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पीयू का आर्थिक संकट बढ़ा, पंजाब ने कर लिए हाथ खड़े
मोहित धुपड़/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 14 Apr 2017 09:39 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
- फोटो : डेमो फोटो
पंजाब यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि को लेकर जहां विद्यार्थियों ने जबरदस्त आंदोलन छेड़ रखा है, वहीं आर्थिक संकट से जूझ रहे पीयू को एक और झटका लगा है। पंजाब ने पीयू को दिए जाने वाले वित्तीय शेयर से हाथ खड़ा कर लिया है। इसकी सूचना पंजाब ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दे दी है।
गौरतलब है कि अब तक पंजाब यूनिवर्सिटी के कुल बजट का 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी पंजाब सरकार देती है। इसके अलावा पीयू प्रशासन अपनी आंतरिक आय से यूनिवर्सिटी का संचालन करता है। लेकिन कुछ साल पहले तत्कालीन बादल सरकार ने पीयू को दिए जाने वाले 40 फीसदी बजट शेयर को बंद कर एकमुश्त राशि निर्धारित कर दी थी।
इसके तहत यह तय हुआ था कि पंजाब सरकार हर साल पीयू को सिर्फ 20 करोड़ रुपये ही देगी और अभी तक यही व्यवस्था लागू है। लेकिन अब पंजाब सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी फाइनेंस ने एमएचआरडी को पत्र लिखकर पीयू को सालाना 20 करोड़ रुपये का बजट देने में असमर्थता जाहिर की है।
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पंजाब ने एमएचआरडी को यह पत्र लिखा
पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी फाइनेंस ने एमएचआरडी को पत्र में लिखा है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने बताया कि पिछले तीन साल से पीयू जबरदस्त आर्थिक संकट से जूझ रही है। पीयू के आर्थिक संकट पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया। इसी के चलते पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने पंजाब सरकार से अपना वित्तीय शेयर और बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया था।
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गौरतलब है कि अब तक पंजाब यूनिवर्सिटी के कुल बजट का 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी पंजाब सरकार देती है। इसके अलावा पीयू प्रशासन अपनी आंतरिक आय से यूनिवर्सिटी का संचालन करता है। लेकिन कुछ साल पहले तत्कालीन बादल सरकार ने पीयू को दिए जाने वाले 40 फीसदी बजट शेयर को बंद कर एकमुश्त राशि निर्धारित कर दी थी।
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इसके तहत यह तय हुआ था कि पंजाब सरकार हर साल पीयू को सिर्फ 20 करोड़ रुपये ही देगी और अभी तक यही व्यवस्था लागू है। लेकिन अब पंजाब सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी फाइनेंस ने एमएचआरडी को पत्र लिखकर पीयू को सालाना 20 करोड़ रुपये का बजट देने में असमर्थता जाहिर की है।
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पंजाब ने एमएचआरडी को यह पत्र लिखा
पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी फाइनेंस ने एमएचआरडी को पत्र में लिखा है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने बताया कि पिछले तीन साल से पीयू जबरदस्त आर्थिक संकट से जूझ रही है। पीयू के आर्थिक संकट पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया। इसी के चलते पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने पंजाब सरकार से अपना वित्तीय शेयर और बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया था।
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हर साल 20 करोड़ देता था पंजाब
पीयू का आर्थिक संकट बढ़ा
बंसल बोले, जल्द मिलेंगे कैप्टन से
चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने कहा कि पंजाब पीयू को अपना तय वित्तीय शेयर नहीं दे रहा है, इस वजह से पीयू पर आर्थिक संकट और गहरा गया है। वे जल्द ही इस बाबत पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलकर उनसे आग्रह करेंगे कि वे पीयू के आर्थिक हालातों को देखते हुए आर्थिक मदद प्रदान करें।
फीस वृद्धि से केंद्र का भी किनारा
फीस वृद्धि के मामले में एमएचआरडी मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने जहां पीयू में हुई हिंसा पर वीसी से रिपोर्ट तलब की है, वहीं मंत्रालय ने पीयू में फीस वृद्धि मसले से किनारा कर लिया है। मंत्री जावेड़कर ने साफ कहा कि पीयू एक इंटर स्टेट बॉडी है, उसे अपनी फीस बढ़ाने और कम करने का अधिकार है। केंद्र इस मसले पर कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।
चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने कहा कि पंजाब पीयू को अपना तय वित्तीय शेयर नहीं दे रहा है, इस वजह से पीयू पर आर्थिक संकट और गहरा गया है। वे जल्द ही इस बाबत पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलकर उनसे आग्रह करेंगे कि वे पीयू के आर्थिक हालातों को देखते हुए आर्थिक मदद प्रदान करें।
फीस वृद्धि से केंद्र का भी किनारा
फीस वृद्धि के मामले में एमएचआरडी मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने जहां पीयू में हुई हिंसा पर वीसी से रिपोर्ट तलब की है, वहीं मंत्रालय ने पीयू में फीस वृद्धि मसले से किनारा कर लिया है। मंत्री जावेड़कर ने साफ कहा कि पीयू एक इंटर स्टेट बॉडी है, उसे अपनी फीस बढ़ाने और कम करने का अधिकार है। केंद्र इस मसले पर कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।