पाक से चल रहा था ड्रग और हथियार तस्करी गिरोह, पंजाब पुलिस ने किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
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पंजाब पुलिस ने सीमा पार से चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग और हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के पूर्व सिपाही सुमित कुमार उर्फ नोनी की तरफ से चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय नशा और हथियार तस्करी के कारोबार का पर्दाफाश होने की कड़ी के तौर पर की गई। तस्करों के पास से इटली निर्मित 7.65 बोर की एक पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस, हेरोइन, ड्रग मनी, 2 मोबाइल फोन, 2 वाई-फाई डोंगल और एक केटीएम रेसिंग मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि तस्करों सिमरनजीत सिंह उर्फ सिमरन (26) निवासी गांव धीरपुर, जिला जालंधर और बलराम सिंह (26) निवासी गांव सुरखपुर, जिला कपूरथला को जालंधर के करतारपुर से गिरफ्तार किया गया है। दोनों एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी की पार्किंग से चोरी मोटरसाइकिल द्वारा हेरोइन की डिलीवरी करने जा रहे थे। इनके विरुद्ध थाना करतारपुर में आइपीसी की आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सिमरनजीत सिंह जिला कपूरथला के गांव हमीरा के एक रेत-बजरी व्यापारी के कत्ल के मामले में करीब 10 महीने पहले से भगोड़ा था।
पाक तस्कर शाह मूसा के संपर्क में थे
पंजाब पुलिस ने अमनप्रीत को गांव हमीरा के रेत बजरी कारोबारी के कत्ल केस में गिरफ्तार किया था। जांच में यह पाया गया कि दोषी और उसके भाई अंतरराष्ट्रीय सरहद पर नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए पाकिस्तान के शाह मूसा के साथ संपर्क में थे। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अमनप्रीत बीएसएफ के पूर्व सिपाही सुमित के द्वारा शाह मूसा के संपर्क में आया था जो कि एक कत्ल केस में गुरदासपुर जेल में बंद था।
सीमा पार से नशे और हथियारों की तस्करी करने की साजिश गुरदासपुर जेल में ही रची गई थी। कत्ल केस में जमानत मिलने के बाद सुमित को जम्मू के सांबा सेक्टर में पाकिस्तान के साथ लगती सरहद पर एक गार्ड टावर पर तैनात किया गया था, जहां से वह सीमा पार के तस्करों के साथ लगातार संपर्क में रहता था, जो कि आगे पाकिस्तान के शाह मूसा के संपर्क में थे।
दो किस्तों में सुमित को मिले थे 39 लाख
डीजीपी ने बताया कि सुमित ने सीमा बाड़ वाली जगह पर 40 पैकेट हेरोइन और एक 9 एमएम पिस्टल की डिलीवरी के लिए रास्ते का बंदोबस्त किया था। उसने कुछ अज्ञात व्यक्तियों को हेरोइन की डिलीवरी करने के बाद पिस्टल अपने पास अपनी सुरक्षा के लिए रखा था। सुमित को नशे और हथियारों की सफलतापूर्वक प्राप्ति के लिए 15 लाख और 24 लाख रुपये की दो किस्तों में 39 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि सिमरनजीत सिंह उर्फ सिमरन जो कि अमनप्रीत सिंह का सगा भाई है, ने कबूल किया है कि उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर गांव हमीरा के रेत-बजरी के कारोबारी जगजीत सिंह को गोली मारी थी।