पंजाब: आतंकी हमला कहीं IS की दस्तक तो नहीं
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पंजाब में गुरदासपुर के दीनानगर में हुआ आतंकी हमला आईएस की साजिश हो सकता है। पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी गिल ने यह अंदेशा जताया है।
पूर्व डीजीपी केपीएस गिल कहते हैं कि 25 साल बाद पंजाब में हुआ चरमपंथी हमला भारत में इस्लामिक स्टेट (आईएस) का विज़िटिंग कार्ड है और यह एक सोची समझी साज़िश के तहत किया गया है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि पाकिस्तान के तमाम चरमपंथी संगठन आईएस के साथ आ गए हैं।
गिल कहते हैं कि भारत के लिहाज़ से यह एक गंभीर मामला है। भारत सरकार को इसे हलके में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय चरमपंथ का सवाल है।
गिल कहते हैं कि जैसे ब्रिटिश सम्राज्य अंतरराष्ट्रीय होना चाहता था, कम्युनिस्ट अंतरराष्ट्रीय होना चाहते थे, हिटलर अंतरराष्ट्रीय होना चाहता था, वैसे ही इस्लामी चरमपंथ भी अंतरराष्ट्रीय होना चाहता है।
पुलिस को सक्षम बनाया जाए तो बेहतर होगा
पूर्व डीजीपी गिल ने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस आतंकी हमले से जैसे निपटा है, उससे यह संदेश मिलता है कि अगर पुलिस को सक्षम बनाया जाए तो वे सेना के सहयोग बिना ऐसे हमलों से निपट सकती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो को मिली खुफिया जानकारी की जहाँ तक बात है तो उसे यह जानकारी मिलती है कि आतंकी हमला होने वाला है, लेकिन कहां इसका नहीं पता चलता।
गिल कहते हैं कि काफी समय से यह चर्चा चल रही है कि सिख चरमपंथ और इस्लामी चरमपंथ मिलकर एक संयुक्त मोर्चा बना सकते हैं। इस संबंध में आईएस ने यूरोप और अन्य जगहों पर बैठकें की हैं, लेकिन उसमें उनको सफलता नहीं मिली है।
गिल ने बताया कि खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स नाम का एक संगठन बना था, जिस पर पंजाब में काबू पा लिया गया था, लेकिन कश्मीर में इसे काबू नहीं किया जा सका था।
(पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल से बीबीसी संवाददाता समीरात्मज मिश्र की बातचीत पर आधारित)