हिमाचल में बारिश, पंजाब में बाढ़ का खतरा, भाखड़ा के गेट खुले
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हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश के कारण भाखड़ा डैम के साथ लगती गोबिंद सागर झील में पानी का स्तर बढ़ने लगा है। इसके मद्देनजर सोमवार सुबह भाखड़ा डैम के चारों हाई फ्लड फाटक खोल दिए गए। इन फाटकों से प्रति सेकेंड 2700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
सोमवार को गोबिंद सागर झील में पानी का स्तर 1662.22 फुट दर्ज किया गया जबकि पानी की आमद 87881 क्यूसेक रही। वहीं दूसरी ओर पौंग डैम में बढ़ रहे जलस्तर के कारण तलवाड़ा शाह नहर बैराज के 16 गेट खोल दिए गए। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है।
इसके अलावा पौंग डैम से ब्यास दरिया में 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने पर जलस्तर में तीन फुट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिला प्रशासन ने आसपास के 16 गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए हैं।
नंगल में भूस्खलन से रेल मार्ग ठप
नंगल क्षेत्र में तीन दिन से हो रही बारिश के कारण हुए भूस्खलन से नंगल-भाखड़ा मुख्य मार्ग प्रभावित रहा। मलबा गिरने से भाखड़ा बांध जाने वाला रेल ट्रैक पर मलबा गिर जाने से रेल मार्ग भी ठप हो गया है। ट्रैक पर बिखरे मलबे को हटाने के लिए बीबीएमबी प्रशासन ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। गांव नैहला के पास भारी भूस्खलन से करीब 50 मीटर तक रेल ट्रैक मलबे में दब चुका है।
‘गांव छोड़ जाएं तो जाएं कहां’
कपूरथला के गांव सांगरा के किसान कुलदीप सिंह ने बताया कि दो दिन पहले जिला प्रशासन ने गांव खाली करने के लिए कहा था, लेकिन कहीं पर कैंप की व्यवस्था नहीं की। वह घर छोड़कर कहां जाएं। पहले से ही दो फुट जलस्तर बढ़ चुका है और धान की फसल पूरी तरह डूबी हुई है। वहीं कपूरथला के डीसी का कहना है कि गुरुद्वारा साहिब और सरकारी स्कूलों में लोगों के ठहरने के प्रबंध पहले से ही किए जा चुके हैं पर लोग आना नहीं चाहते।
हाई अलर्ट जारी करने के साथ ही मवेशियों की खुराक, मेडिकल और अन्य सुविधाओं संबंधी पूरे प्रबंध किए गए हैं। दरिया से आर-पार जाने के लिए किश्तियों की भी व्यवस्था हो चुकी है। जिला प्रशासन दरिया के जलस्तर पर नजर रख रहा है।
-दलजीत सिंह मांगट, डीसी कपूरथला