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सराहनीय: 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने को लेकर अभिभावकों की राय लेगा पीयू, फिर होगा फैसला

Thu, 01 Nov 2018 12:04 PM IST
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 01 Nov 2018 12:04 PM IST
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Punjab University Administration Decided to Take Advice of Parents to Open Girls Hostal 24 Hours
विरोध प्रदर्शन
आजादी हर किसी को चाहिए और मिलनी भी चाहिए, लेकिन सुरक्षा भी जरूरी है। इसी को लेकर पीयू प्रशासन गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खुलवाने से पहले अभिभावकों की भी राय लेगा। साथ ही हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का भी सर्वे होगा। सूत्रों का कहना है कि यदि 60 फीसदी तक समर्थन छात्राएं जुटा लेती हैं तो हॉस्टल खोल दिए जाएंगे। गर्ल्स हॉस्टल को लेकर मंगलवार की रात हंगामा खूब हुआ। पीयू प्रशासन भी इसको लेकर बैकफुट पर आता दिख रहा है। वह अब अभिभावकों को अपनी ढाल के रूप में प्रयोग करना चाहता है।
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अफसरों को पता है कि अभिभावक नहीं चाहेंगे कि उनकी बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़े। इसके अलावा पीयू में बने पांच गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का सर्वे होगा। इन हॉस्टल में तीन हजार छात्राएं रहती हैं। हॉस्टल नंबर तीन, चार व छह का पूरा समर्थन इसके लिए माना जा रहा है। बाकी पांच व सात हॉस्टल की छात्राएं इससे दूरी बनाए हुए हैं। यह मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान दिखा भी। क्योंकि इन दोनों हॉस्टलों की छात्राएं रात के प्रोटेस्ट में शरीक नहीं हो पाईं।
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हंगामा से डरे अभिभावक, पूछा बेटियों का हाल
हॉस्टल नंबर पांच में रह रहीं कविता के पास हरियाणा से उसके पिता का फोन आया। मंगलवार की रात हुए आंदोलन में शामिल होने की बात जानी। कविता ने कहा कि वह अपनी पढ़ाई में व्यस्त हैं। आंदोलन में शामिल नहीं हुई, लेकिन लड़कियों की आजादी के पक्ष में उसने अपनी राय पिता के सामने रखी। इसी हॉस्टल की छात्रा अमन को उसकी मां ने फोन किया। वही बात मां ने भी जानी। अमन ने कह दिया कि छात्राएं रात को कहीं जाने के लिए आजादी नहीं मांग रही हैं। बस एक लगाए गए बंदिश का विरोध कर रही हैं। छात्रों के बराबर ही हक हमें भी मिलना चाहिए।
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बंदिशों से चाहिए आजादी
स्टूडेंट काउंसिल कह रही है कि छात्राएं रात को कहीं जाने के लिए हॉस्टल नहीं खुलवा रही हैं। बस एक बंदिश के खिलाफ उनकी लड़ाई है। उसी से वह आजादी चाहती हैं। अपनी सुरक्षा खुद करने में समक्ष हैं। छात्राएं इस हक को पाकर वह ऐसे गंदे विचार को खत्म करना चाहती हैं जो वर्षों से लड़कियों को बंद रखने की बात करते हैं। छात्रों के समान उन्हें हक मिलेगा तो वह भी खुले आसमान में उड़ान भरेंगी।

क्या कहते हैं लीडर्स
24 घंटे खोले जाएं हॉस्टल
लड़कियों के हॉस्टल 24 घंटे खोले जाएं। लड़कियां मेच्योर हैं। वह अपना अच्छा-भला सब सोच सकती हैं। जिम्मेदारी भी समझती हैं। इस मामले में पीयू प्रशासन पैरेंट्स की राय ले सकता है।

- प्रो. राजेश गिल, प्रेसीडेंट, पुटा

सुरक्षा भी जरूरी है...
छात्र व छात्राओं को समान अधिकार मिलना चाहिए। हॉस्टल 24 घंटे खुलें लेकिन सुरक्षा भी उनकी जरूरी है। अभिभावकों से इस मामले में बात की जा सकती है।
- प्रो. सुखमनी रियार, चेयरमैन, हिस्ट्री डिपार्टमेंट

लड़कियों पर पाबंदी लगाना सही नहीं
24 घंटे हॉस्टल खुलने चाहिए। इसके लिए प्रदर्शन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के जरिये उस विचार को खत्म करना है जो लड़कियों पर पाबंदी लगाना चाहता है। अभिभावक भी यही चाहते हैं।
- विजय कुमार, आइसा

जल्द निर्णय ले पीयू प्रशासन
छात्राओं को भी आजादी मिलनी चाहिए। गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खुलने चाहिए लेकिन पीयू प्रशासन इसके लिए सिक्यूरिटी की व्यवस्था करे और इस पर जल्द निर्णय ले।
- अनुज सिंह, अध्यक्ष एनएसयूआई
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