Punjab Flood: बाढ़ मुआवजा दोगुना करना चाहता है पंजाब, केंद्र से मांगी नियमों में छूट
बैठक के दौरान केंद्रीय टीम के प्रमुख व राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के वित्तीय सलाहकार रवीनीश कुमार ने कहा कि उनकी टीम ने कई राज्यों का दौरा किया और हिमाचल प्रदेश के बाद सबसे अधिक नुकसान पंजाब में हुआ है।
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पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने केंद्रीय टीम से बाढ़ पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे को दोगुना करने के लिए नियमों में छूट देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर कह चुके हैं कि पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए राज्य के पास आपदा राहत फंड में कोई कमी नहीं, केवल नुकसान की पूर्ति के नियमों में बदलाव की जरूरत है ताकि लोगों के नुकसान की पूरी भरपाई हो सके।
पंजाब सरकार बाढ़ पीड़ितों के जानमाल के नुकसान के लिए मुआवजा राशि को बढ़ाने की मांग पहले ही कर चुकी है। पंजाब में बाढ़ से हुए नुकसान का जमीनी स्तर पर जायजा लेने पहुंची सात सदस्यीय केंद्रीय टीम ने विभिन्न जिलों का दौरा करने के बाद गुरुवार को पंजाब सिविल सचिवालय में मुख्य सचिव के साथ बैठक की। इसके बाद मुख्य सचिव ने केंद्रीय टीम को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।
मुआवजा दोगुना हुआ तो मिलेंगे इतने रुपये
- मारे गए व्यक्ति के लिए 4 लाख के बजाय 8 लाख रुपये
- फसल नुकसान के लिए 17 हजार के बजाय 34 हजार रुपये
- दुधारू पशु के लिए 37500 के बजाय 75000 रुपये
- क्षतिग्रस्त घर के लिए 1.20 लाख के बजाय 2.40 लाख रुपये
हिमाचल के बाद सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब में: रवीनीश
बैठक के दौरान केंद्रीय टीम के प्रमुख राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के वित्तीय सलाहकार रवीनीश कुमार ने कहा कि उनकी टीम की तरफ से कई राज्यों का दौरा किया गया और हिमाचल प्रदेश के बाद सबसे अधिक नुकसान पंजाब में हुआ है। टीम के एक अन्य सदस्य, इसरो से आए फ्लड मैपिंग और साइंटिस्ट/इंजीनियर के प्रमुख डॉ. एवी सुरेश बाबू ने कहा कि सैटेलाइट तस्वीरों से भी स्पष्ट हुआ है कि भारी बारिश ने पंजाब में काफी नुकसान किया है।
पंजाब में कुल 1320.59 करोड़ का नुकसान
मुख्य सचिव ने बाढ़ के कारण हुए नुकसान के विवरण देते हुए बताया कि पंजाब में कृषि से संबंधित 605.38 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग (सड़क और इमारत) का 173.10 करोड़, जल स्रोत का 159.36 करोड़, शहरी बुनियादी ढांचा/ स्थानीय निकाय का 44.38 करोड़, ग्रामीण विकास एवं पंचायत का 43.66 करोड़, स्कूल शिक्षा का 26. 85 करोड़, बिजली का 17.50 करोड़, मछली पालन का 9.98 करोड़, जल सप्लाई व सैनिटेशन का 5.66 करोड़, स्वास्थ्य का 4.45 करोड़ और विविध 230.26 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इस तरह कुल मिलाकर 1320.59 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्य सचिव द्वारा केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर भी यह जानकारी दी गई थी कि राज्य में बाढ़ के कारण 19 जिलों के करीब 1500 गांव प्रभावित हुए हैं। फसलों के नुकसान के अलावा लोगों के जान-माल का नुकसान भी हुआ है।