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नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी के क्लर्क को धुना
अमर उजाला मोगा
Updated Mon, 13 Oct 2014 10:38 PM IST
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अनाज मंडी में 8 दिन से धान न बिकने के कारण मंडियों में परेशान होे रहे किसानों ने मार्केट कमेटी के क्लर्क की धुनाई कर डाली। किसानों ने आरोप लगाया कि धान में अधिक नमी होने का बहाना बना कर उनको कई दिन परेशान किया और अब धान सूख गया और नमी की मात्रा भी ठीक हो गई तो धान बदरंगा कह कर खरीदने से इंकार कर दिया।
कि रती किसान यूनियन के जिला प्रधान देविंदर सिंह घाली ने बताया कि दर्शन सिंह गांव घल्लकलां और अन्य किसान 8 दिन से मंडी में परेशान हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडियों में पहुंचे धान में अधिक नमी का बहाना बना कर सरकारी खरीद एजेंसियां धान खरीद नही कर रहे हैं।
रविवार को किसानों ने खरीद अधिकारी अश्वनी कुमार को कई बार फोन कर आने को कहा। पहले तो आने का कहते रहे और शाम को फोन भी रसीव नहीं किया। उन्होंने कहा कि धान की खरीद न होने के कारण मंडियों में किसानों को परेशानी हो रही है।
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उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने मंडी बोर्ड आधिकारियों के अलावा उपमंडल मजिस्ट्रेट के साथ उनकी मौजूदगी में नमी चेक करने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि आधिकारियों की हिदायत पर मंडी में पहुंचे मार्केट कमेटी क्लर्क ने किसानों के साथ बुरा सलूक किया तो मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को कम भाव पर बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मंडी गेट पर नमी चेक की तो वहां 17 प्रतिशत से भी कम होती है लेकिन जब सरकारी खरीद एजेंसियां अपने मीटर से नमी चेक करती हैं तो वह 20 से 22 प्रतिशत नमी शो करता है। इस समस्या संबंधी किसान नेताओं का वफद उपमंडल मजिस्ट्रेट सुरिंदर कौर और मार्केट समिति के सचिव को भी मिला।
दूसरी तरफ किसानों की मारपीट के शिकार मार्केट कमेटी मुलाजिम का सिविल अस्पताल में डाक्टरी मेडिकल करवाया गया है। मार्केट कमेटी मुलाजिम ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी धान खरीद में कोई ड्यूटी नहीं है और वे सिर्फ मंडी में आने वाले धान की ढेरी दर्ज करता है और किसानों ने उसकी ड्यूटी में बाधा डालने के साथ उसकी मारपीट की। जिला प्रशासन इस मामले को सुलझाने का यत्न कर रहा है।
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कि रती किसान यूनियन के जिला प्रधान देविंदर सिंह घाली ने बताया कि दर्शन सिंह गांव घल्लकलां और अन्य किसान 8 दिन से मंडी में परेशान हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडियों में पहुंचे धान में अधिक नमी का बहाना बना कर सरकारी खरीद एजेंसियां धान खरीद नही कर रहे हैं।
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रविवार को किसानों ने खरीद अधिकारी अश्वनी कुमार को कई बार फोन कर आने को कहा। पहले तो आने का कहते रहे और शाम को फोन भी रसीव नहीं किया। उन्होंने कहा कि धान की खरीद न होने के कारण मंडियों में किसानों को परेशानी हो रही है।
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उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने मंडी बोर्ड आधिकारियों के अलावा उपमंडल मजिस्ट्रेट के साथ उनकी मौजूदगी में नमी चेक करने के लिए संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि आधिकारियों की हिदायत पर मंडी में पहुंचे मार्केट कमेटी क्लर्क ने किसानों के साथ बुरा सलूक किया तो मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को कम भाव पर बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मंडी गेट पर नमी चेक की तो वहां 17 प्रतिशत से भी कम होती है लेकिन जब सरकारी खरीद एजेंसियां अपने मीटर से नमी चेक करती हैं तो वह 20 से 22 प्रतिशत नमी शो करता है। इस समस्या संबंधी किसान नेताओं का वफद उपमंडल मजिस्ट्रेट सुरिंदर कौर और मार्केट समिति के सचिव को भी मिला।
दूसरी तरफ किसानों की मारपीट के शिकार मार्केट कमेटी मुलाजिम का सिविल अस्पताल में डाक्टरी मेडिकल करवाया गया है। मार्केट कमेटी मुलाजिम ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी धान खरीद में कोई ड्यूटी नहीं है और वे सिर्फ मंडी में आने वाले धान की ढेरी दर्ज करता है और किसानों ने उसकी ड्यूटी में बाधा डालने के साथ उसकी मारपीट की। जिला प्रशासन इस मामले को सुलझाने का यत्न कर रहा है।