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गुणवत्ता का होगा सुधार, अब पेक से पीएचडी करने वालों की थीसिस की विदेशी विशेषज्ञ करेंगे जांच

Thu, 23 Dec 2021 02:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 02:57 AM IST
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Quality will be improved, now foreign experts will investigate the thesis of those who do PhD from Peck
चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों की थीसिस की जांच अब विदेशों में होगी। इस पर पेक की सीनेट ने बैठक में मुहर लगा दी है। यह अपनेआप में बड़ा निर्णय है। पांच विशेषज्ञ विदेश और पांच भारत के चयनित होंगे। उन्हीं में से कुछ का चयन पेक निदेशक कर उनके पास थीसिस भेजेंगे।
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पेक प्रशासन ने यह प्रस्ताव इसलिए तैयार किया है ताकि पीएचडी की गुणवत्ता और बेहतर हो सके और इसका रैंकिंग पर अच्छा प्रभाव पड़े। पेक के अधिकारियों को पता है कि उनके यहां के शोधार्थियों की थीसिस बेहतर होती है। वह हर विषय पर जमीन पर जाकर कार्य करते हैं। थीसिस में जिन विदेशी विशेषज्ञों के शोध को संदर्भित किया जाएगा, उन विशेषज्ञों को भी थीसिस भेजी जा सकती हैं। थीसिस की जांच तुरंत हो, इसके लिए उसी तरह व्यवस्था बनाई जा रही है ताकि किसी प्रकार का शोधार्थियों के इस कार्य में विलंब न हो। बुधवार को हुई सीनेट की बैठक में पेक निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया ने यह प्रस्ताव रखा तो इस कार्य की सराहना हुई। उन्होंने कहा कि नए-नए प्रयोग होने चाहिए। गुणवत्ता बेहतर करने के लिए हर क्षेत्र में प्रयोग हों। सीनेट ने कहा कि हर बेहतर प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा। उसके लिए बजट का अभाव भी नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावा निरफ रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पब्लिकेशन के लिए पैसे और अधिक आवंटित करने समेत कई कार्यों के लिए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी जल्द से जल्द तमाम मुद्दों पर निर्णय लेगी।
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इनसेट----
फिलहाल एक माह ऑनलाइन ही चलेंगी कक्षाएं
सीनेट की बैठक में कक्षाएं संचालन पर भी विचार-विमर्श किया गया। पेक प्रशासन ने प्रस्ताव रखा कि कोरोना का नया स्वरूप चंडीगढ़ में भी आया है। दूसरे राज्यों में भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है। ऐसे में बीटेक के विद्यार्थियों को कैंपस बुलाया जाए या नहीं, इस पर बातचीत हुई। सीनेटरों ने कहा कि अधिकारी अपने स्तर से बेहतर निर्णय लें ताकि कैंपस के लोग भी सुरक्षित रहें और छात्र भी। आखिर में निर्णय हुआ कि लगभग एक माह तक पेक की ओर से जैसी व्यवस्था बनाई गई है उसी के मुताबिक कार्य होता रहेगा। बीटेक की पढ़ाई ऑनलाइन चलती रहेगी। इसके अलावा जो विद्यार्थी कैंपस में आ गए हैं, वह कैंपस में पढ़ते रहेंगे। कैंपस में विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी। विद्यार्थियों को जो भी दिक्कतें होंगी उनका समय पर निपटारा होगा। इसके अलावा कोविड कोरोना की दिशा निर्देश का पूरा पालन किया जाएगा। एक माह बाद स्थिति और बेहतर होगी तो फिर पूरी तरह कैंपस खोलने पर विचार होगा।
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