पंजाब: अटारी के रास्ते 83 भारतीयों की वतन वापसी, पांच माह से पाकिस्तान में थे फंसे
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लॉकडाउन के कारण अटारी-वाघा बॉर्डर के प्रवेश द्वार बंद होने से पिछले पांच महीनों से पाकिस्तान में फंसे 83 भारतीय वतन लौट आए हैं। पाकिस्तान रेंजर अधिकारियों ने इन नागरिकों को अटारी सड़क सीमा पर बीएसएफ के जवानों के हवाले किया। बीएसएफ अधिकारियों ने सभी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की।
बारिश के बीच वतन पहुंचे इन सभी भारतीयों को बॉर्डर से बसों में बैठाकर इंटीग्रेटिड चेक पोस्ट (आईसीपी) पहुंचाया गया। वहां इमीग्रेशन अधिकारियों ने इनके पासपोर्ट व सीमा शुल्क विभाग ने सामान की जांच की। डॉक्टरों की एक टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग की।
पाकिस्तान से आने वाले भारतीयों में जम्मू-कश्मीर के 27, उत्तर प्रदेश के 26, दिल्ली के 25, पंजाब के सात, हरियाणा और मध्य प्रदेश के चार-चार, महाराष्ट्र से छह, गुजरात से 9, तेलंगाना से दो और कर्नाटक व एक अन्य राज्य का एक-एक नागरिक है। लॉकडाउन के कारण भारत में फंसे 495 पाकिस्तानी और पाकिस्तान में फंसे 722 भारतीय वतन लौट चुके हैं।
प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि पाकिस्तान से लौटने वाले जिन व्यक्तियों के पास अपने राज्य जाने की अनुमति होगी, उन्हें विशेष बसों से भेज दिया जाएगा। जिन के पास इस प्रकार की सरकारी आज्ञा नहीं होगी, उन सभी को अमृतसर में क्वारंटीन किया जाएगा। यदि वे किसी होटल में क्वारंटीन होना चाहते हैं तो यह सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
सात दिन छह महीनों पर भारी पड़ जाएंगे: जफरी खान
राजस्थान के बीकानेर से अपनी पत्नी को लेने अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे जफरी खान ने बताया कि उसकी बेटी कराची में ब्याही है। उसे बेटा हुआ था। बेटी से मिलने उसकी पत्नी सात फरवरी को कराची गई थी। एक महीने बाद घर लौटना था। उनकी पत्नी भी कराची की रहने वाली है। इसलिए बेटी के घर एक महीना रहने के बाद वह अपने मायके चली गई। घर न लौट पाने का काफी तनाव था।
टेलीफोन से बातचीत हो जाती थी लेकिन परिवार को उसकी कमी महसूस होती थी। पाकिस्तान से दो बार भारतीय वतन लौटे लेकिन उसकी पत्नी के दस्तावेज क्लियर नहीं हुए थे। चार दिन पहले उसे दूतावास से फोन आया कि वह दस तारीख को वाघा के रास्ते भारत में प्रवेश करेंगी। पत्नी से छह महीने से मिल नहीं पाए हैं। अब लगता है कि वह सात दिन तक अमृतसर में क्वारंटीन रहेंगे। यह सात दिन छह महीनों पर भारी पड़ेंगे।
नियमों का हवाला देकर परिजनों को नहीं मिलने दिया
अपने परिजनों को लेने अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे कई लोगों की समस्या यह थी कि वह अपने राज्यों की सरकारों से अनुमति लेकर नहीं आए थे, जिससे पाकिस्तान से आने वाले उनके परिजनों को अमृतसर में सात दिन क्वारंटीन न होना पड़ता। जिला प्रशासन ने दूर-दूर से आए इन लोगों को पाकिस्तान से आए रिश्तेदारों से नहीं मिलने दिया। उन्होंने अधिकारियों से अपील कर अपने परिजन को साथ ले जाने की आज्ञा मांगी लेकिन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर इंकार कर दिया।