Ludhiana Court Blast case: पंजाब पुलिस ने लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट के मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार, डीजीपी ने किया ट्वीट
लुधियाना कोर्ट में पिछले साल ब्लास्ट हुआ था। बम लगाने का आरोपी धमाके में मारा गया था। इस ब्लास्ट का कनेक्शन आतंकी जसविंदर मुल्तानी से जुड़ा था। अब पंजाब पुलिसे ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है।
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पंजाब पुलिस ने लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट केस का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है। डीजीपी पंजाब वीके भावरा ने शनिवार को एक ट्वीट कर यह जानकारी दी। डीजीपी ने कहा कि लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट के मुख्य आरोपी को बॉर्डर रेंज की एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार किया है। विस्फोट में इस्तेमाल आईईडी की तस्करी आईएसआई समर्थित ड्रोन के जरिए की गई थी। डीजीपी ने बताया कि इस ऑपरेशन का संचालन केंद्रीय एजेंसी के समन्वय में किया गया था।
Punjab Police cracks Ludhiana Court Blast case, main accused arrested by STF team of Border Range. IED used in the blast was trafficked through a drone backed by ISI. Operation was conducted in coordination with Central Agency. (1/2) pic.twitter.com/RaXLkP3wwP
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) May 21, 2022विज्ञापन
अमृतसर पुलिस ने सीमांत गांवों में दबिश देकर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से हथियार, विस्फोटक सामग्री और हेरोइन बरामद की गई है। काबू किए जाने वालों में एक आठवीं कक्षा का छात्र भी है, जो तस्करों के संपर्क में था। एसटीएफ ने यह बड़ी कार्रवाई पंजाब में छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर मनाए जाने वाले घल्लूघारा से पहले की।
आईजी बॉर्डर रेंज मोहनीष चावला ने बताया कि पुलिस ने शहर में विभिन्न जगहों पर छापेमारी करके धनोए कलां निवासी हरप्रीत हैप्पी, चक्क अल्लाह बख्श दिलबाग सिंह उर्फ बागो और धनोए खुर्द सविंदर भल्ला के अलावा आठवीं कक्षा के एक छात्र को भी गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि छात्र को जुवेनाइल कोर्ट में पेश करने के बाद चाइल्ड केयर सेंटर, लुधियाना भेज दिया गया है। जबकि गिरफ्तार तीन अन्य लोगों को पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे
आईजी चावला ने बताया कि आरोपी सविंदर सिंह और दिलबाग सिंह को 18 मई को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि उन लोगों ने पाकिस्तान आधारित तस्कर हाजी अकरम से हेरोइन की खेप 12 मई की रात को मंगवाई थी, जो दोनों ने 500-500 ग्राम बांट ली। रिमांड के दौरान उक्त हेरोइन दोनों से बरामद कर ली गई। दिलबाग सिंह ने माना कि उसके पास दो पाकिस्तानी सिम भी है, जिनके जरिए वह पाकिस्तानी तस्करों से बात करता है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक नोकिया का मोबाइल फोन, जिसमें 2 पाकिस्तानी सिम कार्ड थे, भी बरामद कर लिया।
उन्होंने बताया कि दिलबाग उर्फ बागो ने माना कि लुधियाना कोर्ट कांपलेक्स में 23 दिसंमबर 2021 को हुई विस्फोट में वह शामिल था। उसने यह भी माना कि सीमांत गांव बलड़वाल में ड्रोन के जरिए उसने आईईडी भी बरामद की, जो आईएसआई के इशारे पर भेजी गई। आईईडी उसने चौगांवा गांव के अड्डा पर अमृतसर के गांव पंजू कलाल निवासी सुरमुख उर्फ सम्मू को दी। बागो ने बताया कि उसने लुधियाना बाईपास पर आईईडी पंजाब पुलिस के बर्खास्त मुलाजिम गगनदीप सिंह को दी, जो लुधियाना कोर्ट कांप्लेक्स में हुए विस्फोट में मारा गया था। उन्होंने बताया कि बागो से की गई पूछताछ के बाद पंजू कलाल गांव के सुरमुख सिंह को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ ने जनवरी और फरवरी 2022 में तीन आईईडी बरामद की थी, जिन्हें पंजाब में विस्फोटों के लिए इस्तेमाल किया जाना था। आईजी ने बताया कि आठवीं के छात्र को जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया। उसने गिरफ्तार किए गए उक्त तीनों आरोपियों सविंदर सिंह उर्फ भोला, दिलबाग सिंह उर्फ बागो और हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी को मोबाइल फोन पर इंटरनेट सर्विसेज देने की भूमिका निभाई है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आठवीं कक्षा के छात्र की तस्करी में कोई सीधी भूमिका नहीं है।