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पंजाब में राहत के बाद फिर गर्मी: पांच डिग्री चढ़ सकता है पारा, थर्मल प्लांटों में कोयला संकट जारी, चार यूनिटें अब भी ठप

Fri, 22 Apr 2022 10:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पटियाला Published by: ajay kumar Updated Fri, 22 Apr 2022 10:24 PM IST
सार

पंजाब में कोयले के संकट के चलते थर्मल प्लांटों की कुल 15 यूनिटों में से चार शुक्रवार को भी बंद रहीं। इससे 1390 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित रहा। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो दिन की राहत के बाद पंजाब में फिर से पारा चढ़ने वाला है। मौसम विभाग के अगले चार दिन के पूर्वानुमान के अनुसार सूबे में पांच डिग्री सेल्सियस तक पारा चढ़ेगा। हालांकि शुक्रवार को पटियाला को छोड़कर अन्य जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। 

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मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के माझा, दोआबा, पश्चिम और पूर्व मालवा के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों का मौसम 23 से 26 अप्रैल तक शुष्क रहने वाला है। साफ मौसम रहने और तेज धूप के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। तापमान में यह वृद्धि क्रमित रूप में होगी। 
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मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद गेहूं किसानों को जरूर राहत मिलेगी। इसकी वजह यह है कि अभी पंजाब के अधिकांश हिस्सों में गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है। राज्य के 23 जिलों में शुक्रवार को पटियाला सबसे गर्म जिला रहा। यहां का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि जिले के कुछ स्थानों पर 38.5 डिग्री तापमान भी दर्ज किया गया।
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पटियाला को छोड़कर अन्य जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम रहा। इनमें अमृतसर में 36.5, लुधियाना में 37.3, पठानकोट में 37.3, जालंधर में 36.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

पंजाब में कोयला संकट जारी: थर्मल प्लांटों की चार यूनिट ठप 
पंजाब में शुक्रवार बिजली की अधिकतम मांग 7800 मेगावाट दर्ज की गई। यह अधिकतम मांग शाम करीब साढ़े सात बजे दर्ज की गई। इससे पहले दिन के समय मांग करीब 7500 मेगावाट रही। पावरकॉम को रोपड़ व लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट से 1111 मेगावाट, तलवंडी, राजपुरा व गोइंदवाल से 2736 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्ट समेत अन्य साधनों से कुल मिलाकर 4300 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई। ऐसे में पावरकॉम को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ी। उधर, पावरकॉम की मुश्किलें अभी बनी हुई हैं। 


कोयले के संकट के चलते थर्मल प्लांटों की कुल 15 यूनिटों में से चार शुक्रवार को भी बंद रहीं। इससे 1390 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित रहा। रोपड़ थर्मल प्लांट में सात, लहरा मुहब्बत में पांच, राजपुरा में 18, तलवंडी साबो में पांच और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला शेष है। कोयले की कमी के कारण ही रोपड़, लहरा, तलवंडी साबो और गोइंदवाल की एक यूनिट बंद रहीं। 

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