Punjab: पंजाब पुलिस की नई रणनीति, सीमा पर बनाएगी ग्रामीण चौकसी कमेटी, गैंगस्टरों व आतंकियों को मिलेगी चुनौती
पुलिस अब राज्यों के 400 थानों को सुरक्षित करने में जुट गई है। 14 जिलों को पुलिस की तरफ से फंड भी जारी कर दिया गया। इस दौरान थानों में कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।
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पंजाब के छह सरहदी जिलों में ग्रामीण चौकसी कमेटियां गठित कर पंजाब पुलिस ने आतंकियों, गैंगस्टरों और नशा तस्करों को टक्कर देने की रणनति बनाई है। ग्राउंड स्तर पर इस दिशा में काम शुरू हो गया है। पुलिस को उम्मीद है कि गांव वालों से उन्हें सबसे सटीक सूचना मिलेगी। इससे आतंकियों और गैंगस्टरों का नेटवर्क कमजोर होगा। इसी बहाने पुलिस और ग्रामीणों के रिश्ते भी मजबूत होंगे क्योंकि पहले भी कई ऑपरेशन में ग्रामीण अहम भूमिका निभा चुके हैं।
तरनतारन स्थित सरहाली थाने पर हुए आरपीजी हमले के बाद पुलिस ने नए सिरे से अपने नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में कार्रवाई शुरू की है। इस दौरान पहले चरण में फाजिल्का, फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट में ग्रामीण चौकसी कमेटियां गठित करने का फैसला लिया गया क्योंकि पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा तक वाहन तो जाते नहीं हैं। ऐसे एरिया में ग्रामीण ही सक्रिय होते हैं।
सीमा पार से कुछ भी हरकत होती है तो पहली सूचना ग्रामीणों तक पहुंचती है। अगर ग्रामीण सही समय से सूचना देते हैं तो पुलिस आरोपियों के कई ऑपरेशन को फेल कर सकती है। इसके अलावा गत समय में यह चीज भी देखने में आई है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर और आतंकी स्थानीय युवाओं को कुछ पैसे के चक्कर में गुमराह कर अपने लिए प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे लोगों के बारे में भी इन कमेटियों से सूचना जा सकती है।
अब भारत से ड्रोन उड़कर पाक से ला रहे नशा
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि अब भारत में बैठे तस्कर और गैंगस्टर यहां से ड्रोन पाकिस्तान भेज रहे हैं। साथ ही वहां से नशा व हथियार मंगवा रहे हैं। जांच में यह भी बात पता चला है कि अभी तक आरोपी स्मॉल ड्रोन इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें दो किलोग्राम से लेकर 25 किलोग्राम सामान मंगवा रहे हैं।
पुलिस की टीमें अब इस चीज में जुट गई है कि आरोपी मीडियम या लार्ज ड्रोन का इस्तेमाल न कर पाएं। इन दोनों श्रेणी में एक बार में ड्रोन 25 से 150 किलोग्राम तक सामान ला सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि वह इस मामले केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखेंगे। साथ ही मांग करेंगे ड्रोन रजिस्ट्रेशन के लिए पॉलिसी बनाई जाए ताकि कोई ड्रोन मार गिराया जाता है तो पता चल सके कि इसके पीछे कौन है।
थानों को अचूक किलों में बदलने की तैयारी
पुलिस अब राज्यों के 400 थानों को सुरक्षित करने में जुट गई है। 14 जिलों को पुलिस की तरफ से फंड भी जारी कर दिया गया। इस दौरान थानों में कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही कुछ थानों में फ्लड लाइट से लेकर अन्य इंतजाम किए जाएंगे। यह सारी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। इसके लिए कमेटियां गठित कर दी गई हैं।
हम सीमावर्ती जिलों में चौकसी कमेटियां बना रहे हैं। उम्मीद है कि इसके अच्छे नतीजे आएंगे। - सुखचैन सिंह गिल, आईजी हेडक्वार्टर।