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पंजाबी विवि में अंबेडकर के नाम पर बनेगा संवैधानिक अध्ययन केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Tue, 16 Aug 2016 07:54 PM IST
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संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की याद में पंजाबी विश्वविद्यालय (पटियाला) में डॉ. बीआर अंबेडकर सेंटर फॉर कांस्टीट्यूशनल स्टडीज (संवैधानिक अध्ययन केंद्र) की स्थापना होगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि यह केंद्र राष्ट्रीय संत तुकादोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर में पहले ही स्थापित ऐसे केंद्र की तर्ज पर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा पंजाबी भवन में अंबेडकर की जन्मदिवस पर आयोजित होने वाले समारोह की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में की।
मुख्यमंत्री ने पंजाबी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को नागपुर स्थित केंद्र के मॉडल का अध्ययन करने को कहा है, ताकि ऐसा ही केंद्र पटियाला में स्थापित कर अंबेडकर क ी विरासत, विचारधारा और कार्यों का प्रसार किया जा सके। इस दौरान सांस्कृतिक मामले व पर्यटन विभाग की प्रमुख सचिव ने बादल को बताया कि पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में पांच अगस्त को ‘महिला सशक्तिकरण में डॉ. बीआर अंबेडकर के योगदान‘ पर एक सेमिनार आयोजित किया गया।
ऐसे ही पांच अन्य सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। 30 अगस्त को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में, सात सितंबर को लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय जालंधर में, 23 सितंबर क ो गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर में, सात अक्तूबर को केंद्रीय विश्वविद्यालय बठिंडा और 21 अक्तूबर को पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय जालंधर में सेमिनार होंगे। सात अक्तूबर को बठिंडा में होने वाले सेमिनार की अध्यक्षता करने की मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी।
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बादल ने 26 नवबर 2016 को लुधियाना में होने वाले राज्य स्तरीय समागम को भी हरी झंडी दे दी। पंजाब विधानसभा के स्पीकर डॉ. चरणजीत सिंह अटवाल को इस महान समागम के प्रबंधों की स्वयं निगरानी क रने के लिए कहा है। समागम में प्रमुख विद्वान, बुद्धिजीवी एवं नीति निर्धारकों के शामिल होने की संभावना है, जो समाज के कमजोर वर्गों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण पर आधारित डॉ. अंबेडकर के बहुपक्षीय व्यक्तित्व पर विचार रखेंगे।
बैठक में स्पीकर पंजाब विधानसभा डॉ. चरणजीत सिंह अटवाल, कैबिनेट मंत्री सोहन सिंह ठंडल, विधायक बीबी जागीर कौर, सरवन सिंह फिल्लौर, पवन कुमार टीनू, पंजाब राज्य पिछड़ी श्रेणी कल्याण आयोग के चेयरमैन प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष राजेश बाघा, चेयरमैन पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग राजकुमार अतिकेय, अध्यक्ष दलित भलाई बोर्ड विजय दानव, प्रमुख सचिव सांस्कृतिक मामलों अंजलि बनवढा, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रोशन शुंकारिया, प्रमुख सचिव अनुसूचित-बीसी कल्याण कृपा शंकर सरोज, विशेष प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री केजेएस चीमा, वित्त सचिव यूटी, चंडीगढ़ सरबजीत सिंह, निदेशक सांस्कृतिक मामलों एनपीएस रंधावा, कुलपति पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला डॉ. जसपाल सिंह और डीपीआई कॉलेज एके गोयल शामिल थे।
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मुख्यमंत्री ने पंजाबी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को नागपुर स्थित केंद्र के मॉडल का अध्ययन करने को कहा है, ताकि ऐसा ही केंद्र पटियाला में स्थापित कर अंबेडकर क ी विरासत, विचारधारा और कार्यों का प्रसार किया जा सके। इस दौरान सांस्कृतिक मामले व पर्यटन विभाग की प्रमुख सचिव ने बादल को बताया कि पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में पांच अगस्त को ‘महिला सशक्तिकरण में डॉ. बीआर अंबेडकर के योगदान‘ पर एक सेमिनार आयोजित किया गया।
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ऐसे ही पांच अन्य सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। 30 अगस्त को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में, सात सितंबर को लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय जालंधर में, 23 सितंबर क ो गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर में, सात अक्तूबर को केंद्रीय विश्वविद्यालय बठिंडा और 21 अक्तूबर को पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय जालंधर में सेमिनार होंगे। सात अक्तूबर को बठिंडा में होने वाले सेमिनार की अध्यक्षता करने की मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी।
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बादल ने 26 नवबर 2016 को लुधियाना में होने वाले राज्य स्तरीय समागम को भी हरी झंडी दे दी। पंजाब विधानसभा के स्पीकर डॉ. चरणजीत सिंह अटवाल को इस महान समागम के प्रबंधों की स्वयं निगरानी क रने के लिए कहा है। समागम में प्रमुख विद्वान, बुद्धिजीवी एवं नीति निर्धारकों के शामिल होने की संभावना है, जो समाज के कमजोर वर्गों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण पर आधारित डॉ. अंबेडकर के बहुपक्षीय व्यक्तित्व पर विचार रखेंगे।
बैठक में स्पीकर पंजाब विधानसभा डॉ. चरणजीत सिंह अटवाल, कैबिनेट मंत्री सोहन सिंह ठंडल, विधायक बीबी जागीर कौर, सरवन सिंह फिल्लौर, पवन कुमार टीनू, पंजाब राज्य पिछड़ी श्रेणी कल्याण आयोग के चेयरमैन प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष राजेश बाघा, चेयरमैन पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग राजकुमार अतिकेय, अध्यक्ष दलित भलाई बोर्ड विजय दानव, प्रमुख सचिव सांस्कृतिक मामलों अंजलि बनवढा, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रोशन शुंकारिया, प्रमुख सचिव अनुसूचित-बीसी कल्याण कृपा शंकर सरोज, विशेष प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री केजेएस चीमा, वित्त सचिव यूटी, चंडीगढ़ सरबजीत सिंह, निदेशक सांस्कृतिक मामलों एनपीएस रंधावा, कुलपति पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला डॉ. जसपाल सिंह और डीपीआई कॉलेज एके गोयल शामिल थे।