बड़ा फैसला: विधानसभा में प्रवेश से पहले विधायकों का होगा कोरोना टेस्ट, तुरंत मिलेगी रिपोर्ट
- संक्रमित विधायकों के संपर्क में रहने वालों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही अंदर जाने दिया जाएगा
- पंजाब का एक दिवसीय सत्र आज , लगभग पूरे विपक्ष को ही टेस्ट से गुजरना होगा
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पंजाब सरकार ने एक दिवसीय विधानसभा सत्र से एक दिन पहले गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है। पॉजिटिव आए अपने साथी विधायकों के करीबी संपर्क में रहे विधायकों का शुक्रवार को सत्र आरंभ होने से पहले टेस्ट किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तुरंत आ जाएगी। इसमें अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई तो उसे सदन में प्रवेश नहीं मिलेगा।
राज्य सरकार ने यह फैसला विपक्षी दलों के विधायकों की जिद को देखते हुए लिया है। इन विधायकों ने अपनी निगेटिव रिपोर्ट का हवाला देते हुए एलान किया है कि एकांतवास में रहने के बजाय वे सदन की कार्यवाही में जरूर शामिल होंगे। वहीं, नए आदेश के हिसाब से लगभग पूरे विपक्ष के सदस्यों का टेस्ट होगा क्योंकि वे अपने संक्रमित साथियों के संपर्क में थे।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को कोविड संबंधी स्थिति का जायजा लेने के लिए अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की। इस दौरान मुख्य सचिव विनी महाजन ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि कोरोना पॉजिटिव विधायकों के संपर्क में आने वाले विधायक अगर सत्र में हाजिरी लगाने के इच्छुक हैं तो वे विधानसभा में टेस्टिंग के लिए जल्दी पहुंचें। विधानसभा का सत्र शुक्रवार को 11 बजे आरंभ होगा।
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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की तरफ से जल्द टेस्ट रिपोर्ट के लिए विधानसभा के साथ-साथ पंजाब भवन और एमएलए हॉस्टल में सत्र से पहले टेस्टिंग के लिए ट्रूनेट और आरएटी मशीनें लगाने के निर्देश दिए थे। इससे सत्र शुरु होने से 48 घंटे पहले कोविड टेस्ट में निगेटिव आने वालों को ही सत्र में शामिल होने की अनुमति दे दी जाती। लेकिन संक्रमित विधायकों के संपर्क में रहे विधायक अपनी पहले की निगेटिव रिपोर्ट का हवाला देते हुए न इसके लिए माने और न ही एक सप्ताह तक एकांतवास में रहने को तैयार हुए।
सूबे में संक्रमित मंत्रियों-विधायकों की संख्या 29 हुई
पंजाब में कोरोना से संक्रमित मंत्रियों और विधायकों की संख्या गुरुवार को 29 तक पहुंच गई। बुधवार तक यह संख्या 23 थी। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों से अपील की है कि जो भी संक्रमित मंत्रियों-विधायकों के संपर्क में रहे हैं, वे शुक्रवार को विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में हिस्सा न लें।
आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से दिए जा रहे धरनों का उल्लेख करते हुए कैप्टन ने कहा कि ये आम लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। आप को धरने बंद करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये इस महामारी को फैलाने के लिए आग में घी का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायकों में से अब तक चार सदस्य (एक बागी विधायक) कोविड पॉजिटिव आ चुके हैं।
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