{"_id":"5d7b2a898ebc3e93cc43f355","slug":"punjab-university-chandigarh-vc-professor-rajkumar-interview","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'पंजाब यूनिवर्सिटी ही मेरी विचारधारा, यही मेरी पार्टी', कई मुद्दों पर खुलकर बोले वीसी राजकुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'पंजाब यूनिवर्सिटी ही मेरी विचारधारा, यही मेरी पार्टी', कई मुद्दों पर खुलकर बोले वीसी राजकुमार
Fri, 13 Sep 2019 11:08 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 13 Sep 2019 11:08 AM IST
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वीसी राजकुमार
- फोटो : अमर उजाला
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लोग अक्सर मेरी विचारधारा को लेकर चर्चा करते हैं लेकिन एक बात साफ कर दूं कि पंजाब यूनिवर्सिटी ही मेरी विचारधारा है और यही मेरी पार्टी है। अगर पीयू को अव्वल बनाना है तो सभी को अपने स्वार्थों से ऊपर उठकर काम करना होगा। यह कहना है पीयू के वीसी प्रो. राजकुमार का। अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने डीएसडब्ल्यू विवाद, फाइनेंशियल क्रंच, फैकल्टी की कमी, सिक्योरिटी समेत कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की और सवालों के जवाब दिए। पेश है बातचीत के कुछ अंश...
सवाल: पीयू के वीसी रहते सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानते हैं?
जवाब: पीयू इनोवेशन में नंबर-1 है। कई सीमाओं के बावजूद इनोवेशन व रिसर्च के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। पीयू को 14 साल बाद माका ट्राफी हासिल हुई है। इसके पीछे सभी की काफी मेहनत है। विभाग पहले बिखरे हुए थे, मैं सभी को एक साथ लेकर आया और काम करने की आजादी दी। बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजा गया। पूरे साल स्पोर्ट्स के इवेंट कराए गए। ऐसे तमाम प्रयास किए हैं।
सवाल: यूनिवर्सिटी एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अभी तक कितना काम हुआ?
जवाब: दो दिन पहले इटली के पिगासो यूनिवर्सिटी के अधिकारी पीयू का कैंपस देखने आए थे। वह काफी इंप्र्रेस हुए हैं और उन्होंने पीयू में एक लैब स्थापित करने की बात कही है, जिसका पूरा खर्च वह उठाएंगे। हम पिगासो यूनिवर्सिटी में कैंपस शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए फैकल्टी और कर्मचारियों को भी बाहर भेजा जाएगा। यह एक्सचेंज प्रोग्राम एनआरआई स्टूडेंट्स के लिए काफी सहायक होंगे।
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सवाल: पीयू के वीसी रहते सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानते हैं?
जवाब: पीयू इनोवेशन में नंबर-1 है। कई सीमाओं के बावजूद इनोवेशन व रिसर्च के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। पीयू को 14 साल बाद माका ट्राफी हासिल हुई है। इसके पीछे सभी की काफी मेहनत है। विभाग पहले बिखरे हुए थे, मैं सभी को एक साथ लेकर आया और काम करने की आजादी दी। बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजा गया। पूरे साल स्पोर्ट्स के इवेंट कराए गए। ऐसे तमाम प्रयास किए हैं।
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सवाल: यूनिवर्सिटी एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अभी तक कितना काम हुआ?
जवाब: दो दिन पहले इटली के पिगासो यूनिवर्सिटी के अधिकारी पीयू का कैंपस देखने आए थे। वह काफी इंप्र्रेस हुए हैं और उन्होंने पीयू में एक लैब स्थापित करने की बात कही है, जिसका पूरा खर्च वह उठाएंगे। हम पिगासो यूनिवर्सिटी में कैंपस शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए फैकल्टी और कर्मचारियों को भी बाहर भेजा जाएगा। यह एक्सचेंज प्रोग्राम एनआरआई स्टूडेंट्स के लिए काफी सहायक होंगे।
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सवाल: डीएसडब्ल्यू प्रो. नाहर को हटाने के मामले में कहां गलती हुई, जिससे उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ा?
