चीता हेलीकॉप्टर की रेकी के बाद तुरंत बदली गई राफेल की लैंडिंग डायरेक्शन, ये वजह आई सामने
- लगातार चीता हेलीकॉप्टर लैंडिंग से पहले कर रहा था आसपास में रेकी
- लैंडिंग से 20 मिनट पहले खत्म हुई रेकी और बदली लैंडिंग डायरेक्शन
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अंबाला में राफेल की लैंडिंग सुरक्षा के लिहाज से एयरफोर्स के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी। राफेल सुरक्षित अंबाला एयरबेस पर उतरें, इसके लिए एयरफोर्स ने बेहद जबरदस्त प्लानिंग तैयार कर रखी थी। इस प्लानिंग का मुख्य सूत्रधार था एयरफोर्स का रेकी हेलीकॉप्टर चीता। इसी हेलीकॉप्टर की रेकी के बाद सुरक्षा के मद्देनजर राफेल की लैंडिंग डायरेक्शन ऐन वक्त पर बदल दी गई।
एयरफोर्स सूत्रों ने बताया कि सुबह से ही यह हेलीकॉप्टर आसमान में मौजूदा हालातों का जायजा ले रहा था। अंबाला ही नहीं आसपास के भी कई इलाकों में इस हेलीकॉप्टर ने एयरस्पेस की मौजूदा परिस्थितियों को बारीकी से भांपा। राफेल विमानों की लैंडिंग से ठीक 20 मिनट पहले इस चीता हेलीकॉप्टर में अपना रेकी अभियान खत्म किया।
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चीता के रेकी अभियान से मिले फीडबैक के बाद तुरंत राफेल की लैंडिंग डायरेक्शन भी एहतियातन बदल दी गई। सूत्रों ने बताया कि इन राफेल विमानों ने पश्चिम दिशा की ओर से अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में लैंड करना था। अमूमन इस एयरफोर्स स्टेशन में तैनात सभी लड़ाकू विमान भी इसी दिशा से लैंड करते हैं।
मगर पाबंदी के बावजूद भी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बसी कालोनियों के लोग राफेल का दीदार करने अपनी छतों पर चढ़ गए। इसके अलावा पश्चिमी छोर पर अचानक बड़े परिंदों की आवाजाही भी आसमान में देखी गई। इसके साथ-साथ एयरफोर्स स्टेशन के बिल्कुल साथ सटे नेशनल हाईवे नंबर एक पर भी अचानक राफेल को देखने वाले लोगों ने अपने वाहन रोक कर जाम लगा दिया।
बहुत से लोग तो वाहनों के ऊपर खड़े होकर एयरफोर्स स्टेशन के भीतर झांकने का प्रयास करने लगे। इन्हीं हालातों को देखते हुए राफेल की लैंडिंग डायरेक्शन को बदलकर पश्चिम की बजाय पूर्वी छोर कर दिया गया। जबकि इससे पहले चीफ ऑफ एयर स्टाफ स्पेशल विमान भी पश्चिमी छोर से उतरा था।
इसलिए महफूज है अंबाला एयरफोर्स का पूर्वी छोर
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन अपने पूर्वी छोर को ज्यादा महफूज मानता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि इस पूर्वी छोर के बहुत बड़े हिस्से में अंबाला आर्मी बेस कैंप बना हुआ है। इसलिए एयरफोर्स इस बात से काफी आश्वस्त थी कि यदि राफेल विमानों की लैंडिंग पूर्वी छोर से करवाई जाए तो ज्यादा सुरक्षित रह सकती है। इस छोर पर मौजूद आर्मी बेस कैंप में आवाजाही भी सिविल इलाके की अपेक्षाकृत कम और पाबंदी पूर्ण रहती है। बुधवार को चूंकि राफेल को आना था। इसलिए आर्मी इलाके में कई सड़कों को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था।