Kapurthala News: मस्कट में फंसीं स्वर्णजीत कौर तीन माह बाद वतन लौटीं, संत सीचेवाल की पहल आई काम
संत बलबीर सिंह सीचेवाल से महिला के पति कुलदीप सिंह ने चंडीगढ़ में रहने वाले वकील गुरभेज सिंह के माध्यम से संपर्क किया। संत सीचेवाल ने इसे गंभीरता से लिया और विदेश मंत्रालय के माध्यम से उनकी मदद की। भारतीय दूतावास के अनुरोध पर उन्होंने टिकट का पूरा खर्च उठाया और 16 मार्च की टिकट भेजी। मगर स्वर्णजीत कौर उस दिन वापस नहीं आ सकी।
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तीन माह से ओमान की राजधानी मस्कट में फंसी स्वर्णजीत कौर मंगलवार की सुबह दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं। उन्हें लेने राज्यसभा सदस्य और पर्यावरणविद संत बलबीर सिंह सीचेवाल पहुंचे थे। मोगा निवासी स्वर्णजीत कौर के पति कुलदीप सिंह ने कहा कि संत सीचेवाल के प्रयास की बदौलत ही उनकी पत्नी मंगलवार को तीन महीने बाद अपने परिवार के पास लौटी पाई है। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट उनकी पत्नी स्वर्णजीत कौर को दुबई में घरेलू काम करने का झांसा देकर मस्कट लेकर गए थे।
स्वर्णजीत कौर ने बताया कि घर में आर्थिक तंगी के कारण ही वह तीन माह पहले मस्कट गई थी। उनकी चार बेटियां और एक बेटा है। उन्होंने बताया कि कई बार अपनी बीमारी के कारण पंजाब वापस आने की इच्छा जताई लेकिन ट्रैवल एजेंट ने उन्हें वापस आने की अनुमति नहीं दी। घर लौटने के पैसे भी उनके पास नहीं थे। किसी तरह भारतीय दूतावास पहुंचने में सफल रहीं।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल से महिला के पति कुलदीप सिंह ने चंडीगढ़ में रहने वाले वकील गुरभेज सिंह के माध्यम से संपर्क किया। संत सीचेवाल ने इसे गंभीरता से लिया और विदेश मंत्रालय के माध्यम से उनकी मदद की। भारतीय दूतावास के अनुरोध पर उन्होंने टिकट का पूरा खर्च उठाया और 16 मार्च की टिकट भेजी। मगर स्वर्णजीत कौर उस दिन वापस नहीं आ सकी।
दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वर्णजीत कौर को लेने पहुंचे संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि पहले 16 मार्च की टिकट का इंतजाम किया था लेकिन उस दिन उसे नहीं भेजा गया। यह मुद्दा उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के सामने उठाया। उन्होंने तुरंत इस पर कार्रवाई की और स्वर्णजीत कौर को वापस भेजने की व्यवस्था की।
संत सीचेवाल ने कहा कि अरब देशों में पंजाब के गरीब परिवारों को उनकी कठिनाइयों का अनुचित लाभ उठाकर और उन्हें उच्च वेतन का लालच देकर धोखा दिया जाता है। उन्होंने पंजाब के लोगों से अरब देशों में जाने से पहले वहां के सभी हालात की जानकारी लेने की अपील की। उन्होंने पंजाब सरकार से बिना लाइसेंस के इमीग्रेशन का कारोबार करने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी अपील की।
'कई जिलों की लड़कियां नारकीय जीवन जीने को विवश’
स्वर्णजीत कौर ने बताया कि जालंधर, होशियारपुर, अमृतसर समेत कई जिलों की लड़कियां मस्कट में नारकीय जीवन जी रही हैं। जिस फ्लाइट से वह लौटी हैं, उसमें करीब 12 भारतीय लड़कियां थीं। यह सभी वहां फंस चुकी थीं। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंटों के झूठे वादों के कारण कई लड़कियां अब भी वहां फंसी हैं।