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पंजाब: भारत-पाक सीमा पर जगह-जगह तस्करी के अड्डे, हर बार तरीका बदल रहे तस्कर
Sun, 23 Aug 2020 11:55 AM IST
ajay kumar
अनिल कुमार, फिरोजपुर (पंजाब)
अनिल कुमार, फिरोजपुर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 23 Aug 2020 11:55 AM IST
सार
- फेंसिंग पार खेती के लिए कम और तस्करी के इरादे से ज्यादा जाते हैं लोग
- फिरोजपुर में बीएसएफ सरहद पर कई पाक तस्करों को कर चुकी है ढेर
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बीएसएफ जवान निगरानी करते हुए।
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विस्तार
पाकिस्तान की ओर बह रही सतलुज नदी क्षेत्र में सरकंडों का जंगल फैला है। इसी की आड़ में पाक तस्कर हेरोइन व हथियारों की तस्करी करते हैं।फिरोजपुर में बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) सरहद पर कई पाक तस्करों को ढेर कर चुकी है। सरहद पर लगी फेंसिंग में प्लास्टिक का पाइप डालकर भारतीय तस्करों को हेरोइन की डिलीवरी देते समय भी पाक तस्कर मारे जा चुके हैं।
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बीएसएफ की गोली का निशाना बन रहे पाक तस्करों ने फिर तस्करी के तरीके बदल दिए। फेंसिंग पार खेती करने के लिए लोग कम और तस्करी के इरादे से ज्यादा जाते हैं। पाक तस्कर कस्सी की हत्थी के बीच, थरमस, कोल्डड्रिंक की बोतल, जूतों के थलों में, बैलगाड़ी के टायर में हेरोइन भेजते थे, यहां से जाने वाले लोग भी उसी तरह की वस्तु लेकर फेंसिंग पार खेतों में जाते थे ताकि वापस आते समय बीएसएफ को शक न हो।
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ये सब हथकंडे पता चले तो तस्करों ने नदी और सरकंडों के जंगल का रास्ता चुना। सरकंडों में जंगली जानवर और जहरीले सांपों का खतरा होता है लेकिन तस्कर इसी रास्ते को चुनते हैं ताकि बीएसएफ को चकमा देकर हेरोइन और हथियारों की डिलीवरी पहुंचा सके। हरिके पत्तन से लेकर फाजिल्का तक लगभग सात बार नदी भारत और पाक में प्रवेश होती है। जहां से नदी प्रवेश होती है वही तस्करी का मुख्य अड्डा है। खतरा अधिक होने के बावजूद तस्करी इसी रास्ते को चुनते हैं।
मोबाइल फोन व व्हाट्सएप आने पर तस्करों का काम आसान हो गया। व्हाट्सएप के जरिये भारतीय तस्कर जगह पाक तस्करों को बता देते हैं, वहीं पर पाक तस्कर हेरोइन पहुंचा देते हैं। अब तो पाक तस्करों ने ड्रोन से हेरोइन व हथियारों की खेप पहुंचाना शुरू कर दी है। पाक तस्करों व पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से तरनतारन व जम्मू सेक्टर में ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाएं जा चुके हैं।