जवाब: गलती जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि मैं इस बारे में ज्यादा कुछ बोल नहीं सकता क्योंकि मामला हाईकोर्ट में है।
सवाल: अगली सीनेट की बैठक में क्या डीएसडब्ल्य के नाम प्रस्तावित करेंगे?
जवाब: पीयू हाईकोर्ट के आदेशों की पालन कर रहा है। कोर्ट जैसा आदेश करेगी, हम वैसा करेंगे। लेकिन जब ग्रुप की बात होती है तो एक बात मैं साफ कर दूं कि मेरा कोई ग्रुप नहीं है। बल्कि मैं सभी को अपने ग्रुप में मानता हूं। पीयू को अव्वल बनाना है तो सभी को अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करना होगा।
सवाल: पीयू अभी भी फाइनेंशियल क्रंच से जूझ रहा है। दूर कैसे होगा?
जवाब: पीयू के पास जो फंड आता है वह हर साल निश्चित होता है। कर्मचारियों को समय पर सैलरी मिल रही है। फाइनेंशियल क्रंच जैसी कोई बात नहीं है। बस हमारे पास लैब को मेंटेन करने, हास्टल रिपेयरिंग, ग्राउंड मेंटेन करने के लिए कोई अलग से फंड नहीं आता है। यूनिवर्सिटी के खर्चे बहुत हैं। बाकी यूनिवर्सिटीज के पास इसके लिए अलग फंड होता है। लोग इसे ही फाइनेंशियल क्रंच कहते हैं। हम प्रयास कर रहे हैं, जल्द सकारात्मक नतीजे दिखने लगेंगे।
सवाल: एक शिक्षण संस्थान में 8 फीट के कंटीले बैरिकेट्स का क्या काम?
जवाब: यह सिर्फ सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए हैं। पिछले दिनों कई ऐसी वारदातें हुई हैं, जिसको देखते हुए हमें इनकी जरूरत महसूस हुई। यहां कई तरह के स्टूडेंट्स हैं। पिछली बार वीसी ऑफिस में तोड़फोड़ हुई थी। सुरक्षा तो होनी ही चाहिए, इसमें किसी को कोई हर्ज नहीं होना चाहिए।
जवाब: गलती जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि मैं इस बारे में ज्यादा कुछ बोल नहीं सकता क्योंकि मामला हाईकोर्ट में है।
सवाल: अगली सीनेट की बैठक में क्या डीएसडब्ल्य के नाम प्रस्तावित करेंगे?
जवाब: पीयू हाईकोर्ट के आदेशों की पालन कर रहा है। कोर्ट जैसा आदेश करेगी, हम वैसा करेंगे। लेकिन जब ग्रुप की बात होती है तो एक बात मैं साफ कर दूं कि मेरा कोई ग्रुप नहीं है। बल्कि मैं सभी को अपने ग्रुप में मानता हूं। पीयू को अव्वल बनाना है तो सभी को अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करना होगा।
सवाल: पीयू अभी भी फाइनेंशियल क्रंच से जूझ रहा है। दूर कैसे होगा?
जवाब: पीयू के पास जो फंड आता है वह हर साल निश्चित होता है। कर्मचारियों को समय पर सैलरी मिल रही है। फाइनेंशियल क्रंच जैसी कोई बात नहीं है। बस हमारे पास लैब को मेंटेन करने, हास्टल रिपेयरिंग, ग्राउंड मेंटेन करने के लिए कोई अलग से फंड नहीं आता है। यूनिवर्सिटी के खर्चे बहुत हैं। बाकी यूनिवर्सिटीज के पास इसके लिए अलग फंड होता है। लोग इसे ही फाइनेंशियल क्रंच कहते हैं। हम प्रयास कर रहे हैं, जल्द सकारात्मक नतीजे दिखने लगेंगे।
सवाल: एक शिक्षण संस्थान में 8 फीट के कंटीले बैरिकेट्स का क्या काम?
