रेल बजटः उद्यमियों को 'प्रभु' से कृपा की उम्मीद
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केंद्र में मोदी सरकार के रेल मंत्री सुरेश प्रभु 26 फरवरीको अगले वित्त वर्ष के लिए रेल बजट पेश करने जा रहे हैं। मोदी सरकार ने सत्ता संभालते ही रेलवे का कायाकल्प करने का संकल्प लिया था।
एक तरफ हाई स्पीड रेल चलाने के लिए ट्रायल किए जा रहे हैं, वहीं रेलवे में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल को तवज्जो दी जा रही है। सरकार के इसी रूख को भांपते हुए उद्योगों को भी रेल बजट से इस बार काफी ज्यादा उम्मीदे हैं।
उद्यमियों को उम्मीद है कि बजट में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया जाए। यात्रियों की सुविधाएं बेहतर होनी चाहिए। साथ ही पिछले आठ माह से पेट्रो उत्पादों की कीमतों में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। उसका लाभ रेल भाड़े में भी मिलना चाहिए।
काबिलेजिक्र है कि लुधियाना पंजाब का बड़ा औद्योगिक शहर है। होजरी के अलावा इंजीनियरिंग उद्योग और फूड उत्पाद बड़ी संख्या में देश के दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। साथ ही लुधियाना से सालाना 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का माल निर्यात किया जा रहा है।
निर्यात का अधिकतर माल पोर्ट पर रेलवे के माध्यम से ही पहुंचाया जा रहा है। उद्यमियों की मांग है कि लुधियाना-कोलकाता के बीच डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर के प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा किया जाए। इससे पोर्ट से दूर स्थित पंजाब के उद्यमियों को काफी फायदा होगा।
माल भाड़े को सस्ता करे सरकार
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल अंडरटेकिंग्स के महासचिव उपकार सिंह का तर्क है कि पिछले वर्ष रेल बजट के वक्त पेट्रोल का दाम 80 रुपये से अधिक व डीजल का रेट 55 रुपये के आसपास था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के रेट लगातार कम हो रहे हैं। जिसकी वजह से अब पेट्रोल का रेट 65 व डीजल 45 रुपये के करीब तक पहुंच चुका है।
इसके साथ कोयले के रेट में भी कमी दर्ज की गई हैं। उद्योग को इसका लाभ माल भाड़े में मिलना चाहिए। इसलिए सरकार को चाहिए कि माल भाड़े की दरों में कमी लाकर उद्योगों को राहत दी जाए।
सीमावर्ती राज्य के उद्यमियों को मिले फ्रेट सब्सिडी
अपैक्स चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रजनीश अहूजा का कहना है कि पंजाब पोर्ट से दूरी पर स्थित है। यहां पर कच्चा माल भी दूसरे राज्यों से मंगवाया जा रहा है। जबकि तैयार माल भी दूसरे राज्यों को भेजा जा रहा है।
ऐसे में उद्यमियों को डबल माल भाड़ा लग रहा है और उत्पादों की लागत बढ़ रही है। इसकी भरपाई के लिए रेल बजट में सरकार को देश के सीमावर्ती राज्यों के उद्यमियों को फ्रेट सब्सिडी दी जाए। ताकि प्रतिस्पर्धात्मक मार्केट में उद्यमी चुनौतियों का मुकाबला कर सकें।
फल सब्जी की ढुलाई के लिए बने कोल्ड चेन
निट एंड फैब होजरी एसोसिएशन के प्रधान विपिन विनायक का तर्क है कि सर्दी सीजन में बड़ी संख्या में होजरी का माल रेल के जरिए अन्य राज्यों को भेजा जाता है।
कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कई कई दिन माल प्लेटफार्म पर पड़ा रहता है और खराब हो जाता है। ऐसे में होजरी के लोड को उठाने के लिए सीजन के दौरान अतिरिक्त बोगियों एवं रैक का इंतजाम किया जाए। ताकि माल को समयबद्ध तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा सके ।
पंजाब फ्रूट एंड वेजिटेबल कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव अमरवीर सिंह का कहना है कि सूबे में देश के अन्य राज्यों से बड़ी मात्रा में फल एवं सब्जी रेल के जरिए मंगवाई जा रही है। दूसरे यहां से भी काफी फल सब्जी को अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है। लेकिन कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण काफी उत्पाद खराब हो जाते हैं।
इससे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। फल सब्जी की ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए रेलवे को ट्रेन और स्टेशनों पर कोल्ड चेन की सुविधा देनी होगी। इससे रेलवे के राजस्व में भी इजाफा होगा।