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IIT-JEE: रचित बंसल ने मारी बाजी, देश भर में 9वां रैंक मिला
रिंपी गुप्ता /अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
Updated Mon, 12 Jun 2017 09:15 AM IST
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रचित बंसल
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मद्रास की ओर से रविवार को घोषित किए गए जेईई एडवांस के नतीजों में पटियाला के रचित बंसल ने शानदार प्रदर्शन कर हुए देश भर में 9वां रैंक हासिल किया है। स्थानीय भुपिंदरा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट रहे रचित बंसल ने अमर उजाला से खास बातचीत करते हुए कहा कि वह आगे आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस करना चाहते हैं, ताकि आगे जाकर एक अच्छे इंजीनियर बनकर देश की तरक्की में योगदान दे सकें।
रचित बंसल ने बारहवीं क्लास में 95.2 फीसदी अंक प्राप्त किए और जेईई मेन में 95वां रैंक हासिल किया था। रचित के पिता भारत भूषण बंसल मालेरकोटला में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और मां रितु बंसल गृहणि हैं। रचित कहते हैं कि पिता और हाल ही में कंप्यूटर साइंस करने वाले बडे़ भाई गिरीक बंसल की तरह वह भी इंजीनियर बनना चाहते हैं।
परिवार की तरफ से हमेशा उन्हें काफी स्पोर्ट मिला, जिसकी वजह से आज वह सफलता हासिल कर सके हैं। अपनी सफलता पर खुशी से गदगद रचित ने कहा कि वह हर कांसेप्ट को क्लीयर करके ही आगे बढ़ते थे, जिस वजह से वह इतना अच्छा रैंक हासिल कर सके। वह रोजाना 12 से 13 घंटे पढ़ते थे। कोचिंग भी ली, लेकिन सेल्फ स्टडी पर खास जोर दिया।
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वहीं पटियाला के ही मंथन जिंदल ने भी जेईई एडवांस में देश भर में 32वां रैंक हासिल किया है। मंथन ने बारहवीं क्लास में 93.4 फीसदी अंक हासिल किए थे। भविष्य में मंथन की इच्छा कंप्यूटर इंजीनियर बनने की है। मंथन के पिता पटियाला नगर निगम में एसडीओ हैं और मां स्टेट बैंक आफ इंडिया में जाब करती हैं। मंथन के अलावा पटियाला के हरकनवर ने 81वां, सक्षम गुप्ता ने 624वां, अश्विनी शर्मा ने 994वां, हर्षिता भारती ने 1966वां, दिवांग महेश ने 2799वां रैंक हासिल किया है।
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रचित बंसल ने बारहवीं क्लास में 95.2 फीसदी अंक प्राप्त किए और जेईई मेन में 95वां रैंक हासिल किया था। रचित के पिता भारत भूषण बंसल मालेरकोटला में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और मां रितु बंसल गृहणि हैं। रचित कहते हैं कि पिता और हाल ही में कंप्यूटर साइंस करने वाले बडे़ भाई गिरीक बंसल की तरह वह भी इंजीनियर बनना चाहते हैं।
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परिवार की तरफ से हमेशा उन्हें काफी स्पोर्ट मिला, जिसकी वजह से आज वह सफलता हासिल कर सके हैं। अपनी सफलता पर खुशी से गदगद रचित ने कहा कि वह हर कांसेप्ट को क्लीयर करके ही आगे बढ़ते थे, जिस वजह से वह इतना अच्छा रैंक हासिल कर सके। वह रोजाना 12 से 13 घंटे पढ़ते थे। कोचिंग भी ली, लेकिन सेल्फ स्टडी पर खास जोर दिया।
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वहीं पटियाला के ही मंथन जिंदल ने भी जेईई एडवांस में देश भर में 32वां रैंक हासिल किया है। मंथन ने बारहवीं क्लास में 93.4 फीसदी अंक हासिल किए थे। भविष्य में मंथन की इच्छा कंप्यूटर इंजीनियर बनने की है। मंथन के पिता पटियाला नगर निगम में एसडीओ हैं और मां स्टेट बैंक आफ इंडिया में जाब करती हैं। मंथन के अलावा पटियाला के हरकनवर ने 81वां, सक्षम गुप्ता ने 624वां, अश्विनी शर्मा ने 994वां, हर्षिता भारती ने 1966वां, दिवांग महेश ने 2799वां रैंक हासिल किया है।