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भारत में कैंसर की दवा पर शोध, मरीजों को मिल सकती है राहत
Sat, 13 Apr 2019 09:28 AM IST
ajay kumar
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 13 Apr 2019 09:28 AM IST
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दुनिया भर में 1.7 करोड़ कैंसर के मरीज हैं। हर साल 96 लाख मरीजों की मौत हो जाती है। कैंसर आगे पैर न पसारे और मौत का सिलसिला थम जाए, इसके लिए पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के दो वैज्ञानिकों ने बड़ा शोध किया है। इस शोध से कैंसर के मरीजों को राहत मिल सकती है।
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दरअसल, पशुओं के पेट के कीड़े मारने वाली दवा फेनबंडाजोल पर सात साल तक चली रिसर्च (एनिमल स्टडी) के बाद परिणाम बेहतर आए हैं। भारत में हुई इस रिसर्च का पता जब कैंसर से हार मान चुके अमेरिका के मरीजों को लगा तो उन्होंने फेनबंडाजोल का प्रयोग किया और चौंकाने वाले नतीजे सामने आए।
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इससे करीब 250 से अधिक मरीजों का कैंसर ठीक हो गया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, मरीजों के प्रैक्टिस का यह तरीका गलत है। उन्होंने सलाह दी है कि जब तक इस दवा पर ह्यूमन स्टडी पूरी नहीं हो जाती तब तक प्रयोग न करें।
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पीयू के वैज्ञानिकों ने अब अपने रिसर्च को आगे बढ़ाते हुए इस पर ह्यूमन स्टडी करने का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि स्टडी पूरी हो गई तो कैंसर पर काबू पाने में हम सफल होंगे और देश के हाथ बड़ी उपलब्धि लगेगी।
फेनबंडाजोल पर हुए रिसर्च के परिणाम सकारात्मक आए हैं। इस पर अब ह्मूमन स्टडी होगी। सफलता मिलने के बाद लाखों कैंसर मरीजों को लाभ मिल सकेगा। - प्रो. अशोक कुमार, चेयरमैन, सेंटर फॉर सिस्टम बायोलॉजी एंड बायोइन्फोर्मेटिक्स पीयू