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चंडीगढ़ः पीयू के सीनेटर जीके चतरथ का निधन

Sat, 12 Sep 2015 02:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 12 Sep 2015 02:21 PM IST
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punjab university senater gk chatrath dead

पंजाब यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ सीनेटर और पंजाब के पूर्व महाधिवक्ता गोपाल कृष्ण चतरथ (84) का निधन हो गया। हार्ट की सर्जरी के बाद से चतरथ बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर आते ही पीयू में छुट्टी की घोषणा कर दी गई। पीयू के इतिहास में पहली बार किसी सीनेटर की मौत पर छुट्टी की घोषणा की गई।

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पीयू में शोक सभा का आयोजन भी हुआ। शोक सभा में वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर, डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शंस प्रो. एके भंडारी, रजिस्ट्रार रि. कर्नल जीएस चड्ढा, पीयू पूर्व वीसी प्रो. केएन पाठक के साथ यूनिवर्सिटी फैकल्टी, अधिकारी और स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।
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सीनेट-सिंडीकेट राजनीति के पितामह थे चतरथः
जीके चतरथ को सीनेट-सिंडीकेट की राजनीति का पितामह माना जाता था। वह सीनेट के सबसे ज्यादा बार चुने जाने वाले सदस्य रहे। एक अक्तूबर 1931 को जन्मे चतरथ लगातार 11 बार सीनेट के सदस्य रहे। पहली बार 1972 में वह सीनेटर चुने गए। उसके बाद से अब तक वह सीनेट के सदस्य चुने जाते रहे।
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चुनाव भी उन्हीं के नाम से लड़ा जाता था। पंजाब विधानसभा के सदस्य रहने के साथ वह पंजाब के पूर्व सीएम के समय में पंजाब के महाधिवक्ता भी रहे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट का कार्यभार भी वह संभाल चुके थे। जीके चतरथ ने मेहनत से तीनों बेटियों को भी बुलंदियों पर पहुंचाया। उनकी बेटी अनु चतरथ पीयू की फेलो रही हैं और चंडीगढ़ की पूर्व मेयर भी हैं।

पीयू से होकर गुजरी चतरथ की अंतिम यात्राः
जीकेचतरथ की अंतिम यात्रा पीयू से होकर गुजरी। एडमिन ब्लॉक, गांधी भवन, लॉ और यूआईएलएस से होते हुए यात्रा सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट पहुंची। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

पढ़ाने में रुचि
जीके चतरथ की पढ़ाने में विशेष रुचि थी। वह लॉ डिपार्टमेंट में स्टूडेंट्स को अक्सर पढ़ाने आते थे। खास बात यह है कि वह पढ़ाने का कभी कोई चार्ज भी नहीं लेते थे। उनसे प्रेक्टिकली चीजों पर चर्चा करते थे।


जीके चतरथ का पीयू के उत्थान में बड़ा योगदान रहा है। पीयू से जीके चतरथ का लंबा नाता रहा है। पॉलिटीशियन, लेजिस्लेटर, ट्रेड यूनियनिस्ट, सीनेटर, सिंडिक और डीन के तौर पर उन्होंने विशेष छाप छोड़ी है। चतरथ हर मोर्चे पर चुनौतियों का डटकर सामना करते थे। ऐसी महान हस्ती की क्षति को पूरा नहीं किया जा सकता है।
-प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर, वीसी, पंजाब यूनिवर्सिटी।

यह बुरी खबर है। जीके चतरथ पीयू के भीष्म पितामह की तरह थे। उनके जाने से निजी तौर पर पीयू को बड़ी क्षति हुई है।
-सत्यपाल जैन, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एवं पीयू सीनेटर

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