जवाब: यह सिर्फ सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए हैं। पिछले दिनों कई ऐसी वारदातें हुई हैं, जिसको देखते हुए हमें इनकी जरूरत महसूस हुई। यहां कई तरह के स्टूडेंट्स हैं। पिछली बार वीसी ऑफिस में तोड़फोड़ हुई थी। सुरक्षा तो होनी ही चाहिए, इसमें किसी को कोई हर्ज नहीं होना चाहिए।
सवाल: ऐसी ईमेज है कि वीसी किसी से मिलते नहीं, काफी सिक्योरिटी में रहते हैं?
जवाब: ऐसी ईमेज जानबूझ कर क्रिएट की गई है। मुझसे रोजाना 20 से ज्यादा लोग मिलते हैं, जिसमें से स्टूडेंट्स ज्यादा होते हैं। मैं तो डिपार्टमेंट में जाकर स्टूडेंट्स से मिलता हूं। आज भी डीआर से मिला हूं। ज्वाइन करने के बाद सभी विभागों में गया, लोगों से मिला हूं। कई लोगों को मेरे ज्यादा मिलने-जुलने से तकलीफ है। मेरे बारे में झूठ ज्यादा फैलाया गया है। सच कहूं तो पीयू ही मेरी विचारधारा है और यही मेरी पार्टी है। मैं तो शनिवार और रविवार को भी दफ्तर में रहता हूं। घर पर भी कैंप ऑफिस है।
सवाल: पीयू में स्टॉफ की भारी कमी है। कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं, भर्ती प्रक्रिया कहां तक पहुंची?
जवाब: पीयू में स्टॉफ की कमी तो है। भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। स्टॉफ की कमी से कक्षाएं नहीं प्रभावित हो रही हैं। हालांकि स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए तेजी के काम चल रहा है।
सवाल: रिजल्ट की घोषणा में देरी की काफी शिकायतें आती हैं। इसको लेकर क्या प्लान है?
जवाब: नहीं, इस बार किसी भी विभाग का रिजल्ट तय समय से लेट नहीं हुआ है। समय से रिजल्ट आउट हुए हैं, जिसकी वजह से पीयू में रजिस्ट्रेशन की संख्या रिकॉर्ड 35 हजार तक पहुंची है। एनआरआई स्टूडेंट्स की एनरोलमेंट इस बार काफी ज्यादा है। पीयू पर स्टूडेंट्स का विश्वास बढ़ा है।
जवाब: ऐसी ईमेज जानबूझ कर क्रिएट की गई है। मुझसे रोजाना 20 से ज्यादा लोग मिलते हैं, जिसमें से स्टूडेंट्स ज्यादा होते हैं। मैं तो डिपार्टमेंट में जाकर स्टूडेंट्स से मिलता हूं। आज भी डीआर से मिला हूं। ज्वाइन करने के बाद सभी विभागों में गया, लोगों से मिला हूं। कई लोगों को मेरे ज्यादा मिलने-जुलने से तकलीफ है। मेरे बारे में झूठ ज्यादा फैलाया गया है। सच कहूं तो पीयू ही मेरी विचारधारा है और यही मेरी पार्टी है। मैं तो शनिवार और रविवार को भी दफ्तर में रहता हूं। घर पर भी कैंप ऑफिस है।
सवाल: पीयू में स्टॉफ की भारी कमी है। कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं, भर्ती प्रक्रिया कहां तक पहुंची?
जवाब: पीयू में स्टॉफ की कमी तो है। भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। स्टॉफ की कमी से कक्षाएं नहीं प्रभावित हो रही हैं। हालांकि स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए तेजी के काम चल रहा है।
सवाल: रिजल्ट की घोषणा में देरी की काफी शिकायतें आती हैं। इसको लेकर क्या प्लान है?
जवाब: नहीं, इस बार किसी भी विभाग का रिजल्ट तय समय से लेट नहीं हुआ है। समय से रिजल्ट आउट हुए हैं, जिसकी वजह से पीयू में रजिस्ट्रेशन की संख्या रिकॉर्ड 35 हजार तक पहुंची है। एनआरआई स्टूडेंट्स की एनरोलमेंट इस बार काफी ज्यादा है। पीयू पर स्टूडेंट्स का विश्वास बढ़ा है।