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चंडीगढ़ में रेलवे पैसेंजर कंप्लेंट्स बूथ में परिंदों ने बनाया बसेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Feb 2016 10:08 AM IST
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर चोरी, स्नैचिंग और मारपीट की शिकायतों के निपटारे के लिए प्लेटफार्म पर बने बूथ में परिंदों ने बसेरा बना लिया है। बूथ के अंदर पुलिस की जगह कबूतर बैठे दिखते हैं।
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ये बूथ जीआरपी एसपी राकेश आर्या के निर्देश पर बनाए गए थे। चंडीगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार और पांच पर पहले से बने पुलिस बीट बॉक्स को पीसीए बनाए गए थे। ताकि यात्री जेब कटने, सामान चोरी होने पर तत्काल प्लेटफार्म पर पुलिस को शिकायत दे सकें।
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लेकिन इस बूथ पर तीन माह में एक भी यात्री की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि डिवीजन के अन्य स्टेशनों पर बनाए गए बूथों पर पुलिस की तैनाती हो रही है और शिकायतें भी सुनी जा रही हैं। दो माह में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बने इस बूथ पर एक भी यात्रियों की शिकायत दर्ज किया गया।
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साप्ताहिक ट्रेनों में यात्रियों की कटती है जेब
स्टेशन पर जेब कतरों और चोरों का गैंग सक्रिय है। यहां साप्ताहिक ट्रेनों के समय ज्यादातर जेब कटने की शिकायत मिली है। कई बार तो यात्री ट्रेन छूटने के चक्कर में थाने तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में अगर प्लेटफार्म पर यह सुविधा होती तो यात्री कम से कम अपनी शिकायत पुलिस को दे पाते।
राकेश आर्या ने क्या कहा
क्या अंबाला डिवीजन के सभी स्टेशनों पर पैसेंजर कंप्लेंट्स असिस्टेंस बूथ बनाए हैं?
हां, चोरी और स्नैचिंग जैसे मामलों की शिकायत यात्री प्लेटफार्म पर ही पुलिस को दे सकें, इसलिए पैसेंजर कंप्लेंट्स असिस्टेंस बूथ प्लेटफॉर्म पर ही बनाया गया है।
क्या इस बूथ पर पुलिस की तैनाती है?
हां, 24 घंटे के लिए।
चंडीगढ़ में बने पैसेंजर कंप्लेंट्स असिस्टेंस बूथ पर पुलिस क्यों नहीं बैठती है?
इसकी जानकारी नहीं है, अगर ऐसा है तो मामले की खुद जांच करूंगा।
बूथ पर जड़ा ताला
बूथ पर यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर 24 घंटे पुलिस की तैनाती के दावे जाते हैं। लेकिन चंडीगढ़ स्टेशन पर बूथ बनाए जाने के बाद एक से दो दिन ही पुलिस मुलाजिम इस बूथ में बैठे दिखाई दिए। इसके बाद लगातार दस दिनों तक पुलिस के डंडे और कैप दिखाई दिए। अब इस बूथ पर ताला जड़ दिया गया है।