊपर सफेद परत बन जाना, नाखून काला पड़ जाना, मरीज को खुजली होना।
सर्दी के मौसम में टीनिया फंगल इनफेक्शन के मरीजों की तादात बढ़ी है। यह गंभीर चिंता का विषय है। पीजीआई में स्किन स्पेशलिस्ट के साथ माईक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट इसके कारण पता लगाने के लिए रिसर्च कर रहा है। अनुमान के अनुसार एंटी फंगल मेडिसिन इस इनफेक्शन पर कारगर नहीं हो पा रही है।
डॉ. सुनील डोगरा, स्किन स्पेशलिस्ट, पीजीआई, चंडीगढ़