पंजाब : छात्रों की वजीफा स्कीम अब बायोमैट्रिक व आधार कार्ड से होगी लिंक, प्ले स्कूल के लिए पंजीकरण भी अनिवार्य
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पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को विद्यार्थियों को विभिन्न स्कीमों के तहत समय पर वजीफा को सुनिश्चित करने के आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेशन के निर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि डायरेक्टर जनरल ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। आधार कार्ड से जुड़ा प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों का रोस्टार जिला शिक्षा अधिकारी (ईई) तैयार करेंगे। वहीं माध्यमिक व 10वीं-12वीं कक्षा के छात्रों का रोस्टर जिला शिक्षा अधिकारी (एसई) तैयार करेंगे।
बता दें कि पंजाब में वजीफा योजनाओं के लिए आधार कार्ड का होना अवाश्यक है। अगर पांच से 15 साल आयु तक के विद्यार्थियों के आधार कार्ड नहीं बने हैं तो उनके आधार कार्ड बनवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं आधार कार्ड वाले छात्रों का बायोमैट्रिक अपडेशन को कहा गया है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से आरंभ होगी।
खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग कर्मचारी करेंगे कार्ड बनाने में मदद
आधार कार्ड बनाने में खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग 294 आधार किटों और कर्मचारी उपलब्ध कराएगा। यह विभिन्न स्थानों पर जाकर बच्चों के आधार कार्ड बनाएंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों और स्कूल प्रमुख सहयोग देंगे। आधार बायोमैट्रिक अपडेशन प्राइमरी स्कूलों के विद्यार्थियों से शुरू होगी। इसके बाद माध्यमिक फिर हाईस्कूल और उसके बाद 12वीं के विद्यार्थियों के आधार कार्ड बनेंगे। आधिकारियों को विद्यार्थियों का रोस्टर तैयार करते समय स्कूल शिक्षा बोर्ड की डेटशीट का ध्यान रखने को कहा गया है।
पंजाब में अब प्राइवेट प्ले स्कूलों और क्रेच के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
पंजाब में अब प्राइवेट प्ले स्कूल एवं क्रेच बिना रजिस्ट्रेशन के नहीं चल पाएंगे। अवैध रूप से चलाए जाने वाले ऐसे क्रेच और प्राइवेट प्ले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मंगलवार को पंजाब ने बाल अधिकारों की सुरक्षा संबंधी राष्ट्रीय आयोग (एनसीपीसीआर) के रेगुलेटरी दिशा-निर्देशों को अपनाया है।
राज्य में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों और क्रेचों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दी है। यह फैसला सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने स्टेट अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) काउंसिल की एक उच्चस्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता में लिया। चौधरी ने कहा राज्यभर में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों के निरीक्षण के लिए समय-समय पर निगरानी करने के लिए प्रणाली होगी।
अब रजिस्ट्रेशन के बिना किसी भी प्ले स्कूल या क्रेच को काम करने की अनुमति नहीं होगी। राज्य स्तर पर इन संस्थाओं में एक समर्पित पोर्टल पर डाटा बैंक बनाया जाएगा। साथ ही कोर्स में एकरूपता सुनिश्चित की जाएगी। इसका फैसला काउंसिल करेगी और राज्य भर में लागू किया जाएगा।