{"_id":"4a9e635c5e457b7dffb2bf7cac6f5681","slug":"rafi-kishor-song-in-gandhi-memorial","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांधी स्मारक में गूंजे रफी-किशोर के नगमें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांधी स्मारक में गूंजे रफी-किशोर के नगमें
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 16 Dec 2013 06:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिलबर मेरे कब तक मुझे ऐसे ही तड़पाओगे...मैं आग दिल में लगा दूंगा तो पल में फिसल जाओगे...यह गीत जैसे ही गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 में गूंजा तो तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई।
विज्ञापन
मौका था चंडीगढ़ आर्ट थिएटर द्वारा आयोजित रफी-किशोर की यादें के लिए ऑडीशन का।
इस कंपटीशन में सत्तर प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ये प्रतिभागी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली से आए थे। इन प्रतिभागियों को जज करने के लिए यहां सिंगापुर की गायिका जस के मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विनोद ने मेरे सपनों की रानी गीत तो राहुल ने रुक जाना नहीं तू कहीं हार के गीत को आवाज दी। इस कंपटीशन के दौरान तीन कैटेगरी बनाई गईं थीं।
इसमें 8-15, 16-35 और 35 से ज्यादा की कैटेगरी थीं। इस प्रतियोगिता का फाइनल जनवरी में होगा। सिंगापुर से आईं गायिका और जज जस के ने कहा कि उनका इरादा अब बालीवुड में इंट्री का है।
विज्ञापन
उनके दो एलबम मूमेंट्स विद जस के और व्याह श्याह आ चुके हैं।