ट्राइसिटी में जाम: रोजाना सड़कों पर उतरते हैं 25.87 लाख लोग, 80 फीसदी चलते हैं वाहनों में... RITES की रिपोर्ट
चंडीगढ़ समेत ट्राईसिटी में शिक्षा यात्राओं में से 35.5 फीसदी यात्राएं वाहन से और 38 फीसदी पैदल होती हैं। खरीदारी और मनोरंजन के लिए लगभग 11 फीसदी यात्राएं वाहन से और 41 फीसदी पैदल होती हैं। यह रिपोर्ट मेट्रो को लेकर बनाई गई है ताकि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा यह तय कर सकें कि भविष्य को देखते हुए जाम को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाया जाए।
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हर किसी की शिकायत रहती है कि ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूली), खरड़, न्यू चंडीगढ़ और जीरकपुर में जाम काफी बढ़ गया है। इस जाम के कारण क्या हैं, इसको लेकर रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज (राइट्स) ने अल्टरनेटिव एनालिटिकल रिपोर्ट (एएआर) में कई अहम बातें बताई हैं। कहा है कि इन इलाकों में रोजाना सड़कों पर करीब 25.87 लाख लोग सफर करते हैं। इनमें से 80 फीसदी यात्राएं गाड़ियों से होती हैं, जिसकी वजह से जाम बढ़ा है।
राइट्स की अल्टरनेटिव एनालिटिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि 80 फीसदी यात्राएं वाहन से जबकि 20 फीसदी यात्राएं पैदल होती हैं। हालांकि दो-पहिया वाहनों द्वारा की जाने वाली यात्राएं लगभग 34 फीसदी हैं। कुल यात्राओं का बस से सफर करने का हिस्सा लगभग 5.3 फीसदी हिस्सा है जबकि कारों द्वारा की जाने वाली यात्राएं 9.3 फीसदी हैं।
राइट्स ने अपनी स्टडी में सिर्फ चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली को ही नहीं, बल्कि खरड़, न्यू चंडीगढ़ और जीरकपुर को भी जोड़ा है। इन इलाकों में विभिन्न साधनों से लगभग 26.3 लाख मोटर चालित आंतरिक यात्राएं की जा रही हैं। यह देखा गया है कि लगभग 50 फीसदी यात्राएं वाहन से और 10 फीसदी पैदल यात्राएं काम और व्यवसाय के उद्देश्य से की जाती हैं।
2011 में 5.13 लाख से 2019 में 11.58 लाख हो गई वाहनों की संख्या
चंडीगढ़ में प्रति व्यक्ति कार स्वामित्व देश में सबसे अधिक है। 2019 के अनुमान के अनुसार प्रति 1000 लोगों पर लगभग 251 कारें हैं। अकेले चंडीगढ़ में 2023 में 53,223 मोटर वाहन पंजीकृत हुए हैं। 2020 से 2023 के बीच ही चंडीगढ़ की सड़कों पर 1,73,466 वाहन उतरे हैं। पंजीकृत वाहनों की संख्या 2011 में 5.13 लाख से लगभग दोगुनी होकर 2019 में 11.58 लाख हो गई है। 2019 के बाद भी करीब दो लाख वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत कुल वाहनों में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 60 फीसदी और कार/जीप की हिस्सेदारी लगभग 36 फीसदी है। लोग अपनी गाड़ियों में ही चलना पसंद कर रहे हैं, इस वजह से सड़कों पर जाम बढ़ता जा रहा है।
स्टडी की कुछ महत्वपूर्ण बातें
1. यह देखा गया है कि लगभग 50 फीसदी यात्राएं वाहन से और 10 फीसदी पैदल यात्राएं काम और व्यवसाय के लिए की जाती हैं। शिक्षा यात्राओं में से 35.5 फीसदी यात्राएं वाहन से और 38 फीसदी पैदल होती हैं। खरीदारी और मनोरंजन के लिए लगभग 11 फीसदी यात्राएं वाहन से और 41 फीसदी पैदल होती हैं।
2. लोग औसतन पैदल 1.0 किमी तक ही जाते हैं। कारें औसतन 8.3 किमी, दोपहिया वाहन 5.0 किमी जबकि ऑटो रिक्शा और साइकिलें 3.5 किमी और 2.2 किमी तक की यात्रा करते हैं।
3. विश्लेषण से पता चलता है कि 44 फीसदी यात्राएं 10-20 मिनट में और लगभग 20.4 फीसदी यात्राएं 20-30 मिनट की ही होती है।
4. लगभग 24 फीसदी यात्राओं की लागत 5 रुपये से 15 रुपये के बीच है। लगभग 49% यात्राओं की लागत 20 रुपये से अधिक है।
5. स्टडी एरिया (चंडीगढ़, मोहाली, खरड़, न्यू चंडीगढ़, पंचकूला और जीरकपुर) में लगभग 25.87 लाख लोग रोजाना ट्रैवल करते हैं। करीब तीन लाख लोग रोजाना ट्रैवल करके स्टडी एरिया से बाहर भी जाते और आते हैं। करीब 4.0 लाख लोग ऐसे भी हैं, जो सिर्फ स्टडी एरिया से गुजरते हैं।
मोड शेयर
मोड यात्राओं की संख्या प्रतिशतकार 3,48,312 9.3
पूल कार 5,438 0.1
टैक्सी 24,766 0.7
शेयर्ड टैक्सी 7,022 0.2
टू व्हीलर 12,64,724 33.9
ऑटो रिक्शा 1,47,293 3.9
शेयर्ड ऑटो रिक्शा 2,27,577 6.1
मिनी बस 44,744 1.2
बस 1,51,579 4.1
चार्टर्ड/प्राइवेट बस 38,855 1.0
स्कूल बस 3,72,634 10.0
साइकिल 3,38,809 9.1
ट्रेन 1,585 0.04
फ्लाइट 1,776 0.05
पैदल 7,55,042 20.2
चंडीगढ़, मोहाली, खरड़, न्यू चंडीगढ़, पंचकूला और जीरकपुर की संभावित जनसंख्या
वर्ष जनसंख्या
2023 25.02 लाख
2033 31.05 लाख
2043 39.24 लाख
2053 47.31 लाख
चंडीगढ़ में पिछले 5 साल में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या
वर्ष वाहनों की संख्या
2024 23,505 (22 जुलाई 2024 तक)
2023 53,223
2022 50,914
2021 38,652
2020 30,677